भारत की 'ग्लास कैपिटल' किस शहर को कहा जाता है?

क्या आप जानते हैं कि भारत के किस शहर को 'ग्लास सिटी' कहा जाता है? यह जीवंत शहर भारत की 80% कांच की चूड़ियों को बनाने के लिए जाना जाता है। यहाँ 5,00,000 से अधिक कारीगर काम करते हैं, जो सदियों पुरानी उन विधियों का उपयोग करते हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही हैं। आइए भारत के इस प्रसिद्ध कांच शहर के समृद्ध इतिहास और विज्ञान को समझते हैं।
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कांच एक ऐसी सामग्री है जिसका उपयोग हम हर दिन करते हैं, चाहे वह हमारी खिड़कियों में हो या फोन की स्क्रीन पर। इसे सिलिका रेत, सोडा ऐश और चूना पत्थर जैसे कच्चे माल को बहुत उच्च तापमान पर पिघलाकर बनाया जाता है। आज भारत में कांच बनाने का एक ऐतिहासिक केंद्र है। इस स्थान को 'भारत की ग्लास सिटी' और 'भारत की चूड़ियों का शहर' जैसे कई नामों से जाना जाता है।

भारत की ग्लास सिटी कौन सा शहर है?

आगरा के पास उत्तर प्रदेश में स्थित फिरोजाबाद को 'भारत की ग्लास सिटी' के रूप में जाना जाता है। इसे 'सुहाग नगरी' या 'बंगल सिटी' भी कहा जाता है क्योंकि यह देश की अधिकांश कांच की चूड़ियों और कांच के सामान का उत्पादन करता है।

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शहर में कांच बनाने की परंपरा मुगल काल में शुरू हुई थी और अब यह एक बड़े आधुनिक उद्योग में बदल गई है। आज फिरोजाबाद में कांच फूंकने की सैकड़ों कार्यशालाएं और भट्टियां हैं। यह शहर अपने हाथ से बने (माउथ-ब्लोन) कांच और चमकीले रंगों के लिए प्रसिद्ध है।


फिरोजाबाद को भारत की ग्लास कैपिटल क्यों कहा जाता है?

फिरोजाबाद को अपने लंबे इतिहास और बड़े पैमाने पर कांच उद्योग के कारण भारत की ग्लास कैपिटल माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस शहर को इतना सम्मानित क्यों बनाया गया है।

1. विशाल उत्पादन क्षमता
फिरोजाबाद भारत के कांच उद्योग में केंद्रीय भूमिका निभाता है। शहर में छोटी कार्यशालाओं से लेकर बड़ी फैक्ट्रियों तक 400 से अधिक पंजीकृत कांच के व्यवसाय हैं। भारत में बनने वाली कुल कांच की चूड़ियों का लगभग 70% से 80% हिस्सा यहीं तैयार होता है। चूड़ियों के अलावा यहाँ झूमर, प्रयोगशाला के उपकरण और रसोई के बर्तन भी बनाए जाते हैं जो दुनिया भर में भेजे जाते हैं।

2. ऐतिहासिक विरासत
इस शिल्प की जड़ें मुगल काल तक जाती हैं। उस समय कांच की टूटी हुई वस्तुओं को छोटी भट्टियों में पिघलाकर नए आभूषण बनाए जाते थे, जो बाद में एक पूर्ण उद्योग के रूप में विकसित हो गया। आज शहर के 5 लाख से अधिक लोग इस कला से जुड़े हैं।

3. रंगों का विज्ञान
यह शहर पारंपरिक हस्तशिल्प और आधुनिक रसायन विज्ञान के मिश्रण के लिए जाना जाता है। फिरोजाबाद 100 से अधिक विभिन्न रंगों के कांच बनाने के लिए प्रसिद्ध है। पिघले हुए कांच में कुछ विशिष्ट खनिजों को मिलाया जाता है जिसे 'केमिकल डोपिंग' कहते हैं। जहाँ कई देश कांच बनाने के लिए मशीनों का उपयोग करते हैं, वहीं फिरोजाबाद हाथ से बने और मुंह से फूंककर तैयार किए गए कांच (mouth-blown glass) में दुनिया का नेतृत्व करता है।


4. आर्थिक प्रभाव और निर्यात
यहाँ बना कांच का सामान, विशेष रूप से उच्च श्रेणी के हस्तशिल्प और लाइट फिटिंग, अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व के देशों में निर्यात किया जाता है। यह शहर क्लस्टर-आधारित अर्थव्यवस्था का एक मजबूत उदाहरण है।

5. कच्चे माल की उपलब्धता
इस क्षेत्र का विकास इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण भी हुआ। अतीत में बारीक रेत की आसान उपलब्धता और प्राकृतिक गैस की पाइपलाइनों की निकटता ने यहाँ की भट्टियों को चौबीसों घंटे चालू रखने में मदद की।

फिरोजाबाद किस राज्य में है?

फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है, जो नई दिल्ली से लगभग 200 किलोमीटर दूर है। यह शहर राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उत्तर प्रदेश हस्तशिल्प का एक प्रमुख निर्यातक है और फिरोजाबाद का कांच उद्योग इसमें अरबों डॉलर का योगदान देता है।