गांवों में ही बनेंगे बच्चों के आधार कार्ड: जानें बाल आधार के जरूरी दस्तावेज और UIDAI के नए नियम
आधार कार्ड नियम: आधार कार्ड को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। ग्रामीण आगरा के लोगों के घर के पास ही आधार से जुड़ी सुविधाएं पहुंचाने की तैयारियां की जा रही हैं। पंचायती राज विभाग की योजना जिले की सभी 690 ग्राम पंचायतों में आधार नामांकन (Enrollment) और अपडेट मशीनें लगाने की है। इन मशीनों से बच्चों के नए आधार कार्ड बनाने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए नए आधार कार्ड यहाँ नहीं बनाए जाएंगे। फिर भी, मौजूदा आधार कार्ड में पते, मोबाइल नंबर, बायोमेट्रिक्स या अन्य जानकारी को बदलने जैसे महत्वपूर्ण अपडेट की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
विभाग को उम्मीद है कि ग्राम पंचायत स्तर पर इस पहल से आधार सेवाओं की पहुंच में सुधार होगा। यह विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों के लिए फायदेमंद होगा जो अपने नवजात शिशुओं और स्कूली बच्चों के लिए आधार कार्ड बनवाना चाहते हैं। इसके अलावा, गांव के भीतर ही आधार अपडेट होने से समय और पैसा दोनों बचेगा।
आधार अपडेट: 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रक्रिया अलग है
UIDAI के नियमों के अनुसार, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी किए गए आधार कार्ड को "बाल आधार" कहा जाता है। इसमें बच्चे के उंगलियों के निशान (Fingerprint) या आंखों की पुतली (Iris) का बायोमेट्रिक डेटा नहीं लिया जाता है। केवल बच्चे की एक तस्वीर ली जाती है, और उनके आधार को माता या पिता में से किसी एक के आधार नंबर से जोड़ा जाता है। जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाता है, तो उसके बायोमेट्रिक्स को अपडेट करना अनिवार्य होता है। इसके बाद, 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर इसे दोबारा अपडेट करना होता है।
बाल आधार बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?
बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए कुछ विशिष्ट दस्तावेज आवश्यक हैं। सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) है। यदि जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, तो अस्पताल का डिस्चार्ज स्लिप या स्कूल आईडी जैसे विकल्पों को स्वीकार किया जा सकता है। इसके अलावा, ओटीपी (OTP) प्राप्त करने और भविष्य के अपडेट को आसान बनाने के लिए माता-पिता में से किसी एक का आधार कार्ड और आधार से लिंक एक सक्रिय मोबाइल नंबर आवश्यक है।
कई राज्यों में ग्राम पंचायत भवनों में आधार नामांकन मशीनें स्थापित की जा रही हैं। यह पहल ग्रामीण परिवारों को पंचायत स्तर पर ही अपने बच्चों का नामांकन कराने में सक्षम बनाती है। जिन क्षेत्रों में यह सेवा उपलब्ध नहीं है, वहां निकटतम डाकघर में भी आधार नामांकन कराया जा सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में, आप डाकिया (Postman) से संपर्क करके या PostInfo ऐप का उपयोग करके भी बाल आधार के लिए अनुरोध कर सकते हैं। यदि आपके गांव में ये विकल्प उपलब्ध नहीं हैं, तो आप निकटतम आधार सेवा केंद्र, जन सेवा केंद्र (CSC), बैंक या डाकघर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
18 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट
UIDAI आधार सेवाओं को अधिक डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति आधार में अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल पता या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करने के लिए अधिकृत आधार सेवा केंद्रों पर जा सकता है। कई सेवाएं ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं, हालांकि बायोमेट्रिक अपडेट के लिए आधार केंद्र जाना आवश्यक होगा।
विभाग को उम्मीद है कि ग्राम पंचायत स्तर पर इस पहल से आधार सेवाओं की पहुंच में सुधार होगा। यह विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों के लिए फायदेमंद होगा जो अपने नवजात शिशुओं और स्कूली बच्चों के लिए आधार कार्ड बनवाना चाहते हैं। इसके अलावा, गांव के भीतर ही आधार अपडेट होने से समय और पैसा दोनों बचेगा।
आधार अपडेट: 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रक्रिया अलग है
UIDAI के नियमों के अनुसार, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी किए गए आधार कार्ड को "बाल आधार" कहा जाता है। इसमें बच्चे के उंगलियों के निशान (Fingerprint) या आंखों की पुतली (Iris) का बायोमेट्रिक डेटा नहीं लिया जाता है। केवल बच्चे की एक तस्वीर ली जाती है, और उनके आधार को माता या पिता में से किसी एक के आधार नंबर से जोड़ा जाता है। जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाता है, तो उसके बायोमेट्रिक्स को अपडेट करना अनिवार्य होता है। इसके बाद, 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर इसे दोबारा अपडेट करना होता है।
बाल आधार बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?
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बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए कुछ विशिष्ट दस्तावेज आवश्यक हैं। सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) है। यदि जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, तो अस्पताल का डिस्चार्ज स्लिप या स्कूल आईडी जैसे विकल्पों को स्वीकार किया जा सकता है। इसके अलावा, ओटीपी (OTP) प्राप्त करने और भविष्य के अपडेट को आसान बनाने के लिए माता-पिता में से किसी एक का आधार कार्ड और आधार से लिंक एक सक्रिय मोबाइल नंबर आवश्यक है।
कई राज्यों में ग्राम पंचायत भवनों में आधार नामांकन मशीनें स्थापित की जा रही हैं। यह पहल ग्रामीण परिवारों को पंचायत स्तर पर ही अपने बच्चों का नामांकन कराने में सक्षम बनाती है। जिन क्षेत्रों में यह सेवा उपलब्ध नहीं है, वहां निकटतम डाकघर में भी आधार नामांकन कराया जा सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में, आप डाकिया (Postman) से संपर्क करके या PostInfo ऐप का उपयोग करके भी बाल आधार के लिए अनुरोध कर सकते हैं। यदि आपके गांव में ये विकल्प उपलब्ध नहीं हैं, तो आप निकटतम आधार सेवा केंद्र, जन सेवा केंद्र (CSC), बैंक या डाकघर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
18 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट
UIDAI आधार सेवाओं को अधिक डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति आधार में अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल पता या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करने के लिए अधिकृत आधार सेवा केंद्रों पर जा सकता है। कई सेवाएं ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं, हालांकि बायोमेट्रिक अपडेट के लिए आधार केंद्र जाना आवश्यक होगा।





