Iran Protest Update: ईरान में खूनी संघर्ष, 2500 से ज्यादा लोगों की मौत, अमेरिका ने दी बड़ी चेतावनी
ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं। मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं की रिपोर्टों पर नजर डालें तो स्थिति बेहद भयावह है। अमेरिका स्थित 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी' (HRANA) के आंकड़ों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,500 से अधिक हो गई है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया ने भी यह स्वीकार किया है कि देश को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, सरकारी बयानों में मरने वालों को लेकर अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं। ईरान के 'शहीद फाउंडेशन' के प्रमुख अहमद मौसवी ने कहा है कि सशस्त्र समूहों और 'आतंकवादी तत्वों' की वजह से देश को यह क्षति उठानी पड़ी है। लेकिन मानवाधिकार संगठनों का साफ कहना है कि इनमें से अधिकांश मौतें सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई का नतीजा हैं।
ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा, "ईरानी लोग अपना प्रदर्शन जारी रखें और अपने संस्थानों को वापस अपने अधिकार में लें। हत्यारों और अत्याचारियों के नाम याद रखें, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि जब तक यह हिंसा और हत्याएं नहीं रुकतीं, तब तक उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। ट्रंप ने एक उम्मीद जगाते हुए कहा, "मदद रास्ते में है।"
उन्होंने बताया कि वह अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरानी सरकार को मानवता दिखानी चाहिए क्योंकि यह एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। साथ ही उन्होंने यह संकेत भी दिया कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
जमीनी स्तर पर देखें तो ईरान में लोगों का संपर्क बाहरी दुनिया से लगभग कट चुका है। इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। हालांकि, सरकार ने हाल ही में कुछ पाबंदियों में ढील दी है, जिससे लोग कई दिनों बाद विदेश में फोन कॉल कर पाए हैं, लेकिन डिजिटल संचार अभी भी बाधित है।
दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया ने भी यह स्वीकार किया है कि देश को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, सरकारी बयानों में मरने वालों को लेकर अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं। ईरान के 'शहीद फाउंडेशन' के प्रमुख अहमद मौसवी ने कहा है कि सशस्त्र समूहों और 'आतंकवादी तत्वों' की वजह से देश को यह क्षति उठानी पड़ी है। लेकिन मानवाधिकार संगठनों का साफ कहना है कि इनमें से अधिकांश मौतें सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई का नतीजा हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी
ईरान के बिगड़ते हालात पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में ईरानी सरकार को चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों की हत्या को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जारी एक संदेश में ट्रंप ने ईरान के लोगों से अपील की है कि वे अपना विरोध जारी रखें।ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा, "ईरानी लोग अपना प्रदर्शन जारी रखें और अपने संस्थानों को वापस अपने अधिकार में लें। हत्यारों और अत्याचारियों के नाम याद रखें, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि जब तक यह हिंसा और हत्याएं नहीं रुकतीं, तब तक उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। ट्रंप ने एक उम्मीद जगाते हुए कहा, "मदद रास्ते में है।"
उन्होंने बताया कि वह अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरानी सरकार को मानवता दिखानी चाहिए क्योंकि यह एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। साथ ही उन्होंने यह संकेत भी दिया कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
You may also like
- Govt to train 50,000 people in enterprise promotion, impart EDP training to 50 lakh SHG members
Karnataka: Complaint filed against Congress spokesperson M Laxman for 'provocative' remarks- Tri-Color (Tiranga) Idli
- IPAC raids: ED seeks time, TMC presses Cal HC to safeguard data
- Won't discuss talks publicly, going to Delhi on Jan 16, says Karnataka Dy CM Shivakumar on chat with Rahul Gandhi
ईरान सरकार का पलटवार और पाबंदियां
अमेरिका के इन बयानों पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने ट्रंप पर आरोप लगाया है कि वे देश में राजनीतिक अस्थिरता फैला रहे हैं और हिंसा को भड़का रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद को लिखे एक पत्र में कहा कि निर्दोष नागरिकों की मौत के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार हैं।जमीनी स्तर पर देखें तो ईरान में लोगों का संपर्क बाहरी दुनिया से लगभग कट चुका है। इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। हालांकि, सरकार ने हाल ही में कुछ पाबंदियों में ढील दी है, जिससे लोग कई दिनों बाद विदेश में फोन कॉल कर पाए हैं, लेकिन डिजिटल संचार अभी भी बाधित है।









