UPSC में असफलताओं को मात देकर IPS बनीं अंजना कृष्णा की कहानी
केरल के तिरुवनंतपुरम के छोटे से गाँव से निकलकर IPS बनीं अंजना कृष्णा ने न सिर्फ चार प्रयासों के बाद UPSC परीक्षा पास की, बल्कि महाराष्ट्र में अपनी ईमानदार और सख्त कार्यशैली से भी पहचान बनाई। हाल ही में डिप्टी सीएम अजीत पवार से जुड़ा विवाद चर्चा में रहा, पर अंजना शांत और दृढ़ रहीं। उनकी कहानी संघर्ष, धैर्य और निडरता की प्रेरक मिसाल है।
UPSC से IPS तक का प्रेरक सफर
अंजना कृष्णा का जन्म तिरुवनंतपुरम के साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता एक छोटे व्यवसायी और माता जिला अदालत में अपर डिवीजन क्लर्क हैं। अंजना ने NSS कॉलेज, नीरमंकरा से गणित में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर UPSC की तैयारी शुरू की। तीन बार प्रारंभिक परीक्षा में असफल होने के बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनके पिता बताते हैं, “आम तौर पर, कोई भी तीन बार असफल होने के बाद निराश हो जाता है… लेकिन वह हमेशा आत्मविश्वास से भरी थी और अपने सपने को हासिल करने के लिए दृढ़ थी।” चौथे प्रयास में, 2022 में, उन्होंने 355वीं रैंक हासिल की और IPS बनने का अपना सपना पूरा किया।
तीसरी बार असफल होने के बाद अंजना ने रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा पास की, लेकिन जॉइनिंग से पहले ही उन्हें UPSC का रिजल्ट मिला और उनका सपना पूरा हो गया। IPS उनकी पहली पसंद थी।
हाल ही में, सोलापुर के कुर्दु गांव में अवैध मुरम खनन की शिकायत पर कार्रवाई करते समय, अंजना कृष्णा का सामना एक विवादास्पद स्थिति से हुआ। एक स्थानीय NCP कार्यकर्ता के फोन पर अजित पवार ने उनसे बात की और कार्रवाई रोकने का आदेश दिया, कहते हुए, “Suno, mai Deputy Chief Minister bol raha hoon aur aapko aadesh deta hoon ki voh rukwao।” अंजना ने जवाब दिया, “What is the proof that it is the Deputy CM talking?” और उनसे अपने नंबर पर कॉल करने को कहा। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया, और उनकी निडरता ने देशभर में प्रशंसा बटोरी। उनके पिता कहते हैं, “इस घटना के बाद भी अंजना बहुत शांत और खुश थी। वह आधिकारिक मामलों के बारे में हमसे बात नहीं करती। हमें गर्व है कि कोई भी हमारी बेटी के बारे में बुरा नहीं बोलता।”
गणित में स्नातक के बाद उन्होंने criminology में पोस्टग्रेजुएशन शुरू किया। कोचिंग के दौरान वे एक मलयालम अखबार में इंटर्न भी रहीं। अंजना दिसंबर में 28 साल की होने वाली हैं और बचपन से ही IPS बनने का सपना देखती थीं।
अंजना कृष्णा की कहानी केवल UPSC में सफलता की नहीं, बल्कि साहस, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की है। केरल के एक छोटे से गांव से निकलकर, उन्होंने न केवल अपने सपनों को साकार किया, बल्कि सोलापुर में अपने कर्तव्य के प्रति अडिग रहकर एक मिसाल कायम की। उनकी यह यात्रा लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।
UPSC से IPS तक का प्रेरक सफर
अंजना कृष्णा का जन्म तिरुवनंतपुरम के साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता एक छोटे व्यवसायी और माता जिला अदालत में अपर डिवीजन क्लर्क हैं। अंजना ने NSS कॉलेज, नीरमंकरा से गणित में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर UPSC की तैयारी शुरू की। तीन बार प्रारंभिक परीक्षा में असफल होने के बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनके पिता बताते हैं, “आम तौर पर, कोई भी तीन बार असफल होने के बाद निराश हो जाता है… लेकिन वह हमेशा आत्मविश्वास से भरी थी और अपने सपने को हासिल करने के लिए दृढ़ थी।” चौथे प्रयास में, 2022 में, उन्होंने 355वीं रैंक हासिल की और IPS बनने का अपना सपना पूरा किया।
रेलवे नौकरी छोड़ चुनी UPSC की राह
तीसरी बार असफल होने के बाद अंजना ने रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा पास की, लेकिन जॉइनिंग से पहले ही उन्हें UPSC का रिजल्ट मिला और उनका सपना पूरा हो गया। IPS उनकी पहली पसंद थी।
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सोलापुर में अजित पवार के साथ टकराव
हाल ही में, सोलापुर के कुर्दु गांव में अवैध मुरम खनन की शिकायत पर कार्रवाई करते समय, अंजना कृष्णा का सामना एक विवादास्पद स्थिति से हुआ। एक स्थानीय NCP कार्यकर्ता के फोन पर अजित पवार ने उनसे बात की और कार्रवाई रोकने का आदेश दिया, कहते हुए, “Suno, mai Deputy Chief Minister bol raha hoon aur aapko aadesh deta hoon ki voh rukwao।” अंजना ने जवाब दिया, “What is the proof that it is the Deputy CM talking?” और उनसे अपने नंबर पर कॉल करने को कहा। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया, और उनकी निडरता ने देशभर में प्रशंसा बटोरी। उनके पिता कहते हैं, “इस घटना के बाद भी अंजना बहुत शांत और खुश थी। वह आधिकारिक मामलों के बारे में हमसे बात नहीं करती। हमें गर्व है कि कोई भी हमारी बेटी के बारे में बुरा नहीं बोलता।”
पढ़ाई और अन्य उपलब्धियां
गणित में स्नातक के बाद उन्होंने criminology में पोस्टग्रेजुएशन शुरू किया। कोचिंग के दौरान वे एक मलयालम अखबार में इंटर्न भी रहीं। अंजना दिसंबर में 28 साल की होने वाली हैं और बचपन से ही IPS बनने का सपना देखती थीं।
अंजना कृष्णा की कहानी केवल UPSC में सफलता की नहीं, बल्कि साहस, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की है। केरल के एक छोटे से गांव से निकलकर, उन्होंने न केवल अपने सपनों को साकार किया, बल्कि सोलापुर में अपने कर्तव्य के प्रति अडिग रहकर एक मिसाल कायम की। उनकी यह यात्रा लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।





