अखिलेश यादव के करीबी कमाल अख्तर को मिलने वाली है बड़ी जिम्मेदारी?
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) के दिग्गज नेता और कांठ विधानसभा सीट से विधायक कमाल अख्तर ने अचानक विधानसभा में मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के पद से इस्तीफा देकर सबको हैरत में डाल दिया है।
दरअसल, समाजवादी पार्टी के भीतरखाने से आ रही अंदरूनी खबरों ने इन सभी कयासों पर विराम लगा दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कमाल अख्तर के इस्तीफे का रूचि वीरा प्रकरण से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।
असल में, सपा आलाकमान अपने इस कद्दावर मुस्लिम चेहरे को संगठन में कोई बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि इसी बड़ी भूमिका के लिए जमीन तैयार करने के मकसद से उन्होंने मुख्य सचेतक का पद छोड़ा है।मुरादाबाद में संगठन को बचाने के लिए दी ‘कुर्बानी’?पार्टी के भीतर इस बात को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं कि कमाल अख्तर का यह कदम एक बड़ी सियासी रणनीति का हिस्सा है। उनके करीबी सूत्रों की मानें तो मुरादाबाद में संगठन के स्थानीय नेताओं पर कोई गाज न गिरे और गुटबाजी की वजह से पार्टी को नुकसान न हो, इसलिए कमाल अख्तर ने खुद आगे बढ़कर यह ‘कुर्बानी’ दी है।
कमाल अख्तर की गिनती समाजवादी पार्टी के उन चुनिंदा नेताओं में होती है जो सीधे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बेहद भरोसेमंद और विश्वासपात्र माने जाते हैं।
भले ही कमाल अख्तर के इस्तीफे के पीछे कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने की बात कही जा रही हो, लेकिन मौजूदा हालात ने समाजवादी पार्टी के रणनीतिकारों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।