ब्रेकिंग न्यूज़: ट्रंप सरकार ने भारत को दिया बड़ा झटका, अब बंद होगा रूस का 'सस्ता तेल'
भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए वैश्विक मंच से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। ईरान और रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच, भारत को मिल रही ‘सस्ते तेल’ की राहत पर अब अमेरिका ने पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के इस कड़े फैसले ने भारतीय बाजार में खलबली मचा दी है।
छूट का दौर हुआ खत्म: क्या था अमेरिकी प्लान?पूरा मामला फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़ा है, जिसने वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मचा दिया था।
ट्रंप प्रशासन के इस फैसले के पीछे अमेरिका की आंतरिक राजनीति का भी बड़ा हाथ है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी लगातार यह आरोप लगा रही थी कि इस छूट के जरिए रूस को इतना पैसा मिल रहा है जिससे वह यूक्रेन के खिलाफ अपनी युद्ध मशीनरी को और मजबूत कर रहा है। सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंटल जैसे नेताओं का तर्क था कि एक तरफ रूस और ईरान अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, तो दूसरी तरफ उन्हें आर्थिक राहत देना आत्मघाती है। इसी दबाव और सामरिक सुरक्षा को देखते हुए ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने अब सख्त रुख अपनाया है और समय सीमा बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है।
रूस और ईरान से सस्ते तेल का रास्ता बंद होने का सीधा मतलब है कि भारत की निर्भरता अब खाड़ी देशों और अमेरिकी बाजार पर बढ़ेगी। यह तेल न केवल महंगा होगा बल्कि इसकी आपूर्ति भी अनिश्चित हो सकती है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में उछाल आने की पूरी संभावना है। अब भारत सरकार को रूस के साथ व्यापार जारी रखने के लिए ‘रुपया-रुबल’ जैसे वैकल्पिक पेमेंट गेटवे पर तेजी से काम करना होगा, अन्यथा महंगाई की एक नई लहर देश को अपनी चपेट में ले सकती है।