EPFO की EDLI योजना से कैसे मिलता है क्लेम, जानिए परिवार के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ अपने अंशधारकों को न केवल रिटायरमेंट पर फंड और हर महीने पेंशन की सुविधा देता है, बल्कि कर्मचारियों को एक बड़ा जीवन बीमा कवर भी प्रदान करता है। EPFO EDLI Scheme Insurance Amount 2026 की व्यवस्था के अंतर्गत ईपीएफओ का हर सक्रिय सदस्य अपने आप ही ईडीएलआई यानी एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम के तहत कवर हो जाता है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए कर्मचारी को अपनी जेब से एक भी पैसा प्रीमियम के रूप में नहीं देना पड़ता है।
बीमा राशि की सीमा और कैलकुलेशन का तरीका
ईडीएलआई योजना के तहत किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान असमयिक मृत्यु होने पर उसके परिवार या कानूनी वारिस को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाती है। EDLI Scheme Maximum Limit 7 Lakh के तहत पात्र परिजनों को कम से कम 2.5 लाख रुपये और अधिकतम 7 लाख रुपये तक का बीमा क्लेम दिया जाता है। इस बीमा राशि का गणित कर्मचारी के पिछले 12 महीनों के औसत मासिक वेतन और उसके पीएफ खाते में जमा राशि के आधार पर तय किया जाता है।
कर्मचारी को नहीं देना होता कोई प्रीमियम
इस योजना का पूरा खर्च नियोक्ता यानी एम्प्लॉयर द्वारा उठाया जाता है। How to Claim EPFO EDLI Insurance के नियमों को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 12 फीसदी हिस्सा पीएफ में जाता है और उतना ही हिस्सा कंपनी जमा करती है। कंपनी के 12 फीसदी योगदान में से 0.50 फीसदी हिस्सा ईडीएलआई बीमा योजना के प्रीमियम के रूप में जमा होता है, जिससे कर्मचारी को बिल्कुल मुफ्त में 7 लाख रुपये तक का सुरक्षा चक्र मिल जाता है।
पात्रता की शर्तें और 1 साल की निरंतर सेवा का नियम
ईडीएलआई क्लेम का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी का ईपीएफओ का सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है। EPFO Insurance Claim Eligibility for Family के अनुसार यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु नौकरी में रहने के दौरान हो जाती है, तो उसके नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी इस बीमा राशि का दावा कर सकते हैं। पहले नियम था कि एक ही कंपनी में लगातार 1 साल काम करना जरूरी था, लेकिन अब इस नियम को आसान कर दिया गया है। यदि कर्मचारी ने लगातार 12 महीने तक सेवा दी है, भले ही उसने इस दौरान कंपनियां बदली हों, तो भी उसका परिवार इस बीमा का लाभ पाने का हकदार होता है।
क्लेम करने का तरीका और फॉर्म भरने की प्रक्रिया
कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसके पंजीकृत नॉमिनी को ईपीएफओ के पास क्लेम दाखिल करना होता है। EPFO EDLI Life Insurance Claim Rules के तहत नॉमिनी को कंपोजिट फॉर्म 5आईएफ भरकर अपने नजदीकी ईपीएफओ कार्यालय में जमा करना होता है। इस फॉर्म के साथ कर्मचारी का मृत्यु प्रमाण पत्र, नॉमिनी का आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और नियोक्ता द्वारा सत्यापित दस्तावेज जमा करने होते हैं। दस्तावेजों की सही जांच के बाद बीमा राशि सीधे नॉमिनी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
बीमा राशि की सीमा और कैलकुलेशन का तरीका
ईडीएलआई योजना के तहत किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान असमयिक मृत्यु होने पर उसके परिवार या कानूनी वारिस को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाती है। EDLI Scheme Maximum Limit 7 Lakh के तहत पात्र परिजनों को कम से कम 2.5 लाख रुपये और अधिकतम 7 लाख रुपये तक का बीमा क्लेम दिया जाता है। इस बीमा राशि का गणित कर्मचारी के पिछले 12 महीनों के औसत मासिक वेतन और उसके पीएफ खाते में जमा राशि के आधार पर तय किया जाता है।
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कर्मचारी को नहीं देना होता कोई प्रीमियम
इस योजना का पूरा खर्च नियोक्ता यानी एम्प्लॉयर द्वारा उठाया जाता है। How to Claim EPFO EDLI Insurance के नियमों को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 12 फीसदी हिस्सा पीएफ में जाता है और उतना ही हिस्सा कंपनी जमा करती है। कंपनी के 12 फीसदी योगदान में से 0.50 फीसदी हिस्सा ईडीएलआई बीमा योजना के प्रीमियम के रूप में जमा होता है, जिससे कर्मचारी को बिल्कुल मुफ्त में 7 लाख रुपये तक का सुरक्षा चक्र मिल जाता है।
पात्रता की शर्तें और 1 साल की निरंतर सेवा का नियम
ईडीएलआई क्लेम का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी का ईपीएफओ का सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है। EPFO Insurance Claim Eligibility for Family के अनुसार यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु नौकरी में रहने के दौरान हो जाती है, तो उसके नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी इस बीमा राशि का दावा कर सकते हैं। पहले नियम था कि एक ही कंपनी में लगातार 1 साल काम करना जरूरी था, लेकिन अब इस नियम को आसान कर दिया गया है। यदि कर्मचारी ने लगातार 12 महीने तक सेवा दी है, भले ही उसने इस दौरान कंपनियां बदली हों, तो भी उसका परिवार इस बीमा का लाभ पाने का हकदार होता है।
क्लेम करने का तरीका और फॉर्म भरने की प्रक्रिया
कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसके पंजीकृत नॉमिनी को ईपीएफओ के पास क्लेम दाखिल करना होता है। EPFO EDLI Life Insurance Claim Rules के तहत नॉमिनी को कंपोजिट फॉर्म 5आईएफ भरकर अपने नजदीकी ईपीएफओ कार्यालय में जमा करना होता है। इस फॉर्म के साथ कर्मचारी का मृत्यु प्रमाण पत्र, नॉमिनी का आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और नियोक्ता द्वारा सत्यापित दस्तावेज जमा करने होते हैं। दस्तावेजों की सही जांच के बाद बीमा राशि सीधे नॉमिनी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।





