ईरान ने अमेरिका को भेजा 7 शर्तों वाला नया परमाणु प्रस्ताव, संपत्ति लौटाने और युद्ध के नुकसान की भरपाई की मांग; होर्मुज खोलने पर भी रखी शर्त

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को खत्म कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। इसी बीच ईरान ने अमेरिका को एक नया परमाणु प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव कतर के माध्यम से अमेरिकी प्रशासन तक पहुंचाया गया है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी सात शर्तें पूरी होने के बाद ही वह अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत शुरू करेगा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर विचार करेगा।

इस प्रस्ताव को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका फिलहाल इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। ईरान ने अपनी मांगों में आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने, विदेशों में जमा संपत्ति वापस करने और युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी है। इसके अलावा ईरान चाहता है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करे।

ईरान की पहली मांग: विदेशों में जमा संपत्ति लौटाई जाए

ईरान की प्रमुख मांग है कि दूसरे देशों के बैंकों में जमा उसकी रोकी गई संपत्ति वापस की जाए। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की बड़ी मात्रा में आर्थिक संपत्ति विभिन्न देशों में फंसी हुई है। तेहरान चाहता है कि इन प्रतिबंधों में राहत देकर उसकी वित्तीय स्थिति को सामान्य किया जाए।

युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई करे अमेरिका

ईरान ने दूसरी मांग में अमेरिका से युद्ध के दौरान उसके सैन्य ठिकानों, बुनियादी ढांचे और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई करने को कहा है। ईरान का मानना है कि सैन्य कार्रवाई के कारण उसके कई महत्वपूर्ण ठिकानों और आर्थिक संसाधनों को नुकसान पहुंचा है।

इसलिए किसी भी समझौते से पहले मुआवजे का मुद्दा सुलझाना जरूरी है।

बंदरगाहों और समुद्री कारोबार से हटे प्रतिबंध

ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके बंदरगाहों और समुद्री व्यापार पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाए। समुद्री कारोबार ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। प्रतिबंधों के कारण उसके आयात और निर्यात पर असर पड़ता है। ऐसे में तेहरान चाहता है कि उसके जहाजों और व्यापारिक गतिविधियों को सामान्य रूप से संचालित करने की अनुमति मिले।

तेल कारोबार पर लगी पाबंदियां हटाने की मांग

ईरान की एक अन्य प्रमुख शर्त उसके तेल कारोबार से जुड़ी है। वह चाहता है कि अमेरिका तेल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए, ताकि वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में दूसरे देशों को अपना तेल बेच सके। इससे ईरान को विदेशी मुद्रा हासिल होगी और उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

ईरान और उसके सहयोगी संगठनों पर सैन्य कार्रवाई बंद हो

ईरान की मांग है कि अमेरिका और इजरायल उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई बंद करें। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में सक्रिय ईरान के सहयोगी संगठनों को निशाना बनाने वाली सैन्य गतिविधियां भी रोकी जाएं।

तेहरान का कहना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी संबंधित पक्षों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बंद होनी चाहिए।

पश्चिम एशिया से अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कम हो

ईरान चाहता है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी घटाए। इसके तहत क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सैनिकों की तैनाती कम करने की मांग की गई है। ईरान का मानना है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति कम होने से तनाव घटाने में मदद मिल सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी शर्त

ईरान ने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को भी अपनी शर्तों से जोड़ा है।

होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।फिलहाल अमेरिका इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। अब देखना होगा कि अमेरिकी प्रशासन ईरान की सातों शर्तों पर क्या रुख अपनाता है और दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत का रास्ता निकल पाता है या नहीं।