पाकिस्तान नेवी ने किया एंटी-शिप मिसाइल का टेस्ट, लंबी दूरी पर टारगेट को उड़ाया, भारत की बढ़ेगी टेंशन!
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने जहाज से लॉन्च होने वाली एंटी-शिप मिसाइल का सफलतापूर्वक टेस्ट किया है। पाक आर्मी की ओर गुरुवार को जारी बयान में इसकी जानकारी दी गई है। बयान में कहा गया है कि नौसेना ने जिस एंटी शिप मिसाइल का परीक्षण किया है, उसे स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर और नेवी प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ ने इसे देश की सैन्य क्षमता में बड़ी छलांग कहा है।

पाकिस्तानी सेना ने कहा कि एक लाइव फायरिंग अभ्यास के दौरान इस मिसाइल ने लंबी दूरी पर, तेज गति से अपने टारगेट को सटीक रूप से हिट किया। बयान में कहा गया है कि यह मिसाइल पिछले सिस्टम्स से बेहतर है क्योंकि इसमें एक एडवांस्ड गाइडेंस पैकेज और बेहतर मैन्यूवरेबिलिटी (दाएं-बाएं मुड़ने की क्षमता) है।
पाकिस्तान के निशान पर भारत!पाकिस्तान का कहना है कि इस मिसाइल को बाहरी खतरों से बचने, बदलती परिस्थितियों के हिसाब से ढलने और सटीकता व मारक क्षमता के साथ हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। पाकिस्तानी आर्मी के बयान में इस लॉन्च को देश की 'सटीक-हमला' करने की क्षमता का प्रदर्शन बताया गया है।
यह टेस्ट पाकिस्तान नौसेना के पारंपरिक क्षेत्र में समुद्र-आधारित विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करेगी और क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा व स्थिरता सुनिश्चित करेगी। एक्सपर्ट का मानना है कि पाकिस्तान का यह मिसाइल कार्यक्रम खासतौर से भारत से मुकाबला करने को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
पाकिस्तानी सेना बढ़ा रही क्षमताइससे पहले 10 जनवरी को पाकिस्तानी नौसेना ने उत्तरी अरब सागर में एक नौसैनिक अभ्यास के दौरान सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया था। इस दौरान बदलते नौसैनिक युद्ध के तरीकों के अनुरूप पारंपरिक और मानवरहित, दोनों तरह की क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।
पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग, ISPR ने आगे कहा कि रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए इसमें शामिल इकाइयों और वैज्ञानिकों को बधाई दी है।
एंटी-शिप मिसाइल कैसे काम करती हैएंटी-शिप मिसाइल एक गाइडेड हथियार है। इसका इस्तेमाल कोई नेवी समुद्र में दुश्मन के जंगी जहाजों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। ये मिसाइलें रडार की पकड़ से बचने के लिए समुद्र की सतह के करीब चलती हैं। इससे इन्हें ट्रैक करना कठिन होता है। इन मिसाइलों को अमूमन युद्धपोतों और पनडुब्बियों से दागा जा सकता है।
पाकिस्तानी सेना ने कहा कि एक लाइव फायरिंग अभ्यास के दौरान इस मिसाइल ने लंबी दूरी पर, तेज गति से अपने टारगेट को सटीक रूप से हिट किया। बयान में कहा गया है कि यह मिसाइल पिछले सिस्टम्स से बेहतर है क्योंकि इसमें एक एडवांस्ड गाइडेंस पैकेज और बेहतर मैन्यूवरेबिलिटी (दाएं-बाएं मुड़ने की क्षमता) है।
पाकिस्तान के निशान पर भारत!पाकिस्तान का कहना है कि इस मिसाइल को बाहरी खतरों से बचने, बदलती परिस्थितियों के हिसाब से ढलने और सटीकता व मारक क्षमता के साथ हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। पाकिस्तानी आर्मी के बयान में इस लॉन्च को देश की 'सटीक-हमला' करने की क्षमता का प्रदर्शन बताया गया है।
यह टेस्ट पाकिस्तान नौसेना के पारंपरिक क्षेत्र में समुद्र-आधारित विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करेगी और क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा व स्थिरता सुनिश्चित करेगी। एक्सपर्ट का मानना है कि पाकिस्तान का यह मिसाइल कार्यक्रम खासतौर से भारत से मुकाबला करने को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
पाकिस्तानी सेना बढ़ा रही क्षमताइससे पहले 10 जनवरी को पाकिस्तानी नौसेना ने उत्तरी अरब सागर में एक नौसैनिक अभ्यास के दौरान सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया था। इस दौरान बदलते नौसैनिक युद्ध के तरीकों के अनुरूप पारंपरिक और मानवरहित, दोनों तरह की क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।
पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग, ISPR ने आगे कहा कि रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए इसमें शामिल इकाइयों और वैज्ञानिकों को बधाई दी है।
एंटी-शिप मिसाइल कैसे काम करती हैएंटी-शिप मिसाइल एक गाइडेड हथियार है। इसका इस्तेमाल कोई नेवी समुद्र में दुश्मन के जंगी जहाजों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। ये मिसाइलें रडार की पकड़ से बचने के लिए समुद्र की सतह के करीब चलती हैं। इससे इन्हें ट्रैक करना कठिन होता है। इन मिसाइलों को अमूमन युद्धपोतों और पनडुब्बियों से दागा जा सकता है।
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