दुनिया में सरसों के बीज का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन सा है?

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क्या आप जानते हैं कि दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले सरसों के बीज का सबसे बड़ा हिस्सा कहाँ से आता है? नेपाल दुनिया में सरसों के बीज का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, जो वैश्विक उत्पादन में 22% से अधिक का योगदान देता है। नेपाल में सरसों की खेती की परंपरा बहुत पुरानी है। यहाँ के तराई क्षेत्र की ठंडी सर्दियाँ और उपजाऊ मिट्टी सरसों की खेती के लिए स्वर्ग मानी जाती है। नेपाल न केवल उत्पादन में बल्कि इसके आयात और निर्यात में भी वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभाता है।
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नेपाल कैसे बना सरसों का वैश्विक लीडर?

साल 2023 के आंकड़ों के अनुसार, नेपाल ने लगभग 208,542 टन सरसों के बीज का उत्पादन किया। क्षेत्रफल में छोटा होने के बावजूद नेपाल ने रूस और कनाडा जैसे बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया है। इसका मुख्य कारण यहाँ के मधेश, लुम्बिनी और कोशी जैसे प्रांतों में होने वाली बड़े पैमाने की खेती है। यहाँ लगभग 187,000 हेक्टेयर भूमि पर सरसों उगाई जाती है।

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प्रमुख उत्पादक देशों की खासियत

1. नेपाल

नेपाल में सरसों केवल एक फसल नहीं बल्कि संस्कृति का हिस्सा है। यहाँ के तराई क्षेत्र में नवंबर से फरवरी के बीच सरसों के पीले फूल पूरी धरती को ढक लेते हैं। अधिकांश उत्पादन का उपयोग घरेलू स्तर पर सरसों तेल बनाने के लिए किया जाता है।

2. रूस

रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। यहाँ आधुनिक मशीनों और विशाल कृषि भूमि के कारण बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है जो मुख्य रूप से निर्यात पर केंद्रित है।


3. कनाडा

कनाडा उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर है, लेकिन सरसों की खेती के क्षेत्रफल में यह सबसे आगे है। यहाँ की सरसों का उपयोग मुख्य रूप से मसालों और सॉस (जैसे डिजॉन मस्टर्ड) बनाने में होता है।

4. मलेशिया और यूक्रेन

मलेशिया ने हाल के वर्षों में अपने तिलहन उत्पादन में काफी वृद्धि की है, वहीं यूक्रेन यूरोपीय देशों की मांग को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर सरसों का उत्पादन कर रहा है।

सरसों के बीज से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • किस्में: सरसों के बीज पीले, भूरे और काले रंगों में आते हैं। पीली सरसों हल्की होती है, जबकि काली सरसों काफी तीखी और खुशबूदार होती है।
  • सांस्कृतिक महत्व: नेपाल और भारत में सरसों का तेल केवल खाना पकाने के लिए ही नहीं, बल्कि मालिश और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी उपयोग किया जाता है।
  • सेहत का खजाना: सरसों के बीजों में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो सूजन कम करने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में मदद करता है।
  • समृद्धि का प्रतीक: दक्षिण एशिया में सरसों के पीले फूल वसंत ऋतु और समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं।


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