Iran-US Talks: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई बातचीत को तैयार, अमेरिका से समझौते के संकेत

दुनिया भर के लिए एक बहुत ही बड़ी खबर सामने आ रही है। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो ईरान के नए सबसे बड़े नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए हामी भर दी है। Iran US talks को लेकर अब ऐसा माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच एक नया समझौता हो सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच पिछले एक दिन में बहुत ही अहम बातचीत हुई है। ट्रंप के अनुसार इस बातचीत से कई बड़े मुद्दों पर सहमति बनी है।

ट्रंप का बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए इस मामले के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रविवार को दोनों पक्षों के बीच काफी गहरी चर्चा हुई थी। ये चर्चा आगे भी चलने की उम्मीद है। हालात को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि लड़ाई को खत्म करने के लिए जल्द ही कोई पक्की डील हो सकती है। ट्रंप ने खास तौर पर बताया कि उनके दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुश्नर इस पूरी बातचीत में बहुत अहम भूमिका निभा रहे हैं।

सम्मान की बात

इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान के नए नेता के बारे में भी अपनी राय रखी। उन्होंने मीडिया से कहा कि अमेरिका इस समय एक ऐसे इंसान के साथ बात कर रहा है जो बहुत ही ज्यादा आदरणीय है। ट्रंप ने ये भी कहा कि ईरान में अभी भी कुछ अच्छे नेता बचे हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ ईरान की एक एजेंसी के एक सूत्र ने इस मामले में बिल्कुल अलग बात कही है। उस सूत्र का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच सीधे तौर पर या किसी और तरीके से कोई भी बातचीत नहीं हुई है।

पांच दिन का समय

ट्रंप ने साफ इशारा किया है कि इस पूरे मामले का कोई अच्छा नतीजा बहुत ही कम समय में सामने आ सकता है। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत तो काफी समय से चल रही थी लेकिन अब ये सच में एक गंभीर मोड़ पर आ गई है। मेम्फिस में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान इस बार सच में काम की बात कर रहा है। वाशिंगटन ने इस बातचीत को आगे बढ़ाने और एक नतीजे तक पहुंचने के लिए पांच दिन का समय दिया है।

हमलों पर रोक

कुछ दिन पहले अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा वाले ठिकानों पर हमला करने की धमकी दी थी। लेकिन अब ट्रंप ने बातचीत का माहौल देखते हुए इस धमकी को वापस ले लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि बिजली घरों पर होने वाले हमलों को अभी के लिए टाल दिया गया है। ये फैसला तब लिया गया जब ईरान ने भी पलटवार करने की धमकी दी थी। ईरान ने कहा था कि अगर अमेरिका ने उनके ग्रिड को निशाना बनाया तो वे इजरायल के बिजली घरों और खाड़ी इलाके में अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेंगे।

होर्मुज का रास्ता

इस विवाद से पहले ट्रंप ने ईरान को एक बहुत कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर तेहरान ने अड़तालीस घंटे के भीतर होर्मुज के अहम रास्ते को पानी के जहाजों के लिए पूरी तरह से नहीं खोला तो ईरान के सभी बड़े बिजली घरों को तबाह कर दिया जाएगा। इस काम को पूरा करने के लिए सोमवार शाम तक का समय दिया गया था। ईरान के लगातार हमलों की वजह से होर्मुज का ये समुद्री रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है।

दुनिया भर में सप्लाई

दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई का करीब बीसवां हिस्सा इसी अहम रास्ते से होकर जाता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अब ये उम्मीद जताई है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत सफल होती है तो इस बंद पड़े रास्ते को बहुत जल्द खोल दिया जाएगा। उन्होंने ये भी इशारा किया कि इस रास्ते को साझा तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है।

दुनिया पर असर

अमेरिका और इजरायल ने अठाईस फरवरी को ये भयंकर लड़ाई शुरू की थी। इस भीषण लड़ाई में अब तक दो हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। खबरों के अनुसार इस लंबी लड़ाई ने पूरी दुनिया के व्यापार और बाजारों को बुरी तरह से हिला कर रख दिया है। हर जगह ईंधन के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। इसके कारण महंगाई बढ़ने का डर भी दुनिया भर के देशों को सता रहा है।

पानी और तेल का संकट

खाड़ी के इलाकों में बिजली के ढांचे पर हमले के डर से दुनिया के सामने एक और नई चिंता पैदा हो गई थी। लोगों को ये डर सताने लगा था कि हमलों से पीने का पानी साफ करने वाले बड़े कारखानों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। होर्मुज का रास्ता बंद होने से तेल के बाजार पहले से ही काफी डरे हुए और परेशान हैं। अब इन नई धमकियों ने कच्चे तेल की कीमतों को लेकर दुनिया भर में और ज्यादा खौफ पैदा कर दिया है।
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