क्या आपका दही भी खट्टा हो गया है? फेंकने के बजाय बनाएं ये 6 टेस्टी डिशेज
अक्सर हमारे घरों में फ्रिज में रखा दही दो-तीन दिनों के बाद जरूरत से ज्यादा खट्टा हो जाता है। ऐसे में कई लोग उसे खराब समझकर फेंक देते हैं या फिर असमंजस में रहते हैं कि इसका क्या किया जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय रसोई की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यहाँ किसी भी चीज को बेकार नहीं जाने दिया जाता? बल्कि सच तो यह है कि थोड़ा खट्टा दही कुछ पारंपरिक डिशेज के स्वाद को दोगुना कर देता है।
खट्टे दही का तीखा और चटपटा स्वाद कई बेहतरीन रेसिपीज की जान होता है। अगर आपके घर में भी ऐसा दही बचा हुआ है, तो उसे फेंकने के बजाय आप कुछ बेहद स्वादिष्ट और उंगलियां चाटने पर मजबूर कर देने वाले व्यंजन तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 6 सदाबहार भारतीय व्यंजनों के बारे में, जिन्हें आप खट्टे दही की मदद से बेहद आसानी से बना सकते हैं।
1. कढ़ी पकौड़ा
जब बात खट्टे दही के इस्तेमाल की हो, तो दिमाग में सबसे पहला नाम कढ़ी का ही आता है। उत्तर भारत से लेकर पश्चिम भारत तक, कढ़ी को हर घर में बड़े चाव से खाया जाता है। कढ़ी बनाने के लिए खट्टा दही सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि कढ़ी का असली स्वाद ही उसके खट्टेपन में छिपा होता है। बेसन और खट्टे दही के घोल को धीमी आंच पर मसालों के साथ पकाया जाता है और फिर इसमें मुलायम बेसन के पकौड़े डाले जाते हैं। अंत में लगाया गया सूखी लाल मिर्च, कढ़ी पत्ता और राई का तड़का इसके स्वाद में चार चांद लगा देता है। इसे गरमा-गरम चावल के साथ परोसें।
2. सूजी उत्तपम
अगर सुबह के नाश्ते के लिए कुछ झटपट और हेल्दी बनाना हो, तो सूजी उत्तपम एक बेहतरीन विकल्प है। पारंपरिक उत्तपम के लिए चावल और दाल के बैटर को रातभर खमीर (फरमेंट) होने के लिए रखना पड़ता है। लेकिन अगर आपके पास खट्टा दही है, तो आप सूजी में खट्टा दही मिलाकर तुरंत एक बढ़िया बैटर तैयार कर सकते हैं। खट्टा दही सूजी को अच्छी तरह फुला देता है और इसमें वही पारंपरिक खमीर वाला स्वाद लाता है। इस बैटर को तवे पर फैलाकर ऊपर से बारीक कटी प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर सेकें। इसे नारियल की चटनी के साथ खाएं, यह बेहद लाजवाब लगता है।
3. ढोकला
गुजरात का मशहूर और हल्का-फुल्का स्नैक ढोकला किसे पसंद नहीं होता? एकदम स्पंजी और जालीदार ढोकला बनाने के लिए भी खट्टे दही का इस्तेमाल किया जाता है। बेसन या सूजी के घोल में खट्टा दही मिलाने से रासायनिक प्रतिक्रिया होती है, जिससे ढोकला बहुत अच्छे से फूलता है और स्पंजी बनता है। खट्टे दही के कारण इसमें आने वाला हल्का सा तीखापन, चीनी के पानी और राई-मिर्च के तड़के के साथ मिलकर एक बेहतरीन खट्टा-मीठा स्वाद देता है।
4. दही के शोले या दही के कबाब
