Bank Loan Interest Rate Hike MCLR Update 2026: लोन ग्राहकों को बड़ा झटका! PNB, BOB और इंडियन बैंक के कर्ज हुए महंगे, जानिए नए रेट्स

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अगर आपने पंजाब नेशनल बैंक ( PNB ), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) या इंडियन बैंक से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन ले रखा है या नया लोन लेने की सोच रहे हैं, तो आपकी जेब पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने वाला है। PNB BOB Indian Bank Hike MCLR Interest Rates 2026 के अंतर्गत देश के इन तीनों बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। बैंकों द्वारा MCLR में संशोधन किए जाने से सीधे तौर पर फ्लोटिंग रेट पर लिए गए कर्ज महंगे हो जाएंगे और ग्राहकों की मासिक ईएमआई (EMI) बढ़ जाएगी।
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पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने कितनी बढ़ाईं दरें?

Bank Loan Interest Rate Hike MCLR Update 2026 की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक ने विभिन्न अवधियों के MCLR में 5 बीपीएस (Basis Points) तक की मामूली बढ़ोतरी की है। इस बदलाव के बाद पीएनबी का एक साल का MCLR बढ़कर 8.95 प्रतिशत हो गया है, जो पहले 8.90 प्रतिशत था। चूंकि अधिकांश रिटेल लोन जैसे होम लोन और ऑटो लोन एक साल के एमसीएलआर से ही जुड़े होते हैं, इसलिए इस बढ़ोतरी का सीधा असर मौजूदा और नए दोनों तरह के कर्जदारों की मासिक किश्तों पर देखने को मिलेगा।

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बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) और इंडियन बैंक की नई दरें

Home Loan Car Loan EMI Costly MCLR Revision 2026 के ब्योरे के मुताबिक बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अपने एमसीएलआर में 5 आधार अंकों तक का इजाफा किया है, जिससे इसका एक साल की अवधि वाला MCLR अब 8.95 प्रतिशत की दर पर पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, इंडियन बैंक ने भी अपनी अल्पकालिक और एक साल की एमसीएलआर दरों में संशोधन किया है, जिसके बाद इंडियन बैंक का एक साल का एमसीएलआर बढ़कर 8.95 से 9.00 प्रतिशत के दायरे में आ गया है। बैंकों के इस कदम के बाद अन्य लोन उत्पाद भी आनुपातिक रूप से महंगे हो जाएंगे।


क्या होता है MCLR और आपकी EMI पर कैसे पड़ता है असर?

PNB Bank of Baroda Indian Bank MCLR Rate Hike Details के सिद्धांतों के तहत MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर होती है जिससे कम दर पर कोई भी बैंक किसी ग्राहक को कर्ज नहीं दे सकता। जब बैंक अपने एमसीएलआर में बढ़ोतरी करते हैं, तो उस बैंक से जुड़े एमसीएलआर-लिंक्ड लोन की ब्याज दरें खुद-ब-खुद बढ़ जाती हैं। यदि आपने 20 या 30 साल की अवधि के लिए होम लोन ले रखा है, तो ब्याज दर बढ़ने पर बैंक आपकी मासिक ईएमआई राशि बढ़ा देते हैं या फिर आपकी लोन रीपेमेंट अवधि (Tenure) को लंबा कर देते हैं।

मौजूदा और नए ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

MCLR Hike Impact Personal Home Loan EMI Rates 2026 के संदर्भ में बैंकिंग विशेषज्ञों का सुझाव है कि जो ग्राहक पहले से लोन ले चुके हैं, उन्हें अपने बैंक रिसेट क्लॉज (Reset Clause) की तारीख की जांच करनी चाहिए, क्योंकि नई दरें रिसेट डेट आने पर ही लागू होंगी। इसके अलावा, यदि आपका लोन पुराने MCLR या बेस रेट सिस्टम पर चल रहा है, तो आप इसे नए एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR/RLLR) में ट्रांसफर कराने का विकल्प भी चुन सकते हैं, जिससे रेपो रेट में बदलाव का सीधा और त्वरित लाभ ग्राहकों को मिल सके।

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