Zinc Phosphide क्या है? मुंबई परिवार की मौत के बाद बढ़ी चिंता
मुंबई के पायधोनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ने सभी को झकझोर दिया। शुरुआत में माना जा रहा था कि यह मामला तरबूज खाने से हुई फूड पॉइजनिंग का हो सकता है, लेकिन अब फॉरेंसिक जांच ने तस्वीर बदल दी है। जांच में सामने आया कि परिवार की मौत का कारण तरबूज नहीं, बल्कि zinc phosphide नाम का जहरीला रसायन था, जो आमतौर पर चूहे मारने की दवा में इस्तेमाल होता है। इस खुलासे के बाद मुंबई परिवार मौत मामला और zinc phosphide poison दोनों ही चर्चा में आ गए हैं।
यह परिवार 25 अप्रैल की रात अपने रिश्तेदारों के साथ बिरयानी खा चुका था। रिपोर्ट के मुताबिक, उस खाने के बाद किसी रिश्तेदार की तबीयत नहीं बिगड़ी। बाद में रात करीब 1 बजे परिवार के चार सदस्यों ने तरबूज खाया और उसके कुछ घंटों बाद उनकी हालत बिगड़ गई।
फॉरेंसिक जांच में मृतकों के आंतरिक अंगों में zinc phosphide के निशान मिले। जांच में तरबूज के सैंपल में भी यही जहरीला पदार्थ पाया गया, जबकि बाकी खाने की चीजों में ऐसा कुछ नहीं मिला। इसी के बाद साफ हुआ कि मामला साधारण फूड पॉइजनिंग का नहीं था।
zinc phosphide एक बेहद जहरीला रसायन है, जिसका इस्तेमाल आम तौर पर चूहों और दूसरे कृन्तकों को मारने के लिए किया जाता है। यह गहरे स्लेटी रंग का पाउडर होता है और देश के कई हिस्सों में आसानी से मिल जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब zinc phosphide शरीर के अंदर पहुंचता है तो पेट के अम्ल के संपर्क में आकर phosphine gas छोड़ता है। यही गैस तेजी से शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करती है और कुछ ही घंटों में हालत गंभीर हो सकती है। यही वजह है कि zinc phosphide poisoning को बेहद खतरनाक माना जाता है।
डॉक्टरों के मुताबिक zinc phosphide poisoning का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इसका कोई तय antidote नहीं है। यानी एक बार शरीर में पहुंचने के बाद इलाज मुख्य रूप से लक्षणों को संभालने तक सीमित रह जाता है।
यही कारण है कि कई मामलों में मरीज को बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, यही वजह रही कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद मुंबई के इस परिवार को बचाया नहीं जा सका।
फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि zinc phosphide खाने में कैसे पहुंचा। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह जहर गलती से मिला, जानबूझकर मिलाया गया, या सप्लाई चेन के किसी स्तर पर खाद्य पदार्थ दूषित हुआ।
अधिकारियों ने अभी तक किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचने की बात नहीं कही है। जांच जारी है और परिवार के करीबी लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
मुंबई परिवार मौत मामला सिर्फ एक फॉरेंसिक खुलासा नहीं है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि घरों में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें कितनी खतरनाक हो सकती हैं। rat poison जैसी चीजें अक्सर आसानी से उपलब्ध होती हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
इस घटना ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जहरीले रसायनों की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल को लेकर जागरूकता कितनी जरूरी है।
कैसे खुला मौत की वजह का राज
यह परिवार 25 अप्रैल की रात अपने रिश्तेदारों के साथ बिरयानी खा चुका था। रिपोर्ट के मुताबिक, उस खाने के बाद किसी रिश्तेदार की तबीयत नहीं बिगड़ी। बाद में रात करीब 1 बजे परिवार के चार सदस्यों ने तरबूज खाया और उसके कुछ घंटों बाद उनकी हालत बिगड़ गई।
फॉरेंसिक जांच में मृतकों के आंतरिक अंगों में zinc phosphide के निशान मिले। जांच में तरबूज के सैंपल में भी यही जहरीला पदार्थ पाया गया, जबकि बाकी खाने की चीजों में ऐसा कुछ नहीं मिला। इसी के बाद साफ हुआ कि मामला साधारण फूड पॉइजनिंग का नहीं था।
क्या है Zinc Phosphide
zinc phosphide एक बेहद जहरीला रसायन है, जिसका इस्तेमाल आम तौर पर चूहों और दूसरे कृन्तकों को मारने के लिए किया जाता है। यह गहरे स्लेटी रंग का पाउडर होता है और देश के कई हिस्सों में आसानी से मिल जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब zinc phosphide शरीर के अंदर पहुंचता है तो पेट के अम्ल के संपर्क में आकर phosphine gas छोड़ता है। यही गैस तेजी से शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करती है और कुछ ही घंटों में हालत गंभीर हो सकती है। यही वजह है कि zinc phosphide poisoning को बेहद खतरनाक माना जाता है।
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इस जहर का कोई एंटीडोट नहीं
डॉक्टरों के मुताबिक zinc phosphide poisoning का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इसका कोई तय antidote नहीं है। यानी एक बार शरीर में पहुंचने के बाद इलाज मुख्य रूप से लक्षणों को संभालने तक सीमित रह जाता है।
यही कारण है कि कई मामलों में मरीज को बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, यही वजह रही कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद मुंबई के इस परिवार को बचाया नहीं जा सका।
जांच अब किस दिशा में बढ़ रही है
फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि zinc phosphide खाने में कैसे पहुंचा। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह जहर गलती से मिला, जानबूझकर मिलाया गया, या सप्लाई चेन के किसी स्तर पर खाद्य पदार्थ दूषित हुआ।
अधिकारियों ने अभी तक किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचने की बात नहीं कही है। जांच जारी है और परिवार के करीबी लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
क्यों चिंता बढ़ाने वाला है यह मामला
मुंबई परिवार मौत मामला सिर्फ एक फॉरेंसिक खुलासा नहीं है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि घरों में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें कितनी खतरनाक हो सकती हैं। rat poison जैसी चीजें अक्सर आसानी से उपलब्ध होती हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
इस घटना ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जहरीले रसायनों की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल को लेकर जागरूकता कितनी जरूरी है।









