पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता? क्रूड 95 डॉलर पर आया, हरदीप पुरी के संकेत, अब तक 3 बार घट चुकी एक्साइज ड्यूटी
क्या पेट्रोल-डीजल सस्ते होने वाले हैं? अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें घटकर 95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं और इसके बाद केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आम जनता को राहत के संकेत दिए हैं. 1 अक्टूबर को उन्होंने फ्यूल की कीमतों और बायो-गैस के भविष्य को लेकर कई अहम बातें साझा कीं.
मंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने अब तक तीन अलग-अलग मौकों पर पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है.
हरदीप सिंह पुरी ने माना कि टैक्स कटौती के कारण राजस्व का भारी नुकसान हुआ, जिससे सरकार एक वक्त काफी डरी हुई थी. हालांकि उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव से आम उपभोक्ताओं को बचाने और ईंधन की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद जरूरी था.
बाजार में यह चर्चा थी कि प्राइवेट कंपनियां ईंधन की बिक्री सीमित या कैप कर रही हैं. इस पर मंत्री ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि वे इस मामले में समझदारी से कदम उठाना पसंद करते हैं. वहीं, पेट्रोलियम सचिव ने साफ किया कि किसी भी प्राइवेट प्लेयर को बिक्री सीमित करने की इजाजत नहीं है और सरकार इस संबंध में पहले भी दिशानिर्देश जारी कर चुकी है.
बायोगैस को लेकर सरकार का प्लान काफी महत्वाकांक्षी है. मुख्य फोकस गोवर्धन (GOBARDHAN) योजना के जरिए कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन 10 गुना बढ़ाने पर है.
शहरों के पुराने कचरे के ढेरों को हटाने और वैज्ञानिक तरीके से वेस्ट प्रोसेसिंग को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है. सरकार का कहना है कि LPG पर दी जाने वाली सब्सिडी का मुख्य उद्देश्य गरीबों का बोझ कम करना है, जबकि बायोमास का अधिकतम इस्तेमाल अब बेहद जरूरी अनिवार्यता बन चुका है.
कुल मिलाकर, क्रूड की नरमी और सरकार के संकेतों से आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत की उम्मीद बढ़ गई है.
सलाह: ईंधन की कीमतों में संभावित राहत पर नजर रखें — लंबी दूरी की यात्रा या बड़े खर्च की योजना थोड़ा रुककर बना सकते हैं.