India Armenia: भारत के 'आकाश' संग आर्मेनिया का शक्ति प्रदर्शन, ईरानी माजिद सिस्टम भी दिखाया, टेंशन में अजरबैजान
येरेवन: अजरबैजान से तनाव के बीच आर्मेनिया तेजी से अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहा है। उसने हाल में ही शामिल किए गए विदेशी हथियारों के संग एक बड़ा रक्षात्मक युद्धाभ्यास किया है। इस युद्धाभ्यास में ईरान ने भारत के आकाश एयर डिफेंस सिस्टम को प्रदर्शित किया है। आर्मेनिया में इसे 'लुसान' नाम दिया गया है। इसके साथ ही आर्मेनिया ने ईरान के माजिद एयर डिफेंस सिस्टम को भी दिखाया है, जो कम रेंज में दुश्मन के लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और दूसरे एरियल खतरों को खत्म कर सकता है।

आर्मेनिया ने क्यों किया सैन्य अभ्यास?
आर्मेनिया के हालिया अभ्यास और ट्रेनिंग का फोकस सिस्टम इंटीग्रेशन पर था। इस अभ्यास में हवाई खतरों के खिलाफ रिएक्शन टाइम को परखा गया। इसके अलावा आर्मेनियाई सेना ने शॉर्ट और मीडियम-रेंज के एयर डिफेंस सिस्टमों से खुद को रूबरू कराया है। आर्मेनियाई सैनिकों ने इन हथियारों को चलाने की प्रैक्टिस की है, ताकि युद्ध के हालात में इनका इस्तेमाल किया जा सके।
हथियारों में विविधता ला रहा आर्मेनिया
यह अभ्यास दिखाता है कि आर्मेनिया अपने हथियारों में तेजी से विविधता ला रहा है। इसके साथ ही आर्मेनिया एक ऐसा मल्टी लेयर्ड एयर डिफेंस ग्रिड बना रहा है, जो अजरबैजान के हमलों से रक्षा कर सके। इससे पहले आर्मेनिया परंपरागत रूप से रूसी हथियारों का इस्तेमाल करता था। हालांकि, 2020 के अजरबैजानी हमले के बाद उसने अपनी रक्षा रणनीति बदल दी है। इसके अलावा अजरबैजान सैन्य मामलों में भारत और अमेरिका के करीब आया है।
आर्मेनिया ने भारत से खरीदा है आकाश एयर डिफेंस सिस्टम
आर्मेनिया ने भारत से आकाश-1एस (Akash-1S) की खरीद की है। यह मध्यम दूरी का सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है। इसी के साथ आर्मेनिया भारत के इस उन्नत स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम को खरीदने वाला पहला देश बना है। कुछ महीने पहले आर्मेनिया ने भारत के आकाश सिस्टम को अपने सैन्य परेड के दौरान भी प्रदर्शित किया था। यह एयर डिफेंस सिस्टम मध्यम ऊंचाई और कम ऊंचाई के हवाई हमलों से सुरक्षा प्रदान करता है, जिसका रेंज लगभग 25 से 30 किलोमीटर तक है।
आर्मेनिया के पास ईरान के माजिद एयर डिफेंस सिस्टम
आर्मेनिया ने छोटी दूरी के खतरों से निपटने के लिए ईरान से माजिद एयर डिफेंस सिस्टम ( Majid Air Defense System / AD-08) की खरीद की है। यह सिस्टम दुश्मन के विमानों या ड्रोन्स को पकड़ने के लिए यह इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इंफ्रारेड (EO/IR) सेंसर पर निर्भर करता है। इसमें हीट सीकिंग मिसाइलें लगी होती हैं, जो विमान के इंजन से निकलने वाली गर्मी को पहचान सकती हैं। इसकी डिटेक्शन रेंज करीब 15 किमी है। इसमें AD-08 मिसाइलों का उपयोग किया जाता है, जो मैक 2 की स्पीड से उड़ान भर सकती हैं।
आर्मेनिया ने क्यों किया सैन्य अभ्यास?
आर्मेनिया के हालिया अभ्यास और ट्रेनिंग का फोकस सिस्टम इंटीग्रेशन पर था। इस अभ्यास में हवाई खतरों के खिलाफ रिएक्शन टाइम को परखा गया। इसके अलावा आर्मेनियाई सेना ने शॉर्ट और मीडियम-रेंज के एयर डिफेंस सिस्टमों से खुद को रूबरू कराया है। आर्मेनियाई सैनिकों ने इन हथियारों को चलाने की प्रैक्टिस की है, ताकि युद्ध के हालात में इनका इस्तेमाल किया जा सके।
हथियारों में विविधता ला रहा आर्मेनिया
यह अभ्यास दिखाता है कि आर्मेनिया अपने हथियारों में तेजी से विविधता ला रहा है। इसके साथ ही आर्मेनिया एक ऐसा मल्टी लेयर्ड एयर डिफेंस ग्रिड बना रहा है, जो अजरबैजान के हमलों से रक्षा कर सके। इससे पहले आर्मेनिया परंपरागत रूप से रूसी हथियारों का इस्तेमाल करता था। हालांकि, 2020 के अजरबैजानी हमले के बाद उसने अपनी रक्षा रणनीति बदल दी है। इसके अलावा अजरबैजान सैन्य मामलों में भारत और अमेरिका के करीब आया है।
आर्मेनिया ने भारत से खरीदा है आकाश एयर डिफेंस सिस्टम
आर्मेनिया ने भारत से आकाश-1एस (Akash-1S) की खरीद की है। यह मध्यम दूरी का सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है। इसी के साथ आर्मेनिया भारत के इस उन्नत स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम को खरीदने वाला पहला देश बना है। कुछ महीने पहले आर्मेनिया ने भारत के आकाश सिस्टम को अपने सैन्य परेड के दौरान भी प्रदर्शित किया था। यह एयर डिफेंस सिस्टम मध्यम ऊंचाई और कम ऊंचाई के हवाई हमलों से सुरक्षा प्रदान करता है, जिसका रेंज लगभग 25 से 30 किलोमीटर तक है।
आर्मेनिया के पास ईरान के माजिद एयर डिफेंस सिस्टम
आर्मेनिया ने छोटी दूरी के खतरों से निपटने के लिए ईरान से माजिद एयर डिफेंस सिस्टम ( Majid Air Defense System / AD-08) की खरीद की है। यह सिस्टम दुश्मन के विमानों या ड्रोन्स को पकड़ने के लिए यह इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इंफ्रारेड (EO/IR) सेंसर पर निर्भर करता है। इसमें हीट सीकिंग मिसाइलें लगी होती हैं, जो विमान के इंजन से निकलने वाली गर्मी को पहचान सकती हैं। इसकी डिटेक्शन रेंज करीब 15 किमी है। इसमें AD-08 मिसाइलों का उपयोग किया जाता है, जो मैक 2 की स्पीड से उड़ान भर सकती हैं।
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