रूस में पाकिस्तान के राजदूत ने क्यों की भारत की तारीफ? परमाणु सुरक्षा रिकॉर्ड को जमकर सराहा

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मॉस्को: रूस में पाकिस्तान के राजदूत ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद के परमाणु सुरक्षा रिकॉर्ड की सराहना करते हुए दावा किया कि दोनों देशों ने एक-दूसरे की परमाणु सुविधाओं पर हमला न करने की पारस्परिक गारंटी दी है। राजदूत फैसल नियाज तिरमिजी का साक्षात्कार निजी समाचार पोर्टल आरटीवीआई डॉट कॉम में मंगलवार को प्रकाशित हुआ जिसमें उन्होंने कहा है कि पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के मद्देनजर ऐसी गारंटी का विशेष महत्व है।
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भारत-पाकिस्तान की सराहना की
उन्होंने कहा,''भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी गारंटी का एक बहुत अच्छा इतिहास रहा है कि हम एक-दूसरे की परमाणु सुविधाओं पर हमला नहीं करेंगे।'' तिरमिजी ने यह टिप्पणी समाचार पोर्टल से बातचीत में की, जो मुख्य रूप से इजराइल और पश्चिमी देशों में बसे रूसी भाषी प्रवासियों को सेवाएं प्रदान करता है।

भारत-पाकिस्तान परमाणु सुविधाओं को सुरक्षित बताया
उन्होंने कहा, ''हमारी परमाणु सुविधाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं और निश्चित रूप से हम रूस के साथ सहयोग कर बहुत प्रसन्न होंगे। लेकिन इस (पश्चिम एशिया) संघर्ष के संबंध में हमने ठीक इसी बात पर चर्चा की थी।'' इस समाचार पोर्टल ने पाकिस्तान के राजदूत का साक्षात्कार अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई पहली सीधी बातचीत से ठीक पहले 10 अप्रैल को रिकॉर्ड किया था।

ईरान के परमाणु प्रतिष्ठान पर इजरायली हमले पर चिंता जताई
तिरमिजी ने कहा, '' पश्चिम एशिया में हुए हालिया संघर्ष में, हमने दुर्भाग्यवश देखा कि इजराइल ने बुशहर पर हमला किया। अगर बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर सीधा हमला होता, तो इसके परिणाम न केवल ईरान बल्कि फारस की खाड़ी और पाकिस्तान के लिए भी गंभीर होते। मुझे उम्मीद है कि इजराइल इससे सबक लेगा, परमाणु संयंत्र अभेद्य होने चाहिए। इस पर कभी हमला नहीं किया जाना चाहिए।''

भारत-पाकिस्तान संघर्ष में ट्रंप की भूमिका पर यह कहा
राजदूत ने मई 2025 में भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोकने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ''हमने भारतीयों से कहा कि हम बातचीत करना चाहते हैं। और हां, राष्ट्रपति ट्रंप ने तनाव कम करने में भूमिका निभाई।'' भारत लगातार यह कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष रोकने पर सहमति दोनों सेनाओं के डीजीएमओ (सैन्य अभियान महानिदेशकों) के बीच सीधी बातचीत के बाद बनी थी।

भारत-पाकिस्तान संबंधों में रूस की मध्यस्थता
तिरमिजी ने पाकिस्तान और भारत के संबंधों को बेहतर बनाने में रूस द्वारा मध्यस्थ की भूमिका निभाने के सवाल पर सकारात्मक रुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''खैर, रूस की हमेशा से इसमें भूमिका रही है क्योंकि भारत के साथ उसके बहुत करीबी संबंध हैं। इसीलिए हम भारतीय पक्ष को बताते हैं कि हम पहले से ही एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) में साझेदार हैं... और हम ब्रिक्स में शामिल होना चाहते हैं। इसलिए, भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को बेहतर बनाने में रूस हमेशा एक निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।''

(न्यूज एजेंसी भाषा की खबर)