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Khamenei Death Mystery: कहां है अयातुल्ला खामेनेई का शव, अब तक कोई फोटो क्यों नहीं आई

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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर को दो दिन से ज्यादा का वक्त बीत गया है। पूरी दुनिया की नजरें ईरान पर टिकी हैं, लेकिन वहां से कोई पुख्ता खबर नहीं मिल रही है। सबसे बड़ी बात ये है कि अब तक खामेनेई के शव की एक भी तस्वीर सामने नहीं आई है। न तो ईरान की सरकार ने कुछ बताया है और न ही उनके अंतिम संस्कार को लेकर कोई जानकारी दी गई है। लोग ये पूछ रहे हैं कि आखिर उनके शव को कहां रखा गया है। ईरान के अंदर और बाहर इस बात को लेकर काफी चर्चा हो रही है कि क्या शव को कहीं छिपाया गया है या फिर कोई और वजह है।

कैसे हुआ ये हमला

पिछले शनिवार यानी 28 फरवरी को एक बड़ा हमला हुआ। इस हमले में इज़राइल और अमेरिका ने मिलकर अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाया। ये हमला उनके सरकारी घर पर तब किया गया जब वो एक जरूरी बैठक कर रहे थे। उस वक्त खामेनेई के साथ रिवोल्यूशनरी गार्ड के मुखिया मोहम्मद पाकपूर और सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी भी मौजूद थे। हमला इतना तेज और भयानक था कि खामेनेई की मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले ने ईरान के पूरे सरकारी ढांचे को हिला कर रख दिया है। घर के अंदर मौजूद बाकी लोगों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।

ट्रंप और नेतन्याहू का जिक्र

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक हमले के बाद खामेनेई के शव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दिखाया गया था। जब खामेनेई की मौत हुई, तो उनका शव मलबे में दब गया था। वहां से उनके शव को खींचकर बाहर निकाला गया।। उस वक्त कुछ तस्वीरें ली गई और वही तस्वीरें अमेरिकी राष्ट्रपति को भेजी गईं ताकि मौत की पुष्टि हो सके। हालांकि, ये तस्वीरें आम लोगों के लिए जारी नहीं की गई हैं।
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खुफिया एजेंसी का रोल

कान मीडिया के मुताबिक हमले के तुरंत बाद मोसाद के लोग वहां पहुंच गए थे। उन्होंने सबसे पहले खामेनेई के शव को अपने कब्जे में लिया। उन्होंने शव से जुड़े जरूरी कागज और सबूत तैयार किए। ये सारा काम बहुत ही गुप्त तरीके से किया गया। सारा डेटा और जानकारी तैयार करने के बाद उन्होंने शव को वहीं छोड़ दिया। इन कागजों को इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पास भेजा गया। लेकिन इसके बाद ईरान की सेना ने शव का क्या किया, ये अब तक किसी को नहीं पता है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस बारे में एक शब्द भी नहीं कहा है।

उत्तराधिकारी की तलाश

सुप्रीम लीडर की मौत के बाद अब ईरान में उनके बाद कौन आएगा, इसकी खोज शुरू हो गई है। ईरान के लिए ये बहुत मुश्किल घड़ी है क्योंकि खामेनेई का कद बहुत बड़ा था। नए नेता को चुनने के लिए वहां की बड़ी परिषद काम कर रही है। लेकिन इस सबके बीच खामेनेई का शव कहां है, ये सवाल बार-बार उठ रहा है। बिना शव दिखाए या अंतिम संस्कार किए नए नेता का नाम तय करना भी आसान नहीं होगा। लोगों में बेचैनी बढ़ती जा रही है क्योंकि ईरान के इतिहास में सुप्रीम लीडर की मौत पर इतनी चुप्पी पहले कभी नहीं देखी गई।

कहां हो सकता है अंतिम संस्कार

खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर दो जगहों के नाम सबसे ज्यादा सुनाई दे रहे हैं। पहली जगह तेहरान है। ईरान के पहले सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खुमैनी को भी तेहरान में ही दफनाया गया था। वहां का बेहश्त-ए ज़हरा कब्रिस्तान इसके लिए काफी मशहूर है। दूसरी जगह मशहद हो सकती है क्योंकि वो खामेनेई का अपना शहर है। मशहद में शिया धर्म के 8वें इमाम की दरगाह भी है, जिसे बहुत पवित्र माना जाता है। पिछले साल इब्राहिम रईसी को भी वहीं दफनाया गया था। इन दो जगहों के अलावा अभी किसी तीसरी जगह की बात नहीं हो रही है, लेकिन सब कुछ इस बात पर टिका है कि ईरान कब इसका ऐलान करता है।

देरी की क्या है वजह

कुछ लोगों का कहना है कि जब तक जंग पूरी तरह रुक नहीं जाती, तब तक ईरान शायद अंतिम संस्कार न करे। इसकी एक मिसाल हिजबुल्लाह के नेता हसन नसरुल्लाह हैं। उनकी मौत के करीब 5 महीने बाद उन्हें दफनाया गया था। उनके अंतिम संस्कार में खुद खामेनेई भी शामिल हुए थे। शायद ईरान भी इसी रास्ते पर चल रहा है। वो सही वक्त का इंतजार कर रहे हैं ताकि सुरक्षा की कोई समस्या न हो। लेकिन 48 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत जाना और एक भी फोटो न आना, ये बताता है कि हालात उतने सामान्य नहीं हैं जितने दिखाए जा रहे हैं। जब तक शव सामने नहीं आता, तब तक ये सस्पेंस बना रहेगा।








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