Sugar Price Hike: दिवाली से पहले चीनी की कीमतों में 17% तक बढ़ोतरी, जानें क्या है महंगाई की वजह

Newspoint
Sugar Price Hike : दिवाली का त्योहार नजदीक है और देशभर के घरों में मिठाइयां बनाने से लेकर बाजार से मिठाई खरीदने तक की तैयारियां शुरू हो गई हैं। लेकिन इस बार त्योहार की मिठास पर चीनी की बढ़ती कीमतों का असर पड़ सकता है। देश के प्रमुख राज्यों में महज छह दिनों के भीतर चीनी की कीमतों में 13 से 17 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। त्योहार के दौरान घरों से लेकर मिठाई बनाने वाले कारोबारियों तक चीनी की मांग काफी बढ़ जाती है, लेकिन बाजार में इसकी आपूर्ति कम बनी हुई है। मांग और सप्लाई के बीच इसी अंतर को चीनी की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
Hero Image



चीनी की बाजार में कमी इतनी ज्यादा क्यों बढ़ गई?

कृषि विशेषज्ञ जी.के. सूद के मुताबिक, फिलहाल देश में चीनी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को संभालने के लिए विदेशों से अतिरिक्त 3 लाख टन चीनी मंगाई गई, लेकिन इससे बाजार पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा। इसके अलावा, चीनी के स्टॉक को लेकर सख्त नियमों का असर भी कारोबार पर पड़ा है।

आमतौर पर चीनी मिलों में गन्ने की पेराई का काम सीजन की शुरुआत में शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार इसमें देरी हुई है। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में गन्ने की फसल अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई है। इसके कारण नई चीनी बाजार तक पहुंचने में देरी हो रही है। मांग बढ़ने और नई सप्लाई समय पर नहीं आने से चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।



सरकार के बड़े कदमों का चीनी की कीमतों पर क्या असर पड़ा?

चीनी की बढ़ती कीमतों और बाजार में उपलब्धता की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को मंजूरी दी है। इसके साथ ही खुदरा विक्रेताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा भी सख्त की गई है।

जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए थोक खरीदारों को नियमित बाजार माध्यमों से चीनी खरीदने से भी रोका गया है। हालांकि, इन उपायों के बावजूद कीमतों में तुरंत राहत नहीं मिली है। Hindustan Times से एक सरकारी प्रतिनिधि ने बताया कि अधिकारियों को चिंता है कि दिवाली से पहले चीनी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

You may also like




किसानों की नई मांगों से बढ़ी मुश्किल

एक तरफ बाजार में चीनी महंगी हो रही है, तो दूसरी तरफ गन्ना किसान भी अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेती और उत्पादन की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है, इसलिए गन्ने की कीमतों में भी इजाफा किया जाना चाहिए। उनकी प्रमुख मांग है कि चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), जो फिलहाल 31 रुपये प्रति किलो बताया गया है, उसे बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो किया जाए।

इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए 12 अक्टूबर को दिल्ली के पूसा परिसर में लंबी बैठक हुई। इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और विभिन्न किसान संगठनों के 80 से 90 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में किसानों की मांगों और चीनी बाजार से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई।


उत्तर प्रदेश से महाराष्ट्र तक चीनी की कीमतों में उछाल

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर उत्तर प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में 6 अक्टूबर को चीनी का एक्स-मिल रेट 4,600 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 12 अक्टूबर तक बढ़कर 5,200 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। इस दौरान कीमतों में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

महाराष्ट्र में भी चीनी के दाम में तेजी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वहां चीनी की कीमत 17 प्रतिशत बढ़कर 5,100 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि दिवाली के सीजन में बाजार को जितनी चीनी की जरूरत है, उसकी तुलना में सप्लाई काफी कम मिल रही है। यही वजह है कि त्योहार से पहले चीनी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।


करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद केंद्र सरकार ने एक सप्ताह के भीतर उच्चस्तरीय संयुक्त समिति बनाने का फैसला किया। यह समिति खास तौर पर महाराष्ट्र और कर्नाटक के किसानों की चिंताओं पर विचार करेगी। वहीं, चीनी का नया 2026-27 सीजन 1 अक्टूबर से शुरू हो चुका है। ऐसे में अगर किसानों की नई मांगें मान ली जाती हैं, तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को चीनी के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।

Loving Newspoint? Download the app now
Newspoint