होर्मुज विवाद पर ईरान की पहली प्रतिक्रिया: 'भारत से रिश्ता अटूट, हमें हमले की जानकारी नहीं'
इंटरनेशनल डेस्क: ईरान और अमेरिका के बीच गहराते तनाव ने एक बार फिर दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz), जो दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है, वहां से गुजर रहे भारतीय ध्वज वाले दो जहाजों पर फायरिंग की घटना ने स्थिति को विस्फोटक बना दिया है.
समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब ‘जग अर्नव’ (Jag Arnav) और ‘सनमार हेराल्ड’ (Sanmar Herald) जैसे जहाज इस संकरे जलमार्ग से गुजर रहे थे. क्षेत्र में पहले से ही तनाव था, लेकिन इस सीधे हमले ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं. घटना के तुरंत बाद, भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली में ईरानी राजदूत मोहम्मद फताअली को तलब किया और अपने नाविकों की सुरक्षा पर सख्त नाराजगी जताई.
क्रू मेंबर का दर्द: ‘आपने रास्ता दिया और अब गोली चला रहे हैं’इस बीच एक रोंगटे खड़े कर देने वाला ऑडियो क्लिप सामने आया है. इसमें एक भारतीय जहाज का क्रू मेंबर बेहद डरा हुआ और गुस्से में सुनाई दे रहा है. वह समुद्री अधिकारियों से कह रहा है, “आपने हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिया और अब फायरिंग कर रहे हैं, हमें वापस मुड़ने की इजाजत दीजिए.” यह ऑडियो बताता है कि समुद्र के बीच उस वक्त हालात कितने भयावह थे.
होर्मुज के हालात पर 10 लेटेस्ट अपडेट्स1. भारतीय जहाजों पर फायरिंग:
2. जहाजों को मामूली नुकसान: सरकारी सूत्रों के अनुसार, दोनों जहाजों को हल्का नुकसान पहुंचा है. जहाजों की ‘ब्रिज विंडो’ (मुख्य खिड़की) पर गोलियां लगने की पुष्टि हुई है, लेकिन कोई बड़ा तकनीकी फॉल्ट नहीं आया है.
3. गनबोट्स का हमला:
एक टैंकर के कप्तान ने बड़ा दावा किया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की दो गनबोट्स उनके जहाज के करीब आईं और फायरिंग शुरू कर दी. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.4. ईरानी राजदूत तलब: भारत के विदेश मंत्रालय ने तुरंत एक्शन लेते हुए ईरानी राजदूत मोहम्मद फताअली को बुलाया. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इस ‘शूटिंग इंसिडेंट’ पर भारत की ‘गहरी चिंता’ व्यक्त की.
5. सुरक्षित मार्ग की मांग:
6. ‘भटकी हुई गोलियां’ का एंगल: भारतीय सूत्रों का कहना है कि शायद जहाजों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया था, बल्कि वे पास में चल रही फायरिंग की ‘भटकी हुई गोलियों’ की चपेट में आ गए. फिर भी, सुरक्षा चूक पर सवाल बरकरार हैं.
7. अंतरराष्ट्रीय अलर्ट:
8. रास्ता बंद होने की दहशत: कई जहाजों को VHF रेडियो पर संदेश मिला कि ईरान ने होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है. हालांकि यह आधिकारिक आदेश नहीं था, लेकिन इससे जहाजों के बीच भारी दहशत फैल गई और कई जहाजों ने रास्ता बदल लिया.
9. ईरान की ‘शांति’ वाली सफाई:
10. परमाणु मुद्दा और तनाव: ईरानी नेताओं के ताजा बयानों से लग रहा है कि वे अमेरिका के दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं. इससे आने वाले दिनों में होर्मुज में टकराव और बढ़ने की आशंका है.
होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई यह फायरिंग सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है. भारत के लिए यह रणनीतिक और आर्थिक दोनों रूप से बड़ी चुनौती है. अब देखना होगा कि कूटनीति इस संकट को कैसे टालती है.