रविवार की सुबह खाली पेट चाय पीना सही है या गलत? पेट और पाचन पर पड़ सकता है ये असर
रविवार की सुबह हो और बिस्तर पर ही गरमागरम चाय मिल जाए, इससे सुखद शुरुआत बहुतों के लिए और कोई नहीं होती। भारत के ज्यादातर घरों में दिन की शुरुआत चाय से ही होती है, वह भी अक्सर खाली पेट। कुछ लोग सालों से ऐसे ही चाय पीते हैं और उन्हें कोई परेशानी नहीं होती, जबकि कुछ लोगों को सुबह की चाय के बाद पेट में जलन, गैस, खट्टी डकार या भारीपन महसूस होने लगता है। सवाल उठता है कि खाली पेट चाय पीना सही है या गलत।
चाय में कैफीन और टैनिन जैसे तत्व होते हैं। रात भर के बाद सुबह पेट खाली होता है और उसमें प्राकृतिक रूप से अम्ल मौजूद रहता है। ऐसे में तेज और कड़क चाय पीने से कुछ लोगों के पेट की अंदरूनी परत में जलन बढ़ सकती है और एसिडिटी की शिकायत पैदा हो सकती है। जिन लोगों को पहले से गैस या एसिडिटी की समस्या रहती है, उन्हें यह असर ज्यादा महसूस हो सकता है।
अगर आपको सुबह की चाय के बाद अक्सर जलन या भारीपन होता है, तो चाय पूरी तरह छोड़ने के बजाय तरीका बदलकर देखना आसान रास्ता है। उठने के बाद सबसे पहले एक गिलास सामान्य पानी पिएं। चाय के साथ दो बिस्कुट, खाखरा या हल्का नाश्ता जरूर लें, ताकि चाय सीधे खाली पेट पर न पड़े।
सुबह की चाय के तुरंत बाद लेट जाना, खाली पेट बहुत मसालेदार खाना या देर रात भारी खाना खाकर सोना भी एसिडिटी को बढ़ा सकता है। देर रात भारी भोजन करने वालों को सुबह पेट पहले से भारी रहता है, ऐसे में खाली पेट तेज चाय तकलीफ और बढ़ा सकती है।
अगर एसिडिटी या सीने की जलन हफ्ते में बार-बार होती है, निगलने में तकलीफ रहती है, पेट का दर्द लंबे समय तक बना रहता है या उलटी और मल का रंग असामान्य दिखाई देता है, तो घरेलू अंदाजों पर रुकना सही नहीं है। ये लक्षण कई कारणों से हो सकते हैं, इसलिए समय पर डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, चिकित्सा सलाह नहीं। किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह लें।