खो गया है अपना PPO नंबर? घबराएं नहीं, EPFO की मदद से मिनटों में ऐसे पाएं वापस
पेंशन पाने वाले बुजुर्गों के लिए PPO नंबर बहुत जरूरी होता है, लेकिन कई बार इसे संभाल कर रखना मुश्किल हो जाता है। अक्सर रिटायरमेंट के वक्त मिलने वाले कागजात सालों बाद फाइलों में कहीं दब जाते हैं और जब अचानक जरूरत पड़ती है, तो नंबर याद नहीं आता। यह एक ऐसी समस्या है जिससे बहुत से बुजुर्ग जूझते हैं।
ज्यादातर रिटायर लोगों को PPO नंबर की जरूरत तब पड़ती है जब उन्हें अपना जीवन प्रमाण पत्र ( Life Certificate ) जमा करना हो या बैंक में पेंशन से जुड़ी कोई बात करनी हो। पहले यह नंबर खो जाने का मतलब था सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना और लंबी कागजी कार्रवाई। लेकिन अब EPFO ने इसे बहुत आसान बना दिया है। अब आप ऑनलाइन पोर्टल के जरिए इसे मिनटों में वापस पा सकते हैं।
ये भी पढ़ें: EPFO Pension News: 3000 रुपये मासिक पेंशन के लिए क्या है जरूरी योग्यता
PPO नंबर क्यों है इतना जरूरी?
PPO का मतलब है पेंशन पेमेंट ऑर्डर। यह 12 अंकों का एक खास नंबर होता है जो EPFO की तरफ से जारी किया जाता है। यह नंबर आपकी पहचान की तरह काम करता है और इसी के जरिए बैंक आपकी पेंशन प्रोसेस करते हैं। बिना इस नंबर के न तो आप अपनी पेंशन की शिकायत दर्ज करा सकते हैं और न ही पेंशन रिकॉर्ड चेक कर सकते हैं। क्योंकि इसका इस्तेमाल हर महीने नहीं होता, इसलिए लोग अक्सर इसे लिखकर रखना भूल जाते हैं।
कैसे रिकवर करें अपना PPO नंबर?
अपना खोया हुआ नंबर वापस पाने के लिए आपको बस कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे। सबसे पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां आपको 'पेंशनर्स' वाले सेक्शन में जाना होगा। इस सेक्शन के अंदर आपको " Know Your PPO Number " या PPO सर्च का विकल्प दिखाई देगा।
जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करेंगे, आपसे कुछ जानकारी मांगी जाएगी। आपको अपना EPF अकाउंट नंबर, बैंक अकाउंट नंबर (जो पेंशन से जुड़ा हो), रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और जन्मतिथि जैसी जानकारी भरनी होगी। इसके बाद स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड डालें और सबमिट बटन दबा दें। अगर आपके द्वारा दी गई जानकारी सही है, तो आपका PPO नंबर तुरंत स्क्रीन पर आ जाएगा। कभी-कभी यह आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी भेज दिया जाता है।
ये भी पढ़ें: EPFO का बड़ा अपडेट: अब बिना UAN नंबर के भी निकाल सकेंगे PF का पैसा, न्यूनतम पेंशन होगी 7500! जानें पूरी डिटेल
भविष्य के लिए संभाल कर रखें
एक बार नंबर मिल जाने के बाद, बेहतर होगा कि आप इसकी दो-तीन कॉपी बना लें। बहुत से लोग अब इसे अपने फोन में सेव कर लेते हैं या अपनी ईमेल आईडी पर भेज देते हैं ताकि दोबारा फाइल ढूंढने की नौबत न आए। अपने परिवार के सदस्यों को भी इस बारे में बता कर रखें कि यह नंबर कहां रखा है।
अगर ऑनलाइन काम न बने तो क्या करें?
कभी-कभी पुराने रिकॉर्ड मैच न होने या मोबाइल नंबर बदल जाने की वजह से ऑनलाइन जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसी स्थिति में आपको परेशान होने के बजाय अपने नजदीकी EPFO दफ्तर जाना चाहिए। वहां अधिकारी आपकी मदद करेंगे। हालांकि, ज्यादातर मामलों में ऑनलाइन सुविधा ने बुजुर्गों का काम बहुत आसान कर दिया है और घंटों का काम अब मिनटों में घर बैठे हो जाता है।
ज्यादातर रिटायर लोगों को PPO नंबर की जरूरत तब पड़ती है जब उन्हें अपना जीवन प्रमाण पत्र ( Life Certificate ) जमा करना हो या बैंक में पेंशन से जुड़ी कोई बात करनी हो। पहले यह नंबर खो जाने का मतलब था सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना और लंबी कागजी कार्रवाई। लेकिन अब EPFO ने इसे बहुत आसान बना दिया है। अब आप ऑनलाइन पोर्टल के जरिए इसे मिनटों में वापस पा सकते हैं।
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PPO नंबर क्यों है इतना जरूरी?
PPO का मतलब है पेंशन पेमेंट ऑर्डर। यह 12 अंकों का एक खास नंबर होता है जो EPFO की तरफ से जारी किया जाता है। यह नंबर आपकी पहचान की तरह काम करता है और इसी के जरिए बैंक आपकी पेंशन प्रोसेस करते हैं। बिना इस नंबर के न तो आप अपनी पेंशन की शिकायत दर्ज करा सकते हैं और न ही पेंशन रिकॉर्ड चेक कर सकते हैं। क्योंकि इसका इस्तेमाल हर महीने नहीं होता, इसलिए लोग अक्सर इसे लिखकर रखना भूल जाते हैं। कैसे रिकवर करें अपना PPO नंबर?
अपना खोया हुआ नंबर वापस पाने के लिए आपको बस कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे। सबसे पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां आपको 'पेंशनर्स' वाले सेक्शन में जाना होगा। इस सेक्शन के अंदर आपको " Know Your PPO Number " या PPO सर्च का विकल्प दिखाई देगा।जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करेंगे, आपसे कुछ जानकारी मांगी जाएगी। आपको अपना EPF अकाउंट नंबर, बैंक अकाउंट नंबर (जो पेंशन से जुड़ा हो), रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और जन्मतिथि जैसी जानकारी भरनी होगी। इसके बाद स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड डालें और सबमिट बटन दबा दें। अगर आपके द्वारा दी गई जानकारी सही है, तो आपका PPO नंबर तुरंत स्क्रीन पर आ जाएगा। कभी-कभी यह आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी भेज दिया जाता है।
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भविष्य के लिए संभाल कर रखें
एक बार नंबर मिल जाने के बाद, बेहतर होगा कि आप इसकी दो-तीन कॉपी बना लें। बहुत से लोग अब इसे अपने फोन में सेव कर लेते हैं या अपनी ईमेल आईडी पर भेज देते हैं ताकि दोबारा फाइल ढूंढने की नौबत न आए। अपने परिवार के सदस्यों को भी इस बारे में बता कर रखें कि यह नंबर कहां रखा है। अगर ऑनलाइन काम न बने तो क्या करें?
कभी-कभी पुराने रिकॉर्ड मैच न होने या मोबाइल नंबर बदल जाने की वजह से ऑनलाइन जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसी स्थिति में आपको परेशान होने के बजाय अपने नजदीकी EPFO दफ्तर जाना चाहिए। वहां अधिकारी आपकी मदद करेंगे। हालांकि, ज्यादातर मामलों में ऑनलाइन सुविधा ने बुजुर्गों का काम बहुत आसान कर दिया है और घंटों का काम अब मिनटों में घर बैठे हो जाता है। Next Story