IMD Rain Alert: इन 5 राज्यों में अगले 48 घंटे भारी, मौसम विभाग ने जारी की कड़ी चेतावनी
भारत के मौसम में इन दिनों एक अजीब और हैरान करने वाला बदलाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां देश के कुछ हिस्सों में मानसून की विदाई के बाद भी बादलों ने डेरा डाल रखा है, वहीं दूसरी ओर उत्तर भारत के राज्यों में कड़ाके की ठंड और शीत लहर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग की हालिया चेतावनी ने आम जनता की चिंता और बढ़ा दी है क्योंकि आने वाले दिनों में कुछ राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
ठंड और कोहरे का बढ़ता असर
दिसंबर और जनवरी के महीनों में उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन इस बार शीत लहर ने समय से पहले ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। विजिबिलिटी कम होने के कारण यातायात पर भी काफी असर पड़ रहा है। पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी ने मैदानी इलाकों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है। रात के समय पारा सामान्य से काफी नीचे गिर रहा है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है।
किन राज्यों में है भारी बारिश का खतरा?
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में चक्रवातीय दबाव के कारण भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। यह बेमौसम बारिश किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि खेतों में तैयार खड़ी फसलों को इससे काफी नुकसान पहुँच सकता है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश के संकेत दिए गए हैं।
आम जनजीवन पर प्रभाव और स्वास्थ्य की चुनौतियां
मौसम में आ रहे इस अचानक बदलाव का सबसे ज्यादा असर आम लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। एक तरफ कड़ाके की ठंड और दूसरी तरफ नमी वाली हवाएं बीमारियों को दावत दे रही हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें। गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें और जितना हो सके गुनगुना पानी पिएं। बारिश वाले इलाकों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है, इसलिए प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
आने वाले हफ्तों में ठंड और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ों पर और अधिक बर्फबारी होगी, जिसका सीधा असर उत्तर और मध्य भारत के तापमान पर पड़ेगा। वहीं दक्षिण में बारिश का दौर कम होने में अभी कुछ और दिन लग सकते हैं। कुल मिलाकर कहें तो आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरे रहने वाले हैं।
ठंड और कोहरे का बढ़ता असर
दिसंबर और जनवरी के महीनों में उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन इस बार शीत लहर ने समय से पहले ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। विजिबिलिटी कम होने के कारण यातायात पर भी काफी असर पड़ रहा है। पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी ने मैदानी इलाकों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है। रात के समय पारा सामान्य से काफी नीचे गिर रहा है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है।किन राज्यों में है भारी बारिश का खतरा?
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में चक्रवातीय दबाव के कारण भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। यह बेमौसम बारिश किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि खेतों में तैयार खड़ी फसलों को इससे काफी नुकसान पहुँच सकता है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश के संकेत दिए गए हैं।You may also like
- Hijab is our dignity, should not be politicised: Shiv Sena (UBT) leader Saba Haroon Khan
- Swami Avimukteshwaranand at fault: Jagadguru Rambhadracharya on Magh Mela row, backs administration
- OnePlus dismisses India exit rumours, calls reports misinformation
- Budget 2026–27 should boost digital economy, MSMEs in Tier-2 and Tier-3 cities: Experts
- Paras Health Panchkula Leads City-Level 'Ambulance Rally 2026' to Honour Frontline Emergency Responders









