Post Office NSC Scheme: मात्र 1,000 रुपये से शुरू करें निवेश, 5 साल में मिलेगा बंपर रिटर्न
आज के दौर में हर कोई चाहता है कि उसका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे और उस पर अच्छे रिटर्न्स भी मिलें। अगर आप भी किसी ऐसे निवेश की तलाश में हैं जो आपको शत-प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी दे और आपके भविष्य को खुशहाल बनाए, तो पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी एनएससी योजना आपके लिए ही बनी है। केंद्र सरकार की देखरेख में चलने वाली इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम आय वर्ग के लोगों में बचत की आदत को बढ़ावा देना है। सरकार की इस खास पहल में पैसा लगाकर ग्राहक एक निश्चित आमदनी के साथ-साथ टैक्स में भी बड़ी छूट का फायदा उठा सकते हैं।
पोस्ट ऑफिस की इस लोकप्रिय योजना में निवेश शुरू करना बेहद आसान है। कोई भी भारतीय नागरिक मात्र 1,000 रुपये के न्यूनतम निवेश के साथ इसकी शुरुआत कर सकता है। इस स्कीम में पैसे लगाने की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है, इसलिए आप अपनी इच्छा के अनुसार जितना चाहें उतना पैसा इसमें निवेश कर सकते हैं। पात्रता की बात करें तो केवल भारतीय नागरिक ही इसमें पैसा लगा सकते हैं। 10 साल से अधिक उम्र के बच्चे अपने खुद के नाम पर निवेश कर सकते हैं, या फिर माता-पिता उनके नाम पर यह सर्टिफिकेट खरीद सकते हैं। इसके अलावा, दो लोग मिलकर जॉइंट अकाउंट के जरिए भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए जरूरी दस्तावेजों में एनएससी आवेदन फॉर्म, पहचान पत्र के रूप में पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है।
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जब 5 साल का लॉक-इन पीरियड यानी मैच्योरिटी का समय पूरा हो जाएगा, तब निवेशक को मूलधन और ब्याज मिलाकर कुल 21,73,551 रुपये की एक बड़ी रकम वापस मिलेगी। इस योजना में ऑनलाइन तरीके से या किसी भी पोस्ट ऑफिस में जाकर निवेश किया जा सकता है। आप अपनी सुविधा के अनुसार एकमुश्त या अलग-अलग समय पर 100 रुपये के गुणकों में भी इसमें पैसे जमा कर सकते हैं।
क्या है एनएससी स्कीम और इसके क्या फायदे हैं?
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट, जिसे राष्ट्रीय बचत पत्र भी कहा जाता है, एक फिक्स्ड इनकम निवेश विकल्प है जिसकी कुल अवधि 5 साल की होती है। इस समय यह स्कीम निवेशकों को 7.7 प्रतिशत सालाना की शानदार ब्याज दर दे रही है। एनएससी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें किया गया निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट के दायरे में आता है। इसके जरिए आप हर साल 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स बचा सकते हैं। यह योजना उन लोगों के लिए बिल्कुल सही है जो बिना किसी रिस्क या जोखिम के गारंटीड रिटर्न पाना चाहते हैं।पोस्ट ऑफिस की इस लोकप्रिय योजना में निवेश शुरू करना बेहद आसान है। कोई भी भारतीय नागरिक मात्र 1,000 रुपये के न्यूनतम निवेश के साथ इसकी शुरुआत कर सकता है। इस स्कीम में पैसे लगाने की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है, इसलिए आप अपनी इच्छा के अनुसार जितना चाहें उतना पैसा इसमें निवेश कर सकते हैं। पात्रता की बात करें तो केवल भारतीय नागरिक ही इसमें पैसा लगा सकते हैं। 10 साल से अधिक उम्र के बच्चे अपने खुद के नाम पर निवेश कर सकते हैं, या फिर माता-पिता उनके नाम पर यह सर्टिफिकेट खरीद सकते हैं। इसके अलावा, दो लोग मिलकर जॉइंट अकाउंट के जरिए भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए जरूरी दस्तावेजों में एनएससी आवेदन फॉर्म, पहचान पत्र के रूप में पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है।
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15 लाख रुपये के निवेश से कैसे मिलेंगे 21 लाख रुपये?
इस स्कीम से मिलने वाले शानदार मुनाफे को हम एक सीधे और सरल उदाहरण से समझ सकते हैं। अगर कोई निवेशक एनएससी स्कीम में 5 साल की अवधि के लिए एकमुश्त 15 लाख रुपये का निवेश करता है, तो मौजूदा 7.7 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर के हिसाब से उसे केवल ब्याज के रूप में ही करीब 673,551 रुपये की मोटी कमाई होगी।जब 5 साल का लॉक-इन पीरियड यानी मैच्योरिटी का समय पूरा हो जाएगा, तब निवेशक को मूलधन और ब्याज मिलाकर कुल 21,73,551 रुपये की एक बड़ी रकम वापस मिलेगी। इस योजना में ऑनलाइन तरीके से या किसी भी पोस्ट ऑफिस में जाकर निवेश किया जा सकता है। आप अपनी सुविधा के अनुसार एकमुश्त या अलग-अलग समय पर 100 रुपये के गुणकों में भी इसमें पैसे जमा कर सकते हैं।
क्या मैच्योरिटी से पहले निकाला जा सकता है पैसा?
एनएससी स्कीम में आमतौर पर 5 साल की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने से पहले पैसा निकालने की अनुमति नहीं होती है। हालांकि, कुछ बेहद खास और असाधारण परिस्थितियों में सरकार समय से पहले पैसा निकालने की मंजूरी देती है। ऐसा तभी संभव है जब एनएससी सर्टिफिकेट धारक का अचानक निधन हो जाए। इसके अलावा, अगर किसी राजपत्रित सरकारी अधिकारी द्वारा सर्टिफिकेट को जब्त कर लिया जाता है या फिर किसी सम्मानित अदालत या जज का आदेश आता है, तभी मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाला जा सकता है। इसके लिए खाताधारक या नॉमिनी को जरूरी कानूनी दस्तावेज जमा करने होते हैं।Next Story