किसानों के लिए खुशखबरी! PM-KISAN की किस्त जारी, बंगाल में शुरू हुई दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना
देश के करोड़ों किसानों के लिए शनिवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 23वीं किस्त जारी की। प्रधानमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की भी शुरुआत की। इसे दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना माना जाता है, जिसका मकसद प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान से किसानों को सुरक्षा प्रदान करना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2026-27 में पश्चिम बंगाल के लगभग 50 लाख किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का फायदा मिलेगा। इस योजना के तहत करीब 14 लाख हेक्टेयर खेती लायक जमीन को कवर किया जाएगा और बीमा के तहत आने वाली फसलों की लागत 28,140 करोड़ रुपये से अधिक होगी। किसानों को कम लागत पर फसल बीमा सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सरकार प्रीमियम का बड़ा हिस्सा खुद वहन करेगी, जिससे प्राकृतिक आपदाओं या फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खेती, परिवहन और मछली पालन से जुड़ी नई योजनाएं पश्चिम बंगाल के विकास को गति देंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों व खेती से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की, जिनमें एग्री स्टैक (Agri Stack), राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (National Mission on Natural Farming) और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शामिल हैं। इन पहलों का मकसद किसानों को तकनीक से जोड़ना, खेती की लागत कम करना और उत्पादकता बढ़ाना है, ताकि कृषि क्षेत्र अधिक आधुनिक और लाभकारी बन सके।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने कई रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें लगभग 590 करोड़ रुपये की लागत वाली संकरैल-संतरागाछी लिंक लाइन परियोजना, हावड़ा में 300 बिस्तरों वाला रेलवे अस्पताल और पूर्व मेदिनीपुर में एक सड़क ओवरब्रिज शामिल हैं।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के तहत 49 सड़क परियोजनाओं की भी शुरुआत की गई, जिनकी कुल लंबाई 315 किलोमीटर से अधिक है। इन परियोजनाओं का मकसद ग्रामीण संपर्क को बेहतर बनाना और कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा किसानों को मजबूत बनाने, ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, पीएम-किसान योजना की नई किस्त और फसल बीमा योजना से लाखों किसानों को सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की भी शुरुआत की। इसे दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना माना जाता है, जिसका मकसद प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान से किसानों को सुरक्षा प्रदान करना है।
50 लाख किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का फायदा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2026-27 में पश्चिम बंगाल के लगभग 50 लाख किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का फायदा मिलेगा। इस योजना के तहत करीब 14 लाख हेक्टेयर खेती लायक जमीन को कवर किया जाएगा और बीमा के तहत आने वाली फसलों की लागत 28,140 करोड़ रुपये से अधिक होगी। किसानों को कम लागत पर फसल बीमा सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सरकार प्रीमियम का बड़ा हिस्सा खुद वहन करेगी, जिससे प्राकृतिक आपदाओं या फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।
You may also like
- बिहार पुलिस उप-निरीक्षक भर्ती के लिए प्रवेश पत्र जारी
- महिलाओं से जुड़े कंटेंट विवाद पर राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त : प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और मधुर विरली को भेजा समन
- भरत तिवारी एनकाउंटर : सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार, याचिकाकर्ता को रजिस्ट्रार के पास जाने का निर्देश
- नेतन्याहू ने कहा- 'ईरान के लिए परमाणु हथियार बनाना मुश्किल', बताई वजह
- NEET Re Exam: नीट यूजी री-एग्जाम कैसा हुआ? कहीं सॉल्वर गैंग गिरफ्तार तो कहीं सख्ती से छात्र परेशान…
खेती, परिवहन और मछली पालन से जुड़ी योजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खेती, परिवहन और मछली पालन से जुड़ी नई योजनाएं पश्चिम बंगाल के विकास को गति देंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों व खेती से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की, जिनमें एग्री स्टैक (Agri Stack), राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (National Mission on Natural Farming) और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शामिल हैं। इन पहलों का मकसद किसानों को तकनीक से जोड़ना, खेती की लागत कम करना और उत्पादकता बढ़ाना है, ताकि कृषि क्षेत्र अधिक आधुनिक और लाभकारी बन सके।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने कई रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें लगभग 590 करोड़ रुपये की लागत वाली संकरैल-संतरागाछी लिंक लाइन परियोजना, हावड़ा में 300 बिस्तरों वाला रेलवे अस्पताल और पूर्व मेदिनीपुर में एक सड़क ओवरब्रिज शामिल हैं।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के तहत 49 सड़क परियोजनाओं की भी शुरुआत की गई, जिनकी कुल लंबाई 315 किलोमीटर से अधिक है। इन परियोजनाओं का मकसद ग्रामीण संपर्क को बेहतर बनाना और कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा किसानों को मजबूत बनाने, ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, पीएम-किसान योजना की नई किस्त और फसल बीमा योजना से लाखों किसानों को सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है।









