India Pakistan: पाकिस्तान ने बदला चीनी सैटेलाइट का रास्ता, निशाने पर गुजरात और कश्मीर: एक्सपर्ट ने दी चेतावनी

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान चीन की मदद से बने और लॉन्च किए गए सैटेलाइट से भारत की जासूसी कर रहा है। इसका खुलासा हाल में ही अमेरिकी स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस फर्म COMSPOC ने किया है। COMSPOC की डेटा के अनुसार, पाकिस्तान ने 25 अप्रैल 2026 को चीन के ताइयुआन लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च 6 रॉकेट के ज़रिए PRSC-EO3 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट लॉन्च किया था। अब यह सैटेलाइट एक अलग ही कक्षा में चक्कर काट रहा है, जो बाकियों के मुकाबले काफी असामान्य है। इसी ने विशेषज्ञों का ध्यान पाकिस्तानी PRSC-EO3 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट की ओर खींचा है।
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अमेरिकी एजेंसी ने खोली पाकिस्तान की पोल
द प्रिंट की रिपोर्ट में अमेरिका की स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस फर्म COMSPOC के ट्रैकिंग डेटा के हवाले से बताया गया है कि EO-3 सैटेलाइट 38-डिग्री के झुकाव (इन्क्लिनेशन) पर है, जो लगभग 554 किमी की ऊंचाई पर है और इसका 'राइट असेंशन ऑफ असेंडिंग नोड' (RAAN) 334 डिग्री है। पाकिस्तान के हालिया बेड़े में मौजूद बाकी सभी सैटेलाइट पारंपरिक 'सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट' (SSO) में 97 से 98 डिग्री के आसपास उड़ान भरते हैं, जिनमें PAUSAT-1 (97.4 डिग्री पर)2 और PRSS-1 (लगभग 97.9 डिग्री पर)3 शामिल हैं।

भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्से पर पाकिस्तान की नजर
रिपोर्ट के अनुसार, 38-डिग्री का आंकड़ा सबसे अलग है। COMSPOC का मानना है कि यह ग्लोबल कवरेज और एक जैसी रोशनी (लाइटिंग) की सुविधा को छोड़कर, 20 से 40 डिग्री उत्तरी अक्षांश (बैंड) पर बार-बार निगरानी (रीविज़िट) करने की क्षमता को प्राथमिकता देता है। इस बैंड में पाकिस्तान, उत्तर भारत और कश्मीर आते हैं। ऐसे में पाकिस्तानी सैटेलाइट के इस कॉन्फिगरेशन को सबूत माना जा रहा है कि इस्लामाबाद भारत के उत्तरी (कश्मीर, पंजाब) और पश्चिमी क्षेत्रों (राजस्थान, गुजरात) पर नजर रखने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहा है।

पाकिस्तान क्यों बढ़ा रहा भारत की निगरानी
सैन्य विशेषज्ञ बिलाल खान के अनुसार, पाकिस्तान मई 2025 में भारत के साथ हुए संघर्ष में मुंह की खा चुका है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने यह दिखा दिया था कि सैन्य ताकत में पाकिस्तान उसके आगे कहीं नहीं ठहरता है। यही कारण है कि पाकिस्तान अब भारत की सीमा से सटे इलाकों की रियल टाइम तस्वीरें पाने के लिए बेचैन है, जिससे वह अपनी सुरक्षा की क्षमता को मजबूत कर सके। दूसरी बात यह है कि पाकिस्तान रियल टाइम ग्राउंड इंफॉर्मेशन के लिए अभी तक चीन पर निर्भर है। अगर उसे चीन से जानकारियां नहीं मिलती है तो वह लगभग अंधा हो जाएगा। इसी को रोकने के लिए वह अपनी निगरानी क्षमता को मजबूत कर रहा है।