Ladki Bahin Yojana List: सरकार का बड़ा एक्शन, लाडकी बहिन योजना से हटाए गए 33 हजार से ज्यादा नाम
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना को लेकर सरकार इन दिनों काफी सख्त नजर आ रही है। इस योजना का गलत तरीके से फायदा उठा रहे अपात्र लोगों को बाहर निकालने का काम तेजी से चल रहा है। लाडकी बहिन योजना के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) कराने की आखिरी तारीख खत्म होते ही प्रशासन ने कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है। इसी बीच एक बड़ी खबर आई है कि राज्य के एक ही जिले से भारी संख्या में लोगों के नाम लिस्ट से हमेशा के लिए हटा दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, अमरावती जिले में करीब 33,000 महिला लाभार्थियों को इस योजना के लिए पूरी तरह से अयोग्य (Disqualified) घोषित कर दिया गया है।
अमरावती जिले में पिछले 8 से 10 महीनों के दौरान चलाए गए एक विशेष ई-केवाईसी अभियान के बाद यह बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच में सामने आया कि ये लोग योजना की शर्तों को पूरा नहीं करते थे, फिर भी हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद ले रहे थे। हैरान करने वाली बात तो यह है कि लाभार्थियों की इस लिस्ट में कुछ पुरुषों के नाम भी पाए गए हैं, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर धोखाधड़ी से इस योजना का लाभ उठाया।
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लाडकी बहिन योजना से नाम कटने की मुख्य वजहें:
गलत तरीके से लाभ उठाने वालों से होगी पैसों की वसूली
सरकार अब उन लोगों पर शिकंजा कसने के लिए पूरी तरह तैयार है जिन्होंने लाडकी बहिन योजना का गलत फायदा उठाया है। महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे फर्जी लाभार्थियों से पैसे वापस लेने (रिकवरी) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अमरावती जिले से कुल 33,304 महिलाओं को हमेशा के लिए इस योजना से बाहर कर दिया गया है। जांच में यह भी देखा गया है कि कई अपात्र लाभार्थी पकड़े जाने के डर से जानबूझकर बैंक जाकर अपना केवाईसी अपडेट नहीं करवा रहे हैं। खबरों की मानें तो अब तक इस योजना से कुल मिलाकर 80 लाख से ज्यादा अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाए जा चुके हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब इस योजना की शुरुआत हुई थी, तब अकेले नासिक जिले से लगभग 14 से 15 लाख महिलाओं ने आवेदन किया था। लेकिन जब प्रशासन ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, तो पात्र महिलाओं की संख्या में भारी कमी आई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह सख्त कदम सरकारी पैसों के सही इस्तेमाल और योजना का लाभ सिर्फ सचमुच जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने के लिए उठाया गया है। इस बीच, अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि योजना की जून महीने की अगली किस्त कब तक खाते में आएगी।
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अमरावती जिले में पिछले 8 से 10 महीनों के दौरान चलाए गए एक विशेष ई-केवाईसी अभियान के बाद यह बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच में सामने आया कि ये लोग योजना की शर्तों को पूरा नहीं करते थे, फिर भी हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद ले रहे थे। हैरान करने वाली बात तो यह है कि लाभार्थियों की इस लिस्ट में कुछ पुरुषों के नाम भी पाए गए हैं, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर धोखाधड़ी से इस योजना का लाभ उठाया।
ये भी पढ़ें: LPG कीमतों में बढ़ोतरी के बीच कैसे मिलेगा मुफ्त गैस कनेक्शन? जानें उज्ज्वला योजना की पूरी डिटेल
लाडकी बहिन योजना से नाम कटने की मुख्य वजहें:
- केवाईसी (KYC) की अधूरी या गलत जानकारी देना
- फर्जी या गलत आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) जमा करना
- परिवार में किसी सदस्य द्वारा इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल किया जाना
- घर में चार पहिया गाड़ी (कार) का होना
- पात्रता न होने के बावजूद पिछले 15 से 20 महीनों से लगातार योजना का लाभ लेना
गलत तरीके से लाभ उठाने वालों से होगी पैसों की वसूली
सरकार अब उन लोगों पर शिकंजा कसने के लिए पूरी तरह तैयार है जिन्होंने लाडकी बहिन योजना का गलत फायदा उठाया है। महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे फर्जी लाभार्थियों से पैसे वापस लेने (रिकवरी) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अमरावती जिले से कुल 33,304 महिलाओं को हमेशा के लिए इस योजना से बाहर कर दिया गया है। जांच में यह भी देखा गया है कि कई अपात्र लाभार्थी पकड़े जाने के डर से जानबूझकर बैंक जाकर अपना केवाईसी अपडेट नहीं करवा रहे हैं। खबरों की मानें तो अब तक इस योजना से कुल मिलाकर 80 लाख से ज्यादा अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाए जा चुके हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब इस योजना की शुरुआत हुई थी, तब अकेले नासिक जिले से लगभग 14 से 15 लाख महिलाओं ने आवेदन किया था। लेकिन जब प्रशासन ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, तो पात्र महिलाओं की संख्या में भारी कमी आई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह सख्त कदम सरकारी पैसों के सही इस्तेमाल और योजना का लाभ सिर्फ सचमुच जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने के लिए उठाया गया है। इस बीच, अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि योजना की जून महीने की अगली किस्त कब तक खाते में आएगी।