पार्टी के स्टार्टर के रूप में दही के कबाब या दही के शोले बेहद लोकप्रिय हैं। इसे बनाने के लिए दही का सारा पानी निकालकर उसे गाढ़ा (हंग कर्ड) किया जाता है। अगर दही थोड़ा खट्टा हो, तो कबाब के अंदर का स्वाद और भी उभरकर आता है। इस गाढ़े दही में पनीर, बारीक कटी सब्जियां, हरी मिर्च और गरम मसाला मिलाया जाता है। फिर इस मिश्रण को ब्रेड के अंदर भरकर रोल किया जाता है और सुनहरा होने तक डीप फ्राई किया जाता है। बाहर से बेहद कुरकुरे और अंदर से मुंह में घुल जाने वाले ये कबाब हर किसी को अपना दीवाना बना लेते हैं।
5. भटूरे
छोले के साथ परोसे जाने वाले फूले-फूले और नरम भटूरे का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। भटूरे के मैदे को गूंथने के लिए खट्टे दही का उपयोग एक नेचुरल यीस्ट यानी खमीर उठाने वाले एजेंट के रूप में किया जाता है। जब आप मैदे में खट्टा दही और थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिलाकर आटा गूंथते हैं, तो आटा बहुत जल्दी और अच्छी तरह सेट हो जाता है। इससे भटूरे न सिर्फ पूरी तरह फूलते हैं, बल्कि अंदर से बेहद जालीदार और मुलायम भी बनते हैं।
6. मोरु कुलंबू या साउथ इंडियन कढ़ी
जिस तरह उत्तर भारत में कढ़ी प्रसिद्ध है, ठीक उसी तरह दक्षिण भारत में 'मोरु कुलंबू' या 'महरू' बनाया जाता है। इसे छाछ या खट्टे दही की मदद से तैयार किया जाता है। इसमें नारियल, हरी मिर्च और जीरे का एक महीन पेस्ट बनाकर खट्टे दही के साथ पकाया जाता है। आमतौर पर इसमें कद्दू, लौकी या भिंडी जैसी सब्जियों का इस्तेमाल होता है। राई, मेथी दाना और कढ़ी पत्ते का तड़का इसके स्वाद को अनोखा और खुशबूदार बनाता है। इसे सादे चावल के साथ खाया जाता है और यह पेट के लिए भी बेहद हल्का होता है।
तो अगली बार जब भी आपके घर में दही खट्टा हो जाए, तो उदास होने के बजाय इनमें से अपनी पसंदीदा रेसिपी चुनिए और अपने परिवार को एक शानदार ट्रीट दीजिए। रसोई की समझदारी इसी में है कि हर स्वाद का सही इस्तेमाल किया जाए।
खट्टे दही का तीखा और चटपटा स्वाद कई बेहतरीन रेसिपीज की जान होता है। अगर आपके घर में भी ऐसा दही बचा हुआ है, तो उसे फेंकने के बजाय आप कुछ बेहद स्वादिष्ट और उंगलियां चाटने पर मजबूर कर देने वाले व्यंजन तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 6 सदाबहार भारतीय व्यंजनों के बारे में, जिन्हें आप खट्टे दही की मदद से बेहद आसानी से बना सकते हैं।
1. कढ़ी पकौड़ा
जब बात खट्टे दही के इस्तेमाल की हो, तो दिमाग में सबसे पहला नाम कढ़ी का ही आता है। उत्तर भारत से लेकर पश्चिम भारत तक, कढ़ी को हर घर में बड़े चाव से खाया जाता है। कढ़ी बनाने के लिए खट्टा दही सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि कढ़ी का असली स्वाद ही उसके खट्टेपन में छिपा होता है। बेसन और खट्टे दही के घोल को धीमी आंच पर मसालों के साथ पकाया जाता है और फिर इसमें मुलायम बेसन के पकौड़े डाले जाते हैं। अंत में लगाया गया सूखी लाल मिर्च, कढ़ी पत्ता और राई का तड़का इसके स्वाद में चार चांद लगा देता है। इसे गरमा-गरम चावल के साथ परोसें।You may also like
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2. सूजी उत्तपम
