Indonesia UCAV: भारत का पड़ोसी तुर्की की शरण में, दुनिया के पहले मानवरहित लड़ाकू विमान की डील, बदलेंगे समीकरण
जकार्ता: इंडोनेशिया और तुर्की के बीच महत्वपूर्ण रक्षा समझौता हुआ है। इस डील में इंडोनेशिया को तुर्की से किजिलेल्मा मानवरहित लड़ाकू विमान (UCAV) मिलेंगे। इस डील को फाइनल करने के साथ ही इंडोनेशिया इन UCAV का पहला एक्सपोर्ट ग्राहक बन गया है। इससे पहले इंडोनेशिया ने तुर्की के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान KAAN का सौदा किया था। इसे तुर्की की एशिया में अपना प्रभाव बढ़ाने को कोशिश की तरह देखा जा रहा है। भारत का ध्यान भी निश्चित ही अपने पड़ोस में हो रहे इस घटनाक्रम पर होगा क्योंकि तुर्की का रुख पाकिस्तान के लिए नरम है। इससे क्षेत्र के हवाई सुरक्षा के समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है।

यूरेशियन टाइम्स के मुताबिक, तुर्की की जानी-मानी एयरोस्पेस कंपनी बायकर और इंडोनेशियाई रक्षा समूह रिपब्लिक कोर्प में 6 मई को 12 किजिलेल्मा विमानों के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह इस विमान के लिए पहला एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट है। इस विमाम ने बायकर को दुनिया के पहले मानवरहित लड़ाकू विमान के तौर पर पेश किया है।
ये ऐतिहासिक डील: बायकरबायकर के सीईओ ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि तुर्की को इन विमानों की डिलीवरी 2028 में शुरू होने की उम्मीद है। इस समझौते में 48 और विमानों की खरीद का प्रावधान भी शामिल है। साथ ही डील में इंडोनेशिया में उत्पादन और रखरखाव की सुविधाएं स्थापित करने की बात कही गई है।
किजिलेल्मा बायकर का चौथा ऐसा उत्पाद है, जिसे इंडोनेशिया ने खरीदा है। इससे पहले इंडोनेशिया बायकर के TB2 और अकिनी ड्रोन खरीद चुका है। इसके अलावा इंडोनेशिया ने TB3 कैरियर-आधारित मानवरहित प्रणाली की 60 यूनिट खरीदने के लिए एक समझौता किया है। इन यूनिट को इंडोनेशिया विमानवाहक पोत जूसेपे गैरीबाल्डी पर तैनात कर सकता है।
तुर्की-इंडोनेशिया के संबंधतुर्की-इंडोनेशिया का यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का संकेत देता है। पिछले साल ही इंडोनेशिया ने तुर्की से 48 कान स्टेल्थ फाइटर खरीदने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए हैं। इंडोनेशिया तुर्की से फ्रिगेट, मीडियम टैंक, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें और अन्य हथियार भी खरीद रहा है।
तुर्की से हथियारों की खरीद में हो रही बढ़ोतरी से इंडोनेशिया को क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बढ़ने के बीच अपने सैन्य आधुनिकीकरण के प्रयासों को मजबूत करने में मदद मिल रही है। तुर्की के लिए हथियारों की ये बिक्री व्यापक ASEAN (दक्षिण-पूर्व एशियाई) बाजार तक पहुंचने का एक जरिया बन रहा है।
किजिलेल्मा के बारे में क्या जानते हैं?किजिलेल्मा तुर्की का पहला स्वदेशी जेट-संचालित मानवरहित लड़ाकू हवाई वाहन (UCAV) या मानवरहित लड़ाकू विमान है। इसे बायकर टेक्नॉलज ने विकसित किया है। इस विमान का नाम रेड एप्पल तुर्की के एक ऐतिहासिक प्रतीक से लिया गया है। इसने 2022 में अपनी पहली उड़ान भरी थी।
किजिलेल्मा एक स्टेल्थी मल्टी-रोल मानवरहित प्लेटफॉर्म है। इसे हवा से हवा में मुकाबले, हवा से जमीन पर हमले, ISR (खुफिया जानकारी, निगरानी, टोही), क्लोज एयर सपोर्ट (CAS), मिसाइल हमले, दुश्मन की हवाई सुरक्षा को दबाने (SEAD) और दुश्मन की हवाई सुरक्षा को नष्ट करने (DEAD) जैसे कई कामों के लिए डिजाइन किया गया है।
