जब जिंदगी में सब गलत लगने लगे, तब काम आएंगी ये 5 फिल्में
कई फिल्में हमें हंसाती हैं, रुलाती हैं या हमें खुद के बारे में सोचने पर मजबूर कर देती हैं। कई बार जब हम जिंदगी में लड़खड़ाते हैं, तो कुछ फिल्में दोस्त की तरह संभालती हैं और आगे का रास्ता दिखाती हैं। फिल्में सिर्फ एंटरटेनमेंट का जरिया नहीं होतीं, बल्कि कई बार वे हमें जिंदगी से जुड़े ऐसे सबक भी सिखाती हैं, जो किताबों में नहीं मिलते। बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जिन्होंने लाखों लोगों को नई उम्मीद और नया नजरिया दिया है। अगर आप ऐसी फिल्में ढूंढ रहे हैं, जो आपको मोटिवेट करें और सोचने पर मजबूर कर दें, तो ये आर्टिकल आपके लिए है
ये ऐसी फिल्म है, जो किसी भी भटके हुए युवा को रास्ता दिखा सकती है। ऋतिक रोशन स्टारर 'लक्ष्य' एक ऐसे लड़के की कहानी है, जिसे शुरुआत में अपनी जिंदगी का कोई मकसद समझ नहीं आता। लेकिन धीरे-धीरे वह अपने लक्ष्य को पहचानता है और उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करता है। यह फिल्म सिखाती है कि जिंदगी में दिशा और मेहनत दोनों जरूरी हैं। अगर लक्ष्य साफ हो, तो सफलता हासिल की जा सकती है।
इरफान खान, दुलकर सलमान और मिथिला पालकर की फिल्म 'करवां' जिंदगी को धीरे-धीरे जीने और छोटी-छोटी खुशियों की अहमियत समझाती है। फिल्म यह संदेश देती है कि हर समय भागदौड़ में रहने के बजाय खुद के लिए समय निकालना भी जरूरी है। कई बार जिंदगी का असली मजा मंजिल में नहीं, बल्कि सफर में छिपा होता है। ये फिल्म पैशन और प्रोफेशन की लड़ाई को बहुत खूबसूरती से दिखाती है।
राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन की क्लासिक फिल्म 'आनंद' आज भी लोगों को जिंदगी जीने का तरीका सिखाती है। कैंसर से जूझने के बावजूद आनंद का किरदार हर पल को खुशी से जीने का संदेश देता है। फिल्म का हिट डायलॉग, "बाबूमोशाय, जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं", आज भी लोगों को जिंदगी को नई सोच के साथ जीने की हिम्मत देता है।
आमिर खान, आर. माधवन और शरमन जोशी की यह फिल्म सिर्फ दोस्ती की कहानी नहीं है, बल्कि यह एजुकेशन सिस्टम और करियर को लेकर समाज की सोच पर भी सवाल उठाती है। फिल्म बताती है कि सफलता के पीछे भागने के बजाय अपनी कॉलिंग को पहचानना ज्यादा जरूरी है। 'ऑल इज वेल' का संदेश आज भी लोगों को मुश्किल वक्त में आगे बढ़ना सिखाता है।
आलिया भट्ट और शाहरुख खान की फिल्म 'डियर जिंदगी' मेंटल हेल्थ और सेल्फ-लव के कॉन्सेप्ट को बहुत खूबसूरती से पर्दे पर दिखाती है। यह फिल्म बताती है कि जिंदगी में परेशानियां होना आम बात है और जरूरत पड़ने पर मदद लेना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है। फिल्म लोगों को खुद से प्यार करना और वर्तमान में जीना सिखाती है।
इन फिल्मों की खास बात यह है कि ये सिर्फ एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जिंदगी के अलग-अलग पहलुओं को समझने में भी मदद करती हैं। 'लक्ष्य' हमें मेहनत की अहमियत बताती है, 'करवां' जिंदगी में असली खुशी को ढूंढना सिखाती है, 'आनंद' हर पल को खुशी से जीने का संदेश देती है, '3 इडियट्स' अपने सपनों के पीछे भागने की हिम्मत देती है और 'डियर जिंदगी' खुद को समझने और खुद को चुनने की प्रेरणा देती है। यही वजह है कि इन फिल्मों को देखने के बाद कई लोगों का जिंदगी को देखने का नजरिया बदल जाता है।
