Akshaya Tritiya 2025: सोना नहीं खरीद पा रहे? तो अक्षय तृतीया पर इन 5 चीजों से पाएं धन और बरकत
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30 अप्रैल को अक्षय तृतीया है, जो हिंदू धर्म में बेहद शुभ और फलदायक दिन माना जाता है। इस दिन का नाम "अक्षय" इसलिए है क्योंकि इसका मतलब होता है – जो कभी खत्म न हो। इसी वजह से लोग इस दिन सोना खरीदते हैं ताकि उनके घर में कभी बरकत की कमी न हो।
लेकिन इस बार सोना काफी महंगा है, ऐसे में अगर आप सोना नहीं खरीद सकते, तो चिंता मत कीजिए। कुछ और चीजें हैं जिन्हें खरीदने से भी बहुत शुभ फल मिलते हैं। ये चीजें धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष के अनुसार भी फायदेमंद मानी जाती हैं।
तो आइए जानते हैं कि सोने की जगह क्या-क्या खरीद सकते हैं:
1. मिट्टी का बर्तन:
मंगल ग्रह को मजबूत करता है, कर्ज से मुक्ति और मानसिक शांति में मदद करता है।
2. कौड़ी (पीली):
धन और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
3. हल्दी की गांठ:
गुरु ग्रह को मजबूत करती है, जिससे जीवन में स्थायित्व और सम्मान बढ़ता है।
4. रूई:
शुक्र ग्रह से जुड़ी होती है, इसे खरीदने से वैवाहिक सुख और लक्ष्मी की कृपा मिलती है।
5. पीली सरसों:
नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है, दरिद्रता खत्म करती है।
अगर सोना खरीदने का मन हो और बजट में न हो, तो आप तांबे के बर्तन या छोटी मात्रा में चांदी भी खरीद सकते हैं। ये सूर्य और चंद्र ग्रह को मजबूत करते हैं, जिससे सामाजिक मान-सम्मान बढ़ता है।
क्या करें इस दिन:
2025 में अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त:
इस समय आप पूजा, खरीदारी या नया काम शुरू कर सकते हैं। अगर आप घर में प्रवेश करने की सोच रहे हैं, तो ये दिन और समय सबसे उत्तम है।
लेकिन इस बार सोना काफी महंगा है, ऐसे में अगर आप सोना नहीं खरीद सकते, तो चिंता मत कीजिए। कुछ और चीजें हैं जिन्हें खरीदने से भी बहुत शुभ फल मिलते हैं। ये चीजें धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष के अनुसार भी फायदेमंद मानी जाती हैं।
तो आइए जानते हैं कि सोने की जगह क्या-क्या खरीद सकते हैं:
1. मिट्टी का बर्तन:
मंगल ग्रह को मजबूत करता है, कर्ज से मुक्ति और मानसिक शांति में मदद करता है।
2. कौड़ी (पीली):
धन और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
3. हल्दी की गांठ:
गुरु ग्रह को मजबूत करती है, जिससे जीवन में स्थायित्व और सम्मान बढ़ता है।
4. रूई:
शुक्र ग्रह से जुड़ी होती है, इसे खरीदने से वैवाहिक सुख और लक्ष्मी की कृपा मिलती है।
5. पीली सरसों:
नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है, दरिद्रता खत्म करती है।
अगर सोना खरीदने का मन हो और बजट में न हो, तो आप तांबे के बर्तन या छोटी मात्रा में चांदी भी खरीद सकते हैं। ये सूर्य और चंद्र ग्रह को मजबूत करते हैं, जिससे सामाजिक मान-सम्मान बढ़ता है।
क्या करें इस दिन:
- अगर संभव हो, तो कनकधारा स्तोत्र का पाठ जरूर करें।
- इस दिन दही, दूध, चावल, खीर जैसे सफेद चीजों का दान करना भी बहुत शुभ होता है।
2025 में अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त:
- तिथि शुरू: 29 अप्रैल शाम 5:32 बजे
- तिथि खत्म: 30 अप्रैल दोपहर 2:12 बजे
- पूजन का शुभ समय: सुबह 5:41 से दोपहर 12:18 बजे तक
- कुल शुभ मुहूर्त – 6 घंटे 37 मिनट
इस समय आप पूजा, खरीदारी या नया काम शुरू कर सकते हैं। अगर आप घर में प्रवेश करने की सोच रहे हैं, तो ये दिन और समय सबसे उत्तम है।
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