भारत की सबसे बड़ी सब्जी मंडी कौन सी है और यह कहाँ स्थित है?

Newspoint
भारत में सैकड़ों सब्जी मंडियाँ हैं लेकिन उनमें से बहुत कम ऐसी हैं जो इतने बड़े पैमाने पर काम करती हैं कि उनका सीधा असर देश की खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर पड़े। इन्हीं में से एक मंडी अपने विशाल आकार, दैनिक आवक और राष्ट्रीय स्तर के प्रभाव के कारण सबसे अलग है। भारत की सबसे बड़ी सब्जी मंडी के बारे में जानना हमें यह समझने में मदद करता है कि खेतों से शहरों तक सब्जियों का सफर कैसे तय होता है और कीमतें कैसे तय की जाती हैं। दिल्ली की आज़ादपुर सब्जी मंडी इस व्यवस्था की धुरी है।
Hero Image

You may also like



भारत की सबसे बड़ी सब्जी मंडी: आकार और क्षमता

आज़ादपुर सब्जी मंडी को न केवल भारत की बल्कि एशिया की सबसे बड़ी फल और सब्जी थोक मंडी माना जाता है। इस मंडी से जुड़े कुछ प्रमुख तथ्य इस प्रकार हैं:

  • विशाल कारोबार: विभिन्न व्यापारिक और सरकारी रिपोर्टों के अनुसार आज़ादपुर मंडी सालाना लाखों मीट्रिक टन फल और सब्जियों का कारोबार करती है।
  • क्षेत्रफल: दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड के अनुसार यह मंडी लगभग 76 एकड़ भूमि में फैली हुई है जो इसे देश के सबसे बड़े नियंत्रित थोक कृषि बाजारों में से एक बनाती है।
  • दुकानें और वस्तुएं: इस मंडी यार्ड में लेनदेन के लिए फल और सब्जियों की 118 अधिसूचित वस्तुएं शामिल हैं। यहाँ लगभग 438 बड़ी दुकानें और 826 छोटी दुकानें संचालित होती हैं।
  • प्रबंधन: इसका प्रबंधन और नियंत्रण कृषि उपज विपणन समिति (APMC) दिल्ली द्वारा किया जाता है। जनवरी 2004 में इसका नाम बदलकर 'चौधरी हीरा सिंह फल एवं सब्जी मंडी' कर दिया गया था।

आज़ादपुर सब्जी मंडी की स्थापना कब हुई?

आज़ादपुर सब्जी मंडी का निर्माण 1970 के दशक में हुआ था। इससे पहले दिल्ली में फलों और सब्जियों का थोक व्यापार पुरानी दिल्ली के 'बर्फखाना' इलाके में होता था। सरकार ने पुरानी दिल्ली की भीड़भाड़ कम करने और एपीएमसी अधिनियम के तहत एक नई व संगठित थोक विपणन प्रणाली स्थापित करने के लिए व्यापार को आज़ादपुर में स्थानांतरित कर दिया। तब से यह मंडी बुनियादी ढांचे और क्षमता के मामले में लगातार बढ़ रही है।


यह मंडी इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

आज़ादपुर मंडी के महत्व के कई बड़े कारण हैं:

  • राष्ट्रीय वितरण केंद्र: यहाँ आने वाली सब्जियां और फल न केवल दिल्ली एनसीआर बल्कि अन्य राज्यों में भी बेचे जाते हैं। यह उत्तर भारत के किसानों और शहरी उपभोक्ताओं के बीच एक केंद्रीय कड़ी है।
  • कीमतों का निर्धारण: यहाँ होने वाली भारी आवक के कारण आज़ादपुर की दरें भारत के अधिकांश शहरों के बाजारों को प्रभावित करती हैं। पड़ोसी राज्यों में बाजार की कीमतें अक्सर यहीं के रेट से तय होती हैं।
  • रोजगार का स्रोत: मंडी में हजारों कमीशन एजेंट, ट्रांसपोर्टर, कुली और छोटे व्यापारी काम करते हैं। यह लाखों लोगों को आजीविका प्रदान करती है और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए एक स्थिर मंच देती है।
  • बेहतर कनेक्टिविटी: दिल्ली में स्थित होने और राजमार्गों से जुड़े होने के कारण यहाँ से जल्दी खराब होने वाले सामानों की आवाजाही तेजी से होती है जिससे बर्बादी कम होती है।

आज़ादपुर मंडी केवल भारत की ही नहीं बल्कि एशिया की कृषि श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 76 एकड़ में फैली यह मंडी आज भी यह तय करती है कि उत्तर भारत के घरों तक सब्जियां किस तरह पहुंचेंगी।



More from our partners
Loving Newspoint? Download the app now
Newspoint