अपने गार्डन में ऐसे उगाएं शहतूत का पौधा – आसान और असरदार टिप्स
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शहतूत एक स्वादिष्ट और सेहतमंद फल है, जिसे आप अपने घर के गार्डन में भी आसानी से उगा सकते हैं। इसके लिए किसी खास खेती की जरूरत नहीं होती, बस थोड़ी सी देखभाल और सही तरीके से प्लानिंग होनी चाहिए। आइए जानते हैं कैसे आप अपने गार्डन में शहतूत का पौधा उगा सकते हैं और उसकी अच्छी तरह देखभाल कर सकते हैं।
धूप वाली जगह चुनें
शहतूत का पौधा अच्छी धूप में ही सही तरीके से बढ़ता है। इसे ऐसे स्थान पर लगाएं जहां दिन में कम से कम 6 से 8 घंटे सूरज की रोशनी मिल सके। कोशिश करें कि पौधे के आसपास कोई बड़ी दीवार या छाया देने वाला पेड़ न हो, ताकि उसे हवा और रोशनी दोनों सही मात्रा में मिल सकें।
मिट्टी हो अच्छी और ढीली
शहतूत के लिए ऐसी मिट्टी सबसे बढ़िया रहती है जिसमें पानी रुकता न हो। अगर मिट्टी बहुत भारी या चिकनी है, तो उसमें रेत और जैविक खाद (जैसे गोबर की खाद) मिलाएं। मिट्टी का पीएच लेवल 6 से 7 के बीच हो तो पौधे की जड़ें ज्यादा मजबूत बनती हैं और अच्छी बढ़त होती है।
पानी सही समय और मात्रा में दें
पौधे को नियमित पानी देना ज़रूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा पानी भी नुकसान पहुंचा सकता है। कोशिश करें कि सुबह या शाम के वक्त ही पानी दें और बस इतना ही कि मिट्टी थोड़ी नम रहे। बारिश के मौसम में पानी देना कम कर दें क्योंकि तब मिट्टी वैसे ही गीली रहती है।
जैविक खाद से मिलेगा पूरा पोषण
पौधे की सही बढ़त के लिए हर 2-3 महीने में जैविक खाद जरूर डालें। गोबर की खाद, कंपोस्ट या वर्मीकंपोस्ट जैसे विकल्प सबसे बेहतर रहते हैं। इससे पौधे को ज़रूरी पोषक तत्व मिलते हैं और मिट्टी भी उपजाऊ बनी रहती है। रासायनिक खाद का इस्तेमाल न करें, ये मिट्टी को नुकसान पहुंचा सकती है।
पौधे की छंटाई न भूलें
शहतूत के पौधे को स्वस्थ और फलदार बनाए रखने के लिए उसकी समय-समय पर छंटाई करते रहें। सूखे पत्ते और पुरानी टहनियों को हटा दें, ताकि नई शाखाएं निकल सकें और हवा भी अच्छे से गुजर सके। इससे पौधा और ज्यादा हरा-भरा और फायदेमंद बनता है।
थोड़ी सी मेहनत और सही देखभाल से आप अपने गार्डन में शहतूत का पौधा आसानी से उगा सकते हैं। यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। तो आज ही प्लान बनाइए और अपने गार्डन में लगाइए शहतूत का पौधा।
धूप वाली जगह चुनें
शहतूत का पौधा अच्छी धूप में ही सही तरीके से बढ़ता है। इसे ऐसे स्थान पर लगाएं जहां दिन में कम से कम 6 से 8 घंटे सूरज की रोशनी मिल सके। कोशिश करें कि पौधे के आसपास कोई बड़ी दीवार या छाया देने वाला पेड़ न हो, ताकि उसे हवा और रोशनी दोनों सही मात्रा में मिल सकें।
मिट्टी हो अच्छी और ढीली
शहतूत के लिए ऐसी मिट्टी सबसे बढ़िया रहती है जिसमें पानी रुकता न हो। अगर मिट्टी बहुत भारी या चिकनी है, तो उसमें रेत और जैविक खाद (जैसे गोबर की खाद) मिलाएं। मिट्टी का पीएच लेवल 6 से 7 के बीच हो तो पौधे की जड़ें ज्यादा मजबूत बनती हैं और अच्छी बढ़त होती है।
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पानी सही समय और मात्रा में दें
पौधे को नियमित पानी देना ज़रूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा पानी भी नुकसान पहुंचा सकता है। कोशिश करें कि सुबह या शाम के वक्त ही पानी दें और बस इतना ही कि मिट्टी थोड़ी नम रहे। बारिश के मौसम में पानी देना कम कर दें क्योंकि तब मिट्टी वैसे ही गीली रहती है।
जैविक खाद से मिलेगा पूरा पोषण
पौधे की सही बढ़त के लिए हर 2-3 महीने में जैविक खाद जरूर डालें। गोबर की खाद, कंपोस्ट या वर्मीकंपोस्ट जैसे विकल्प सबसे बेहतर रहते हैं। इससे पौधे को ज़रूरी पोषक तत्व मिलते हैं और मिट्टी भी उपजाऊ बनी रहती है। रासायनिक खाद का इस्तेमाल न करें, ये मिट्टी को नुकसान पहुंचा सकती है।
पौधे की छंटाई न भूलें
शहतूत के पौधे को स्वस्थ और फलदार बनाए रखने के लिए उसकी समय-समय पर छंटाई करते रहें। सूखे पत्ते और पुरानी टहनियों को हटा दें, ताकि नई शाखाएं निकल सकें और हवा भी अच्छे से गुजर सके। इससे पौधा और ज्यादा हरा-भरा और फायदेमंद बनता है।
थोड़ी सी मेहनत और सही देखभाल से आप अपने गार्डन में शहतूत का पौधा आसानी से उगा सकते हैं। यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। तो आज ही प्लान बनाइए और अपने गार्डन में लगाइए शहतूत का पौधा।