मध्य पूर्व तनाव के बीच कूटनीति और शांति प्रयास तेज,इजराइल-लेबनान में बातचीत शुरू

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तेल अवीव/वाशिंगटन/तेहरान/न्यूयॉर्क। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। करीब 34 वर्षों के बाद इजराइल और लेबनान के शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत होने जा रही है, जबकि ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने और वार्ता फिर शुरू होने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

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इसी बीच संयुक्त राष्ट्र ने युद्ध प्रभावित ईरान के लिए मानवीय सहायता की घोषणा की है।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन के बीच आज बातचीत प्रस्तावित है। दोनों देशों के नेताओं के बीच यह संवाद तीन दशक से अधिक समय बाद हो रहा है, जिसे क्षेत्रीय शांति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस संभावित बातचीत को लेकर अमेरिकी स्तर पर भी प्रयास जारी हैं और इसे त्रिपक्षीय वार्ता का रूप देने की कोशिश हो रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि इजराइल और लेबनान के बीच तनाव कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हालांकि, लेबनान के कुछ अधिकारियों ने ऐसी किसी औपचारिक बातचीत की जानकारी से इनकार भी किया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने वाशिंगटन में अमेरिकी समर्थन से उच्च स्तरीय बैठक की थी।

इधर, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में भी हलचल तेज हुई है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने को लेकर कुछ प्रगति हुई है, हालांकि परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर मतभेद अब भी बरकरार हैं। पाकिस्तान की मध्यस्थता से शांति वार्ता के दूसरे दौर की तैयारी की जा रही है।

पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा को इस दिशा में अहम माना जा रहा है।

इसी बीच अमेरिका आज ईरान से जुड़े अपने अगले कदमों का ऐलान कर सकता है। पेंटागन में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन रणनीति स्पष्ट करेंगे। यह घोषणा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच अस्थायी संघर्ष विराम लागू है।

हालांकि, जमीनी स्तर पर हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष जारी है और इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है।

इन परिस्थितियों के बीच संयुक्त राष्ट्र ने ईरान के लिए 12 मिलियन डॉलर (करीब 100 करोड़ रुपये) की आपात मानवीय सहायता की घोषणा की है। संयुक्त राष्ट्र के राहत प्रमुख टॉम फ्लेचर के अनुसार, लंबे संघर्ष के कारण हजारों लोगों की मौत हुई है और बुनियादी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

कुल मिलाकर, मध्य पूर्व में एक ओर सैन्य तनाव जारी है, तो दूसरी ओर कूटनीतिक प्रयास भी तेज हो गए हैं। आने वाले दिनों में इन वातार्ओं और घोषणाओं से क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा तय होने की उम्मीद है।