'आओ बच्चू, दंगा करा कर देख लो…' सीएम योगी की इस खुली चुनौती से मची खलबली, जानिए क्यों भड़के मुख्यमंत्री?

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंबेडकरनगर में एक विशाल विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने बेहद कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि जो लोग खुद अपने संगठन और खुद को नहीं संभाल पा रहे हैं, वे इस 25 करोड़ की आबादी वाले विशाल प्रदेश को क्या संभालेंगे। यही मुख्य वजह थी कि समाजवादी पार्टी की सरकारों के दौरान दंगाइयों के सामने हमेशा सरकारें घुटने टेक दिया करती थीं।

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उन्होंने विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि अब अगर कोई दंगा कराने की धमकी देता है, तो उसे सीधा जवाब मिलता है, “आओ बच्चू, थोड़ा दंगा करवा लो, हम तुम्हें अच्छी तरह सिखा देते हैं कि दंगा कैसा होता है।”

नोएडा के अंधविश्वास और कुर्सी के डर पर सीएम योगी का करारा प्रहार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने पुरानी सरकारों के डर और अंधविश्वासों का भी खुलकर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि साल 2017 से पहले भी प्रदेश में मुख्यमंत्री हुआ करते थे, लेकिन उन्हें गोविंद साहब धाम आने की फुर्सत कभी नहीं मिली।

वे नोएडा जाने से सिर्फ इसलिए कांपते थे कि कहीं उनकी कुर्सी न खिसक जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वह खुद साल 2017 में सत्ता में आए और उन्होंने नोएडा जाने का कार्यक्रम बनाया, तो उन्हें भी यही डराया गया था कि वहां जाने से कुर्सी चली जाती है। इस पर उन्होंने दो टूक कह दिया था कि जो कुर्सी कल जानी है, वह आज ही चली जाए, तो भी कोई परवाह नहीं, क्योंकि वह जनता की सेवा करने आए हैं। आखिरकार जनता ने उन डरपोक नेताओं की कुर्सी हमेशा के लिए विदा कर दी।

706 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का तोहफा और नया मेला स्वरूप

अंबेडकरनगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जलालपुर, आलापुर और टांडा विधानसभा क्षेत्रों के लिए 706 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कुल 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कई लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं के स्वीकृति पत्र, प्रमाणपत्र और चेक भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि हर साल लगने वाला प्रसिद्ध गोविंद साहब धाम मेला अब आधिकारिक रूप से ‘राजकीय मेला’ के रूप में मान्यता प्राप्त करेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग के अनुरूप इस मेले को भव्य राजकीय परंपरा और आधुनिक यात्री सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
इसके साथ ही सरकार जल्द ही एक नई युवा नीति लेकर आने वाली है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किलिंग और रोजगार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

सपा शासनकाल के काले कारनामों और माफिया राज पर तंज

पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि उस दौर में साइकिल का झंडा लेकर घूमने वाले लोग अवैध वसूली करते थे और थानों से लेकर तहसीलों तक उनका कब्जा रहता था। जैसे ही कोई सरकारी नौकरी का विज्ञापन निकलता था, वैसे ही ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ वसूली के लिए मैदान में कूद पड़ती थी।

भाई-भतीजावाद इस कदर हावी था कि बिना पैसे दिए योग्य युवाओं को कभी नौकरी नहीं मिलती थी। उन्होंने कहा कि पहले हर जिले में एक-एक मुख्य माफिया पाला जाता था और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ का दौर चल रहा था, जबकि आज उनकी सरकार में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ की पहचान बन रही है। संभल और बरेली की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अब प्रदेश में कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले उपद्रवियों और दंगाइयों के लिए सिर्फ दो ही जगहें बची हैं—या तो जेल या फिर जहन्नुम।