यूपी बोर्ड में फेल होकर भी पास हुए 2.51 लाख छात्र क्या है माध्यमिक शिक्षा परिषद का वो जादुई नियम?

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाईस्कूल का रिजल्ट जारी कर दिया है, लेकिन इस बार के नतीजों ने एक हैरान करने वाला आंकड़ा पेश किया है। बोर्ड की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, हाईस्कूल के करीब 2.51 लाख छात्र ऐसे हैं जो एक विषय में फेल हो गए थे, लेकिन फिर भी उन्हें मार्कशीट में 'पास' घोषित किया गया है। आखिर यह कैसे संभव हुआ? छात्र और अभिभावक इस उलझन में हैं कि एक विषय में फेल होने के बावजूद छात्र सफल कैसे माने गए।क्या है यूपी बोर्ड का 'छह विषयों' वाला गणित?दरअसल, यूपी बोर्ड हाईस्कूल के छात्रों के पास कुल 6 अनिवार्य विषय होते हैं।
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बोर्ड के 'पासिंग रूल' के अनुसार, यदि कोई छात्र पांच विषयों में पास हो जाता है और केवल एक विषय में फेल होता है, तो उसे 'पास' मान लिया जाता है।इस नियम के पीछे का तर्क यह है कि छात्र को अपनी आगे की पढ़ाई (कक्षा 11वीं) जारी रखने का मौका मिले। हालांकि, मार्कशीट पर उस विषय के आगे 'फेल' या कम अंक दर्ज होते हैं, लेकिन अंतिम परिणाम (Final Result) में उसे सफल घोषित कर दिया जाता है।दो विषयों में फेल होने पर क्या है रास्ता?यूपी बोर्ड के नियमों के मुताबिक, कहानी सिर्फ एक विषय तक सीमित नहीं है।एक विषय में फेल: छात्र को पास माना जाता है और वह चाहे तो इंप्रूवमेंट परीक्षा दे सकता है या उसे वैसे ही छोड़ सकता है।दो विषयों में फेल: यदि छात्र दो विषयों में फेल होता है, तो उसे 'कंपार्टमेंट' (Compartment) की श्रेणी में रखा जाता है।
ऐसे छात्रों को एक विषय की परीक्षा दोबारा देकर पास होने का मौका मिलता है।तीन या अधिक विषय: तीन से ज्यादा विषयों में फेल होने पर छात्र को पूरी तरह फेल माना जाता है और उसे साल दोहराना पड़ता है।हिंदी में फेल होने पर नहीं मिलेगी राहत!यहाँ एक बड़ा 'पेंच' भी है जिसे समझना जरूरी है। यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार, हिंदी विषय में पास होना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र अन्य पांच विषयों में टॉपर है लेकिन हिंदी में फेल हो गया है, तो उसे बाकी विषयों के आधार पर पास नहीं माना जाएगा। हिंदी में फेल होने का मतलब है कि छात्र को पूरी तरह फेल घोषित कर दिया जाएगा।
इस बार जो 2.51 लाख छात्र फेल होकर पास हुए हैं, उनमें से अधिकांश गणित या विज्ञान जैसे कठिन विषयों में पिछड़ गए थे।छात्रों के पास अब क्या है विकल्प?जो छात्र एक विषय में फेल होने के बावजूद पास हुए हैं, वे अपनी मार्कशीट सुधारने के लिए 'इंप्रूवमेंट' परीक्षा का विकल्प चुन सकते हैं। बोर्ड जल्द ही इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगा। यह उन छात्रों के लिए बेहतरीन मौका है जो अपने प्रतिशत (Percentage) को बढ़ाना चाहते हैं या अपनी मार्कशीट पर लगा 'फेल' का दाग हटाना चाहते हैं।