PM Fasal Bima Yojana 2026: फसल बर्बाद होने पर भी नहीं होगा नुकसान, जानें कैसे उठाएं पीएम फसल बीमा योजना का लाभ
खेती में जोखिम को कम करने और किसानों की आय में स्थिरता लाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को साल 2016 में शुरू किया गया था। यह योजना न केवल खड़ी फसल के नुकसान को कवर करती है, बल्कि बुवाई में देरी या कटाई के बाद होने वाले नुकसान की भी भरपाई करती है।
इस योजना के प्रमुख लाभ
इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका कम प्रीमियम और व्यापक कवरेज है।
न्यूनतम प्रीमियम: किसानों को खरीफ फसलों के लिए केवल 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और व्यावसायिक/बागवानी फसलों के लिए केवल 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। बाकी का सारा प्रीमियम सरकार द्वारा भरा जाता है।
व्यापक जोखिम कवर: इसमें ओलावृष्टि, भूस्खलन, बाढ़, सूखा, कीटों का हमला और प्राकृतिक आग जैसी आपदाओं को शामिल किया गया है।
कटाई के बाद भी सुरक्षा: फसल कटने के बाद यदि अगले 14 दिनों तक खेत में सूखने के लिए रखी गई फसल चक्रवात या बेमौसम बारिश से खराब होती है, तो भी किसान क्लेम कर सकते हैं।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी नियमों को पूरा करना जरूरी है:
अधिसूचित क्षेत्र के किसान: योजना केवल उन्हीं क्षेत्रों और फसलों के लिए लागू होती है जिन्हें राज्य सरकार ने अधिसूचित किया है।
भूमि का मालिकाना हक: आवेदन करने वाले किसान के पास जमीन के वैध दस्तावेज होने चाहिए। यदि आप बटाईदार या किराएदार किसान (Tenant Farmer) हैं, तो भी आप संबंधित कागजात दिखाकर लाभ ले सकते हैं।
स्वैच्छिक भागीदारी: अब यह योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। यदि आपने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लिया है, तो आप बैंक को लिखित में देकर बीमा से बाहर भी हो सकते हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय इन दस्तावेजों को अपने पास जरूर रखें:
मोबाइल और ऑनलाइन आवेदन की आसान प्रक्रिया
अब आपको सरकारी दफ्तरों के लंबे चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप अपने मोबाइल या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) से भी आवेदन कर सकते हैं:
इस योजना के प्रमुख लाभ
इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका कम प्रीमियम और व्यापक कवरेज है। न्यूनतम प्रीमियम: किसानों को खरीफ फसलों के लिए केवल 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और व्यावसायिक/बागवानी फसलों के लिए केवल 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। बाकी का सारा प्रीमियम सरकार द्वारा भरा जाता है।
व्यापक जोखिम कवर: इसमें ओलावृष्टि, भूस्खलन, बाढ़, सूखा, कीटों का हमला और प्राकृतिक आग जैसी आपदाओं को शामिल किया गया है।
कटाई के बाद भी सुरक्षा: फसल कटने के बाद यदि अगले 14 दिनों तक खेत में सूखने के लिए रखी गई फसल चक्रवात या बेमौसम बारिश से खराब होती है, तो भी किसान क्लेम कर सकते हैं।
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कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी नियमों को पूरा करना जरूरी है: अधिसूचित क्षेत्र के किसान: योजना केवल उन्हीं क्षेत्रों और फसलों के लिए लागू होती है जिन्हें राज्य सरकार ने अधिसूचित किया है।
भूमि का मालिकाना हक: आवेदन करने वाले किसान के पास जमीन के वैध दस्तावेज होने चाहिए। यदि आप बटाईदार या किराएदार किसान (Tenant Farmer) हैं, तो भी आप संबंधित कागजात दिखाकर लाभ ले सकते हैं।
स्वैच्छिक भागीदारी: अब यह योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। यदि आपने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लिया है, तो आप बैंक को लिखित में देकर बीमा से बाहर भी हो सकते हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय इन दस्तावेजों को अपने पास जरूर रखें: - आधार कार्ड
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी (ताकि क्लेम का पैसा सीधे खाते में आए)
- भूमि के दस्तावेज (खसरा/खतौनी नंबर)
- बुवाई का प्रमाण पत्र (पटवारी या संबंधित अधिकारी द्वारा प्रमाणित)
- निवास प्रमाण पत्र (वोटर आईडी या राशन कार्ड)
मोबाइल और ऑनलाइन आवेदन की आसान प्रक्रिया
अब आपको सरकारी दफ्तरों के लंबे चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप अपने मोबाइल या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) से भी आवेदन कर सकते हैं: - सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल pmfby.gov.in पर जाएं।
- 'Farmer Corner' विकल्प पर क्लिक करें और अपनी जानकारी के साथ लॉग इन करें।
- यदि आप पहली बार आए हैं, तो 'Guest Farmer' के रूप में रजिस्टर करें।
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी, खेत का विवरण और बैंक अकाउंट की जानकारी भरें।
- जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।
- प्रीमियम का भुगतान ऑनलाइन माध्यम (यूपीआई या नेट बैंकिंग) से करें।
- आवेदन सफल होने के बाद मिलने वाली रसीद को भविष्य के लिए संभाल कर रखें।





