Small Savings Schemes में होगा बड़ा बदलाव? जानिए PPF, NSC और SCSS का लेटेस्ट अपडेट
क्या आप सुरक्षित और बिना रिस्क वाला निवेश करना चाहते हैं? क्या आप शेयर मार्केट की रोज़-रोज़ की उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं? अगर हां, तो आपके लिए छोटी बचत योजनाएं ( Small Savings Schemes ) एक अच्छा ऑप्शन हो सकती हैं।
सरकार जल्द ही इन योजनाओं की नई ब्याज दरें जारी करने वाली है, जो जुलाई से सितंबर 2026 तक लागू रहेंगी। लोग बेसब्री से इस अपडेट का इंतजार कर रहे हैं।
इन योजनाओं में PPF, SCSS, Sukanya Samriddhi Yojana (SSY), National Savings Certificate (NSC) और Kisan Vikas Patra (KVP) शामिल हैं। इनकी ब्याज दरें बदलने से लोगों के निवेश पर सीधा असर पड़ता है।
जब नई दरें आ जाएंगी, तो लोगों को साफ पता चल जाएगा कि किस स्कीम में कितना फायदा मिल रहा है, जिससे वे अपना पैसा सही जगह लगा सकेंगे।
अप्रैल–जून 2026 तिमाही के लिए सरकार ने सभी छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों को पहले की तरह ही बनाए रखा था। इस तरह लगातार आठवीं तिमाही में भी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। आने वाली तिमाही में ब्याज दरें बढ़ेंगी, घटेंगी या फिर पहले जैसी ही रहेंगी, इसका पता तब चलेगा जब वित्त मंत्रालय आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करेगा। तब तक लोग मौजूदा दरों के आधार पर ही निवेश की योजना बना रहे हैं।
आइए अब अप्रैल से जून 2026 तिमाही के लिए मौजूदा ब्याज दरों पर एक नजर डालते हैं:
नई ब्याज दरें तय करते समय सरकार कई चीजों को ध्यान में रखती है, जैसे सरकारी बॉन्ड यील्ड, मौजूदा ब्याज दरें और बाजार की स्थिति के साथ-साथ भू-राजनीतिक हालात। आज जो भी दरों में बदलाव किए जाएंगे, वे 1 जुलाई से लागू होंगे।
छोटी बचत योजनाएं उन निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, जो जोखिम से बचना चाहते हैं और लॉन्ग टर्म में सुरक्षित निवेश करना पसंद करते हैं। ये योजनाएं शेयर बाजार की रोज़-रोज़ की उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं से प्रभावित नहीं होतीं।
ये निवेश विकल्प पूरी तरह से सरकारी गारंटी वाले होते हैं, इसलिए इनमें सुरक्षा अधिक होती है। साथ ही, इनमें स्थिर और अनुमानित रिटर्न मिलता है और कई तरह के टैक्स लाभ भी उपलब्ध होते हैं।
सरकार जल्द ही इन योजनाओं की नई ब्याज दरें जारी करने वाली है, जो जुलाई से सितंबर 2026 तक लागू रहेंगी। लोग बेसब्री से इस अपडेट का इंतजार कर रहे हैं।
इन योजनाओं में PPF, SCSS, Sukanya Samriddhi Yojana (SSY), National Savings Certificate (NSC) और Kisan Vikas Patra (KVP) शामिल हैं। इनकी ब्याज दरें बदलने से लोगों के निवेश पर सीधा असर पड़ता है।
You may also like
- सरकार ने अचानक बदले पेट्रोल-डीजल के नियम! 1 जुलाई से पूरे देश में लागू होगा ये बड़ा फैसला
- देश में पहली बार मध्य प्रदेश की 12 उद्यानिकी फसलों को मिला जीआई टैग
- 'यह दोस्ती ढोंग है-धोखा है', सर्जियो गोर ने सुनाया मोदी-ट्रंप का फोन कॉल वाला किस्सा, तो भड़की कांग्रेस
- कल का मौसम 1 जुलाई: 11 घंटे के अंदर 23 राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, 75 की रफ्तार से हवा; IMD अपडेट जारी
- यमुना जल समझौते के बाद जल्द जयपुर लौटेंगे CM भजनलाल शर्मा, कांग्रेस पर साधा निशाना, वीडियो में बोले- 'परियोजनाएं रोकना ही उनकी पहचान'
जब नई दरें आ जाएंगी, तो लोगों को साफ पता चल जाएगा कि किस स्कीम में कितना फायदा मिल रहा है, जिससे वे अपना पैसा सही जगह लगा सकेंगे।
लगातार आठ बार से समान ब्याज दरें बरकरार
अप्रैल–जून 2026 तिमाही के लिए सरकार ने सभी छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों को पहले की तरह ही बनाए रखा था। इस तरह लगातार आठवीं तिमाही में भी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। आने वाली तिमाही में ब्याज दरें बढ़ेंगी, घटेंगी या फिर पहले जैसी ही रहेंगी, इसका पता तब चलेगा जब वित्त मंत्रालय आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करेगा। तब तक लोग मौजूदा दरों के आधार पर ही निवेश की योजना बना रहे हैं।
आइए अब अप्रैल से जून 2026 तिमाही के लिए मौजूदा ब्याज दरों पर एक नजर डालते हैं:
- Public Provident Fund (PPF) – 7.1% प्रति वर्ष
- Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) – 8.2% प्रति वर्ष
- Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) – 8.2% प्रति वर्ष
- National Savings Certificate (NSC) – 7.7% प्रति वर्ष
- Post Office Monthly Income Scheme (POMIS) – 7.4% प्रति वर्ष
- Kisan Vikas Patra (KVP) – 7.5% प्रति वर्ष
- 1-Year Post Office Time Deposit – 6.9% प्रति वर्ष
- 2-Year Post Office Time Deposit – 7.0% प्रति वर्ष
- 3-Year Post Office Time Deposit – 7.1% प्रति वर्ष
- 5-Year Post Office Time Deposit – 7.5% प्रति वर्ष
- 5-Year Post Office Recurring Deposit (RD) – 6.7% प्रति वर्ष
क्या सरकार करेगी ब्याज दरों में बदलाव?
नई ब्याज दरें तय करते समय सरकार कई चीजों को ध्यान में रखती है, जैसे सरकारी बॉन्ड यील्ड, मौजूदा ब्याज दरें और बाजार की स्थिति के साथ-साथ भू-राजनीतिक हालात। आज जो भी दरों में बदलाव किए जाएंगे, वे 1 जुलाई से लागू होंगे।
छोटी बचत योजनाएं उन निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, जो जोखिम से बचना चाहते हैं और लॉन्ग टर्म में सुरक्षित निवेश करना पसंद करते हैं। ये योजनाएं शेयर बाजार की रोज़-रोज़ की उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं से प्रभावित नहीं होतीं।
ये निवेश विकल्प पूरी तरह से सरकारी गारंटी वाले होते हैं, इसलिए इनमें सुरक्षा अधिक होती है। साथ ही, इनमें स्थिर और अनुमानित रिटर्न मिलता है और कई तरह के टैक्स लाभ भी उपलब्ध होते हैं।









