Pension Hike: क्या सच में बढ़ने वाली है EPS पेंशन? जानिए 7,500 रुपये मंथली पेंशन पर ताजा अपडेट
जिंदगी भर कड़ी मेहनत करने के बाद हर व्यक्ति चाहता है कि रिटायरमेंट के बाद उसकी जिंदगी सुकून से कटे। बुढ़ापे में रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए लोग अपनी पेंशन और पुरानी बचत पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर पेंशन की राशि कम हो, तो रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए महीने का खर्च चलाना काफी मुश्किल हो जाता है।
लगातार बढ़ती महंगाई के इस दौर में जिन परिवारों में लोग EPS-95 योजना के तहत पेंशन पा रहे हैं, उनके लिए वर्तमान न्यूनतम राशि में गुजारा करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। यही वजह है कि पेंशनभोगी लंबे समय से पेंशन में बढ़ोतरी की जोरदार मांग कर रहे हैं। इस बीच हर कोई यह जानना चाहता है कि क्या सरकार ने पेंशन में किसी तरह के बदलाव का ऐलान किया है या नहीं।
इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सरकार से सवाल पूछा था कि क्या EPS-95 की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की कोई योजना है। इस सवाल के बाद से ही सभी EPS-95 पेंशनभोगी सरकार के रुख और आधिकारिक जवाब का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
इस योजना के नियमों के अनुसार नियोक्ता यानी कंपनी कर्मचारी के पेंशन फंड में 8.33 प्रतिशत का योगदान देती है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से इसमें 1.16 प्रतिशत का अंशदान दिया जाता है।
हालांकि, यह राहत तभी मिल पाएगी जब सरकार पेंशनभोगियों की इस मांग को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लेगी। जब तक सरकार इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लेती, तब तक पेंशनभोगियों को 1,000 रुपये की मौजूदा राशि से ही अपना खर्च चलाना होगा।
लगातार बढ़ती महंगाई के इस दौर में जिन परिवारों में लोग EPS-95 योजना के तहत पेंशन पा रहे हैं, उनके लिए वर्तमान न्यूनतम राशि में गुजारा करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। यही वजह है कि पेंशनभोगी लंबे समय से पेंशन में बढ़ोतरी की जोरदार मांग कर रहे हैं। इस बीच हर कोई यह जानना चाहता है कि क्या सरकार ने पेंशन में किसी तरह के बदलाव का ऐलान किया है या नहीं।
1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये पेंशन करने की मांग
मौजूदा समय में EPS-95 योजना के तहत पेंशनभोगियों को केवल 1,000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन मिलती है। पेंशनधारक काफी समय से इस राशि को बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं।You may also like
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इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सरकार से सवाल पूछा था कि क्या EPS-95 की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की कोई योजना है। इस सवाल के बाद से ही सभी EPS-95 पेंशनभोगी सरकार के रुख और आधिकारिक जवाब का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
श्रम और रोजगार मंत्रालय का क्या कहना है?
लोकसभा में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने इस मामले पर कुछ अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार भी EPS योजना में अपना योगदान देती है।इस योजना के नियमों के अनुसार नियोक्ता यानी कंपनी कर्मचारी के पेंशन फंड में 8.33 प्रतिशत का योगदान देती है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से इसमें 1.16 प्रतिशत का अंशदान दिया जाता है।
7,500 रुपये की पेंशन वृद्धि पर क्या है लेटेस्ट अपडेट?
अगर आप भी पेंशन बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, तो आपको बता दें कि फिलहाल न्यूनतम पेंशन को 7,500 रुपये तक बढ़ाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसका साफ मतलब यह है कि सरकार ने अभी तक पेंशन में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का ऐलान नहीं किया है।पेंशन बढ़ने से क्या मिलेगा फायदा?
अगर भविष्य में न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से बढ़कर 7,500 रुपये कर दी जाती है, तो पेंशनधारकों को हर महीने 6,500 रुपये का सीधा फायदा होगा। इस बढ़ोतरी से बुजुर्गों की मासिक आय में अच्छा सुधार होगा और वे अपनी जरूरी जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकेंगे।हालांकि, यह राहत तभी मिल पाएगी जब सरकार पेंशनभोगियों की इस मांग को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लेगी। जब तक सरकार इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लेती, तब तक पेंशनभोगियों को 1,000 रुपये की मौजूदा राशि से ही अपना खर्च चलाना होगा।





