पियूष पांडे का निधन, भारतीय विज्ञापनों में सादगी और हास्य भरने वाले लेजेंड को श्रद्धांजलि
पियूष पांडे भारतीय विज्ञापन की दुनिया में एक बड़ा नाम थे। उन्होंने करीब 40 साल तक इस क्षेत्र में काम किया और कई ब्रांड्स को घर-घर पहचान दिलाई। ओगिल्वी कंपनी में चीफ क्रिएटिव ऑफिसर रहते हुए उन्होंने सादगी भरी हास्य और रोजमर्रा की भाषा से विज्ञापनों को खास बनाया। उनका जाना पूरे विज्ञापन जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।
पांडे ने 1982 में ओगिल्वी जॉइन किया था। शुरुआत में उन्होंने सनलाइट डिटर्जेंट के लिए अपना पहला विज्ञापन लिखा। छह साल बाद क्रिएटिव विभाग में आने के बाद उन्होंने फेविकॉल, कैडबरी, एशियन पेंट्स, लूना मोपेड और फॉर्च्यून ऑयल जैसे ब्रांड्स के लिए बेहतरीन ऐड्स तैयार किए। उनकी अगुवाई में ओगिल्वी इंडिया ने इकोनॉमिक टाइम्स के एजेंसी रेकॉनर सर्वे में 12 साल तक पहला स्थान हासिल किया। 2016 में उन्हें पद्मश्री सम्मान भी मिला।
पांडे ने अभिनय की दुनिया में भी कदम रखा। 2013 में जॉन अब्राहम की फिल्म 'मद्रास कैफे' में वे नजर आए। आईसीआईसीआई बैंक के मैजिक पेंसिल प्रोजेक्ट वीडियोज में भी उनकी मौजूदगी रही। वे गीत 'मिले सूर मेरा तुम्हारा' के लेखक थे, जो देशभक्ति और एकता का प्रतीक बना। साथ ही, 'भोपाल एक्सप्रेस' फिल्म के स्क्रीनप्ले में उनका सहयोग भी था।
श्रद्धांजलि की बाढ़
व्यापार, विज्ञापन और राजनीति के क्षेत्रों से लोगों ने पांडे को याद किया। एक्स पर एक पोस्ट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा, "A titan and legend of Indian advertising, he transformed communication by bringing everyday idioms, earthy humor, and genuine warmth into it."
"Have had opportunities to interact with him on various occasions. Heartfelt condolences to his family, friends, and the entire creative fraternity. His legacy will continue to inspire generations," सीतारामन ने जोड़ा।
कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने कहा, "Sad that Piyush Pandey leaves us. He launched Kotak Mahindra Bank with a campaign in 2003, describing banking as “common sense”. Amazing out of the box thinker and a humble person. He weaved creativity with an Indian context. Will miss him."
लेखक-सहल सेठ ने उन्हें अपना "dearest friend" कहते हुए लिखा, "India has not lost a just a great advertising mind but a true patriot and a fine fine gentleman. Now the heavens will dance to Mile Sur Mera Tumhara."
भारतीय विज्ञापन की अनोखी आवाज
पांडे ने 1982 में ओगिल्वी जॉइन किया था। शुरुआत में उन्होंने सनलाइट डिटर्जेंट के लिए अपना पहला विज्ञापन लिखा। छह साल बाद क्रिएटिव विभाग में आने के बाद उन्होंने फेविकॉल, कैडबरी, एशियन पेंट्स, लूना मोपेड और फॉर्च्यून ऑयल जैसे ब्रांड्स के लिए बेहतरीन ऐड्स तैयार किए। उनकी अगुवाई में ओगिल्वी इंडिया ने इकोनॉमिक टाइम्स के एजेंसी रेकॉनर सर्वे में 12 साल तक पहला स्थान हासिल किया। 2016 में उन्हें पद्मश्री सम्मान भी मिला।
अभिनय और रचनात्मक योगदान
पांडे ने अभिनय की दुनिया में भी कदम रखा। 2013 में जॉन अब्राहम की फिल्म 'मद्रास कैफे' में वे नजर आए। आईसीआईसीआई बैंक के मैजिक पेंसिल प्रोजेक्ट वीडियोज में भी उनकी मौजूदगी रही। वे गीत 'मिले सूर मेरा तुम्हारा' के लेखक थे, जो देशभक्ति और एकता का प्रतीक बना। साथ ही, 'भोपाल एक्सप्रेस' फिल्म के स्क्रीनप्ले में उनका सहयोग भी था।
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श्रद्धांजलि की बाढ़
व्यापार, विज्ञापन और राजनीति के क्षेत्रों से लोगों ने पांडे को याद किया। एक्स पर एक पोस्ट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा, "A titan and legend of Indian advertising, he transformed communication by bringing everyday idioms, earthy humor, and genuine warmth into it."
"Have had opportunities to interact with him on various occasions. Heartfelt condolences to his family, friends, and the entire creative fraternity. His legacy will continue to inspire generations," सीतारामन ने जोड़ा।
कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने कहा, "Sad that Piyush Pandey leaves us. He launched Kotak Mahindra Bank with a campaign in 2003, describing banking as “common sense”. Amazing out of the box thinker and a humble person. He weaved creativity with an Indian context. Will miss him."
लेखक-सहल सेठ ने उन्हें अपना "dearest friend" कहते हुए लिखा, "India has not lost a just a great advertising mind but a true patriot and a fine fine gentleman. Now the heavens will dance to Mile Sur Mera Tumhara."









