त्योहारों से पहले चीनी पर सरकार का बड़ा कदम: अक्टूबर के पहले 15 दिन का बिक्री कोटा 14 लाख टन, कीमतें काबू में रहने की उम्मीद

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त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले केंद्र सरकार ने चीनी के खरीदारों को बड़ी राहत दी है। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने अक्टूबर के पहले 15 दिनों के लिए चीनी का बिक्री कोटा 1.40 मिलियन टन यानी 14 लाख टन तय किया है। यह सितंबर के 1.30 मिलियन टन से ज्यादा है।

कोटा बढ़ाने के पीछे नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा और दीवाली की मांग है। त्योहारों में मिठाइयों और पेय पदार्थों की खपत बढ़ जाती है, जिससे चीनी की मांग में तेज उछाल आता है।

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सरकार चाहती है कि आपूर्ति भरपूर रहे और कीमतें न बढ़ें।

गौरतलब है कि सितंबर से सरकार हर 15 दिन में कोटा तय कर रही है। पहले यह मासिक होता था, लेकिन व्यापारी महीने के आखिरी दिनों में स्टॉक रोककर कीमतें बढ़ा देते थे। पंद्रह-दिवसीय व्यवस्था से यह चाल अब मुश्किल हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं को सीधा फायदा हो रहा है।

तुलना करें तो अक्टूबर 2025 में कोटा 2.40 मिलियन टन और अक्टूबर 2024 में 2.55 मिलियन टन था। इस बार कम कोटा इसलिए है क्योंकि जुलाई-अगस्त में चीनी के दाम तेज बढ़े थे, जिसके बाद सरकार ने स्टॉक सीमा लगाई और कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी।

इन कदमों से खुदरा भाव में सुधार आया और अब चीनी करीब ₹57.50 प्रति किलो मिल रही है — रिकॉर्ड स्तर से 11-12% नीचे।

विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों में मांग ज्यादा रहने के बावजूद इस बार आपूर्ति प्रबंधन बेहतर है। पंद्रह-दिवसीय कोटा प्रणाली से बाजार में निरंतर आपूर्ति बनी रहेगी और कालाबाजारी की संभावना घटेगी। हालांकि लगातार मांग के कारण कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव संभव है।

मिठाई निर्माताओं और व्यापारियों के लिए भी यह राहत भरी खबर है, क्योंकि दीवाली के सीजन में चीनी की मांग साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच जाती है।

सलाह: दीवाली तक चीनी का स्टॉक पर्याप्त रहने की उम्मीद है — घबराकर थोक में खरीदारी करने की जरूरत नहीं।