Indore: कढ़ी-चावल खाते ही 38 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, जानिए इंदौर के स्कूल में क्या हुआ
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र स्थित सिंघाना गांव के शासकीय माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मध्याह्न भोजन करने के बाद दर्जनों बच्चों की अचानक तबीयत खराब हो गई। Mid Day Meal Food Poisoning Incident Indore के तहत दोपहर में कढ़ी-चावल परोसे जाने के बाद 38 बच्चों ने पेट दर्द, सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत की। स्कूल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत परिजनों को सूचित किया और प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
19 बच्चों को अरविंदो अस्पताल में कराया गया भर्ती
दोपहर लगभग 1:30 बजे खाना खाने के बाद पहले तीन-चार बच्चों ने तबीयत खराब होने की बात कही, जिसके बाद धीरे-धीरे अन्य बच्चों को भी उल्टी और घबराहट होने लगी। Indore School Children Fall Ill After Kadhi Rice के घटनाक्रम में स्थिति बिगड़ते देख स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को इंदौर के अरविंदो अस्पताल ले जाया गया। यहां 19 बच्चों को डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती कराया गया, जिन्हें लगभग सात घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद शाम को स्थिति सामान्य होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया।
बच्चों और चश्मदीदों ने बताया कढ़ी का स्वाद खराब था
अस्पताल में इलाज करा रहे बच्चों ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर अपनी बात रखी। छात्रा काजल केवट ने बताया, "उम्मीद के मुताबिक कढ़ी का स्वाद खराब था और इसे खाते ही चक्कर आने लगे। शिक्षक को बताने के बाद अन्य छात्रों को भी ऐसी ही समस्या होने लगी।" वहीं एक अन्य छात्रा हेमलता चौहान ने कहा, "स्कूल में कढ़ी-चावल खाने के बाद कुछ बच्चों को उल्टी हुई, जबकि अन्य को घबराहट होने लगी। मुझे हल्का सिरदर्द महसूस हो रहा था। शिक्षकों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां बाद में सब ठीक हो गया।"
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और खाद्य विभाग की जांच
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत हरकत में आ गई। Arvind Hospital Indore Mid Day Meal Emergency के संदर्भ में इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया, "सावधानी के तौर पर कुछ बच्चों को अरविंदो अस्पताल ले जाया गया था और गहन जांच के बाद उनका स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक पाकर छुट्टी दे दी गई है। किसी भी बच्चे में फूड पॉइजनिंग के स्पष्ट लक्षण नहीं मिले हैं।" इस बीच खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने स्कूल पहुंचकर बने हुए भोजन और प्रयुक्त सामग्री के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था प्रणाली की गहन जांच शुरू
इस हादसे के बाद एक बार फिर स्कूलों में परोसे जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और मॉनिटरिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। Food and Drug Administration Mid Day Meal Inspection के तहत अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि खाना कहां पकाया गया था, इसे स्कूल तक कैसे लाया गया और परोसने से पहले गुणवत्ता की जांच की गई थी या नहीं। PM POSHAN Scheme Quality Check Rules 2026 के अंतर्गत सरकारी स्तर पर भोजन की शुद्धता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
19 बच्चों को अरविंदो अस्पताल में कराया गया भर्ती
दोपहर लगभग 1:30 बजे खाना खाने के बाद पहले तीन-चार बच्चों ने तबीयत खराब होने की बात कही, जिसके बाद धीरे-धीरे अन्य बच्चों को भी उल्टी और घबराहट होने लगी। Indore School Children Fall Ill After Kadhi Rice के घटनाक्रम में स्थिति बिगड़ते देख स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को इंदौर के अरविंदो अस्पताल ले जाया गया। यहां 19 बच्चों को डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती कराया गया, जिन्हें लगभग सात घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद शाम को स्थिति सामान्य होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया।
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बच्चों और चश्मदीदों ने बताया कढ़ी का स्वाद खराब था
अस्पताल में इलाज करा रहे बच्चों ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर अपनी बात रखी। छात्रा काजल केवट ने बताया, "उम्मीद के मुताबिक कढ़ी का स्वाद खराब था और इसे खाते ही चक्कर आने लगे। शिक्षक को बताने के बाद अन्य छात्रों को भी ऐसी ही समस्या होने लगी।" वहीं एक अन्य छात्रा हेमलता चौहान ने कहा, "स्कूल में कढ़ी-चावल खाने के बाद कुछ बच्चों को उल्टी हुई, जबकि अन्य को घबराहट होने लगी। मुझे हल्का सिरदर्द महसूस हो रहा था। शिक्षकों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां बाद में सब ठीक हो गया।"
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और खाद्य विभाग की जांच
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत हरकत में आ गई। Arvind Hospital Indore Mid Day Meal Emergency के संदर्भ में इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया, "सावधानी के तौर पर कुछ बच्चों को अरविंदो अस्पताल ले जाया गया था और गहन जांच के बाद उनका स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक पाकर छुट्टी दे दी गई है। किसी भी बच्चे में फूड पॉइजनिंग के स्पष्ट लक्षण नहीं मिले हैं।" इस बीच खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने स्कूल पहुंचकर बने हुए भोजन और प्रयुक्त सामग्री के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था प्रणाली की गहन जांच शुरू
इस हादसे के बाद एक बार फिर स्कूलों में परोसे जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और मॉनिटरिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। Food and Drug Administration Mid Day Meal Inspection के तहत अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि खाना कहां पकाया गया था, इसे स्कूल तक कैसे लाया गया और परोसने से पहले गुणवत्ता की जांच की गई थी या नहीं। PM POSHAN Scheme Quality Check Rules 2026 के अंतर्गत सरकारी स्तर पर भोजन की शुद्धता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