अगर सुबह के नाश्ते के लिए कुछ झटपट और हेल्दी बनाना हो, तो सूजी उत्तपम एक बेहतरीन विकल्प है। पारंपरिक उत्तपम के लिए चावल और दाल के बैटर को रातभर खमीर (फरमेंट) होने के लिए रखना पड़ता है। लेकिन अगर आपके पास खट्टा दही है, तो आप सूजी में खट्टा दही मिलाकर तुरंत एक बढ़िया बैटर तैयार कर सकते हैं। खट्टा दही सूजी को अच्छी तरह फुला देता है और इसमें वही पारंपरिक खमीर वाला स्वाद लाता है। इस बैटर को तवे पर फैलाकर ऊपर से बारीक कटी प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर सेकें। इसे नारियल की चटनी के साथ खाएं, यह बेहद लाजवाब लगता है। 3. ढोकला
गुजरात का मशहूर और हल्का-फुल्का स्नैक ढोकला किसे पसंद नहीं होता? एकदम स्पंजी और जालीदार ढोकला बनाने के लिए भी खट्टे दही का इस्तेमाल किया जाता है। बेसन या सूजी के घोल में खट्टा दही मिलाने से रासायनिक प्रतिक्रिया होती है, जिससे ढोकला बहुत अच्छे से फूलता है और स्पंजी बनता है। खट्टे दही के कारण इसमें आने वाला हल्का सा तीखापन, चीनी के पानी और राई-मिर्च के तड़के के साथ मिलकर एक बेहतरीन खट्टा-मीठा स्वाद देता है।4. दही के शोले या दही के कबाब
पार्टी के स्टार्टर के रूप में दही के कबाब या दही के शोले बेहद लोकप्रिय हैं। इसे बनाने के लिए दही का सारा पानी निकालकर उसे गाढ़ा (हंग कर्ड) किया जाता है। अगर दही थोड़ा खट्टा हो, तो कबाब के अंदर का स्वाद और भी उभरकर आता है। इस गाढ़े दही में पनीर, बारीक कटी सब्जियां, हरी मिर्च और गरम मसाला मिलाया जाता है। फिर इस मिश्रण को ब्रेड के अंदर भरकर रोल किया जाता है और सुनहरा होने तक डीप फ्राई किया जाता है। बाहर से बेहद कुरकुरे और अंदर से मुंह में घुल जाने वाले ये कबाब हर किसी को अपना दीवाना बना लेते हैं। 5. भटूरे
छोले के साथ परोसे जाने वाले फूले-फूले और नरम भटूरे का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। भटूरे के मैदे को गूंथने के लिए खट्टे दही का उपयोग एक नेचुरल यीस्ट यानी खमीर उठाने वाले एजेंट के रूप में किया जाता है। जब आप मैदे में खट्टा दही और थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिलाकर आटा गूंथते हैं, तो आटा बहुत जल्दी और अच्छी तरह सेट हो जाता है। इससे भटूरे न सिर्फ पूरी तरह फूलते हैं, बल्कि अंदर से बेहद जालीदार और मुलायम भी बनते हैं। 6. मोरु कुलंबू या साउथ इंडियन कढ़ी
जिस तरह उत्तर भारत में कढ़ी प्रसिद्ध है, ठीक उसी तरह दक्षिण भारत में 'मोरु कुलंबू' या 'महरू' बनाया जाता है। इसे छाछ या खट्टे दही की मदद से तैयार किया जाता है। इसमें नारियल, हरी मिर्च और जीरे का एक महीन पेस्ट बनाकर खट्टे दही के साथ पकाया जाता है। आमतौर पर इसमें कद्दू, लौकी या भिंडी जैसी सब्जियों का इस्तेमाल होता है। राई, मेथी दाना और कढ़ी पत्ते का तड़का इसके स्वाद को अनोखा और खुशबूदार बनाता है। इसे सादे चावल के साथ खाया जाता है और यह पेट के लिए भी बेहद हल्का होता है। तो अगली बार जब भी आपके घर में दही खट्टा हो जाए, तो उदास होने के बजाय इनमें से अपनी पसंदीदा रेसिपी चुनिए और अपने परिवार को एक शानदार ट्रीट दीजिए। रसोई की समझदारी इसी में है कि हर स्वाद का सही इस्तेमाल किया जाए।









