क्या आप भी कराते हैं बैंक एफडी? जान लीजिए इस निवेश विकल्प के बारे में जो देगा ज्यादा रिटर्न
हर किसी के मन में बस एक ही सवाल घूमता रहता है कि आखिर पैसे की बचत कैसे की जाए? कम सैलरी वाले लोगों के लिए तो घर के खर्चों के बाद बचत करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। अगर थोड़ी-बहुत बचत हो भी जाए और उसे बैंक खाते में ही छोड़ दिया जाए, तो वह उतनी तेजी से नहीं बढ़ती कि आप अपना घर, गाड़ी या विदेश यात्रा का सपना पूरा कर सकें।
अक्सर लोग बचत के लिए सबसे पहले बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी का रुख करते हैं। हमारे बुजुर्गों ने भी हमें यही सिखाया है कि पैसा सुरक्षित रखना है तो एफडी करा लो। लेकिन क्या बदलते समय और बढ़ती महंगाई के दौर में एफडी वाकई सबसे बेहतर विकल्प है? हकीकत यह है कि अगर आप 1 से 3 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो डेट म्यूचुअल फंड ( Debt Mutual Funds ) बैंक एफडी के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
ये भी पढ़ें: Post Office Savings: एफडी या आरडी, निवेश के लिए कौन सा विकल्प है सबसे बेस्ट?
सबसे बड़ी बात यह है कि डेट फंड में बैंक एफडी जैसा कोई सख्त 'लॉक-इन पीरियड' नहीं होता। कुछ फंड्स में तो एग्जिट लोड की अवधि महज 7 से 30 दिनों की होती है। इसके बाद आप जब चाहें अपना पैसा निकाल सकते हैं और आपको उतने ही दिनों का पूरा रिटर्न मिलता है जितने दिन आपका पैसा निवेशित रहा।
अक्सर लोग बचत के लिए सबसे पहले बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी का रुख करते हैं। हमारे बुजुर्गों ने भी हमें यही सिखाया है कि पैसा सुरक्षित रखना है तो एफडी करा लो। लेकिन क्या बदलते समय और बढ़ती महंगाई के दौर में एफडी वाकई सबसे बेहतर विकल्प है? हकीकत यह है कि अगर आप 1 से 3 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो डेट म्यूचुअल फंड ( Debt Mutual Funds ) बैंक एफडी के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
बैंक एफडी क्यों पड़ रही है पीछे?
बैंक एफडी को बहुत सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसकी अपनी सीमाएं हैं। आज जिस रफ्तार से महंगाई बढ़ रही है, एफडी पर मिलने वाला ब्याज उसके सामने काफी कम नजर आता है। टैक्स कटने के बाद तो आपका मुनाफा और भी कम हो जाता है। इसके अलावा, अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए और आप समय से पहले एफडी तोड़ते हैं, तो बैंक आपसे पेनल्टी वसूलता है। यहीं पर डेट फंड बाजी मार लेते हैं।You may also like
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क्या होते हैं डेट फंड और ये कैसे काम करते हैं?
आसान शब्दों में कहें तो डेट फंड आपके पैसे को सरकारी बॉन्ड, कॉर्पोरेट डिबेंचर और ट्रेजरी बिल जैसे फिक्स्ड इनकम वाले विकल्पों में निवेश करते हैं। आपका पैसा एक तरह से कंपनियों या सरकार को कर्ज के रूप में दिया जाता है और उससे मिलने वाला ब्याज ही आपका मुनाफा होता है। शेयर बाजार की तुलना में इसमें जोखिम बहुत कम होता है।डेट फंड में निवेश के शानदार फायदे
आपको यह जानकर खुशी होगी कि डेट फंड आमतौर पर बैंक एफडी की तुलना में 1 से 2 प्रतिशत अधिक रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। 1 से 2 साल की अवधि में यह छोटा सा दिखने वाला अंतर आपके पोर्टफोलियो में हजारों रुपये की बढ़ोतरी कर सकता है।सबसे बड़ी बात यह है कि डेट फंड में बैंक एफडी जैसा कोई सख्त 'लॉक-इन पीरियड' नहीं होता। कुछ फंड्स में तो एग्जिट लोड की अवधि महज 7 से 30 दिनों की होती है। इसके बाद आप जब चाहें अपना पैसा निकाल सकते हैं और आपको उतने ही दिनों का पूरा रिटर्न मिलता है जितने दिन आपका पैसा निवेशित रहा।









