जब लोग मानते थे कि पृथ्वी ही है ब्रह्मांड का केंद्र, इस सोच के पीछे की सच्चाई
क्या आपने कभी रात में खुले आसमान के नीचे लेटकर तारों को देखा है? अगर आप बिना किसी टेलिस्कोप या आधुनिक जानकारी के आसमान को देखें, तो आपको यही महसूस होगा कि सब कुछ आपके चारों ओर घूम रहा है। पुराने समय में हमारे पूर्वजों ने भी यही महसूस किया। उन्हें लगा कि पृथ्वी शांत खड़ी है और सूरज, चाँद और तारे उसके चक्कर लगा रहे हैं। यह सिर्फ एक विचार नहीं था, बल्कि हजारों सालों तक एक वैज्ञानिक और धार्मिक सच्चाई मानी जाती रही।
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