1. लक्ष्य
ये ऐसी फिल्म है, जो किसी भी भटके हुए युवा को रास्ता दिखा सकती है। ऋतिक रोशन स्टारर 'लक्ष्य' एक ऐसे लड़के की कहानी है, जिसे शुरुआत में अपनी जिंदगी का कोई मकसद समझ नहीं आता। लेकिन धीरे-धीरे वह अपने लक्ष्य को पहचानता है और उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करता है। यह फिल्म सिखाती है कि जिंदगी में दिशा और मेहनत दोनों जरूरी हैं। अगर लक्ष्य साफ हो, तो सफलता हासिल की जा सकती है।
2. करवां
इरफान खान, दुलकर सलमान और मिथिला पालकर की फिल्म 'करवां' जिंदगी को धीरे-धीरे जीने और छोटी-छोटी खुशियों की अहमियत समझाती है। फिल्म यह संदेश देती है कि हर समय भागदौड़ में रहने के बजाय खुद के लिए समय निकालना भी जरूरी है। कई बार जिंदगी का असली मजा मंजिल में नहीं, बल्कि सफर में छिपा होता है। ये फिल्म पैशन और प्रोफेशन की लड़ाई को बहुत खूबसूरती से दिखाती है।
3. आनंद
राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन की क्लासिक फिल्म 'आनंद' आज भी लोगों को जिंदगी जीने का तरीका सिखाती है। कैंसर से जूझने के बावजूद आनंद का किरदार हर पल को खुशी से जीने का संदेश देता है। फिल्म का हिट डायलॉग, "बाबूमोशाय, जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं", आज भी लोगों को जिंदगी को नई सोच के साथ जीने की हिम्मत देता है।
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4. 3 इडियट्स
आमिर खान, आर. माधवन और शरमन जोशी की यह फिल्म सिर्फ दोस्ती की कहानी नहीं है, बल्कि यह एजुकेशन सिस्टम और करियर को लेकर समाज की सोच पर भी सवाल उठाती है। फिल्म बताती है कि सफलता के पीछे भागने के बजाय अपनी कॉलिंग को पहचानना ज्यादा जरूरी है। 'ऑल इज वेल' का संदेश आज भी लोगों को मुश्किल वक्त में आगे बढ़ना सिखाता है।
5. डियर जिंदगी
आलिया भट्ट और शाहरुख खान की फिल्म 'डियर जिंदगी' मेंटल हेल्थ और सेल्फ-लव के कॉन्सेप्ट को बहुत खूबसूरती से पर्दे पर दिखाती है। यह फिल्म बताती है कि जिंदगी में परेशानियां होना आम बात है और जरूरत पड़ने पर मदद लेना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है। फिल्म लोगों को खुद से प्यार करना और वर्तमान में जीना सिखाती है।
सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, जिंदगी के सबक भी देती हैं ये फिल्में
इन फिल्मों की खास बात यह है कि ये सिर्फ एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जिंदगी के अलग-अलग पहलुओं को समझने में भी मदद करती हैं। 'लक्ष्य' हमें मेहनत की अहमियत बताती है, 'करवां' जिंदगी में असली खुशी को ढूंढना सिखाती है, 'आनंद' हर पल को खुशी से जीने का संदेश देती है, '3 इडियट्स' अपने सपनों के पीछे भागने की हिम्मत देती है और 'डियर जिंदगी' खुद को समझने और खुद को चुनने की प्रेरणा देती है। यही वजह है कि इन फिल्मों को देखने के बाद कई लोगों का जिंदगी को देखने का नजरिया बदल जाता है।