यूरेशियन टाइम्स के मुताबिक, तुर्की की जानी-मानी एयरोस्पेस कंपनी बायकर और इंडोनेशियाई रक्षा समूह रिपब्लिक कोर्प में 6 मई को 12 किजिलेल्मा विमानों के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह इस विमान के लिए पहला एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट है। इस विमाम ने बायकर को दुनिया के पहले मानवरहित लड़ाकू विमान के तौर पर पेश किया है।
ये ऐतिहासिक डील: बायकरबायकर के सीईओ ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि तुर्की को इन विमानों की डिलीवरी 2028 में शुरू होने की उम्मीद है। इस समझौते में 48 और विमानों की खरीद का प्रावधान भी शामिल है। साथ ही डील में इंडोनेशिया में उत्पादन और रखरखाव की सुविधाएं स्थापित करने की बात कही गई है।
किजिलेल्मा बायकर का चौथा ऐसा उत्पाद है, जिसे इंडोनेशिया ने खरीदा है। इससे पहले इंडोनेशिया बायकर के TB2 और अकिनी ड्रोन खरीद चुका है। इसके अलावा इंडोनेशिया ने TB3 कैरियर-आधारित मानवरहित प्रणाली की 60 यूनिट खरीदने के लिए एक समझौता किया है। इन यूनिट को इंडोनेशिया विमानवाहक पोत जूसेपे गैरीबाल्डी पर तैनात कर सकता है।
तुर्की-इंडोनेशिया के संबंधतुर्की-इंडोनेशिया का यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का संकेत देता है। पिछले साल ही इंडोनेशिया ने तुर्की से 48 कान स्टेल्थ फाइटर खरीदने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए हैं। इंडोनेशिया तुर्की से फ्रिगेट, मीडियम टैंक, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें और अन्य हथियार भी खरीद रहा है।
तुर्की से हथियारों की खरीद में हो रही बढ़ोतरी से इंडोनेशिया को क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बढ़ने के बीच अपने सैन्य आधुनिकीकरण के प्रयासों को मजबूत करने में मदद मिल रही है। तुर्की के लिए हथियारों की ये बिक्री व्यापक ASEAN (दक्षिण-पूर्व एशियाई) बाजार तक पहुंचने का एक जरिया बन रहा है।
किजिलेल्मा के बारे में क्या जानते हैं?किजिलेल्मा तुर्की का पहला स्वदेशी जेट-संचालित मानवरहित लड़ाकू हवाई वाहन (UCAV) या मानवरहित लड़ाकू विमान है। इसे बायकर टेक्नॉलज ने विकसित किया है। इस विमान का नाम रेड एप्पल तुर्की के एक ऐतिहासिक प्रतीक से लिया गया है। इसने 2022 में अपनी पहली उड़ान भरी थी।
किजिलेल्मा एक स्टेल्थी मल्टी-रोल मानवरहित प्लेटफॉर्म है। इसे हवा से हवा में मुकाबले, हवा से जमीन पर हमले, ISR (खुफिया जानकारी, निगरानी, टोही), क्लोज एयर सपोर्ट (CAS), मिसाइल हमले, दुश्मन की हवाई सुरक्षा को दबाने (SEAD) और दुश्मन की हवाई सुरक्षा को नष्ट करने (DEAD) जैसे कई कामों के लिए डिजाइन किया गया है।
- निर्माता कंपनी का दावा है कि किजिलेल्मा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को इंटीग्रेट करता है।
- किजिलेल्मा को विमान वाहक पोतों से ऑपरेट किया जा सकता है। इसे और बेहतर किया जा रहा है।
- यह विमान KAAN के साथ मिलकर 'मैनड-अनमैनड टीमिंग' कॉन्फगिरेशन में भी उड़ान भर सकता है।
- बायकतर किजिलेल्मा का अधिकतम टेकऑफ वजन 8,500 किलोग्राम और पेलोड क्षमता 1,500 किलो है
- किजिलेल्मा उड़ान की अवधि 5 घंटे तक है। इसकी अधिकतम गति 800 किलोमीटर प्रति घंटा (0.64 मैक) है।
- यह दुश्मन के सुरक्षित हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करने और दुश्मन के लड़ाकू विमानों को निशाना बनाने में सक्षम है।
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