भुनी हल्दी है सेहत का खजाना, इन 6 समस्याओं में करती है कमाल

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हल्दी भारतीय रसोई का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसे आयुर्वेद में “प्राकृतिक औषधि” का दर्जा मिला है। हल्दी के अनेक प्रकार के उपयोग प्रचलित हैं—कच्ची हल्दी, हल्दी दूध, हल्दी पाउडर—but "भुनी हुई हल्दी" (Roasted Turmeric) अपने खास गुणों के कारण आजकल स्वास्थ्य जगत में काफी चर्चा में है। इसे न सिर्फ स्वाद के लिए बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।



1. भुनी हुई हल्दी क्या होती है और कैसे बनाएं?

भुनी हुई हल्दी तैयार करने के लिए हल्दी की गांठों को धोकर सुखाया जाता है, फिर धीमी आंच पर सेंक लिया जाता है जब तक कि उसमें हल्की सुगंध और भुरभुरी बनावट न आ जाए। आप इसे कद्दूकस करके या पीसकर पाउडर के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका सेवन दूध, चाय या गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है।



2. पाचन तंत्र को करे मजबूत

भुनी हुई हल्दी पेट के लिए बेहद लाभकारी है। यह पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करती है, जिससे खाना जल्दी पचता है और गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। नियमित सेवन से पेट हल्का और सक्रिय बना रहता है।



3. जोड़ों और हड्डियों के दर्द में राहत

भुनी हल्दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक तत्व गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत देने का काम करते हैं। इसे दूध या गर्म पानी में मिलाकर पीने से शरीर की सूजन कम होती है और हड्डियों की ताकत बढ़ती है।


4. इम्युनिटी बूस्ट करने में असरदार

भुनी हुई हल्दी में करक्यूमिन नामक सक्रिय यौगिक होता है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। यह संक्रमण से लड़ने में मदद करता है और मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी-जुकाम से बचाता है।

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5. डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी

भुनी हल्दी शरीर में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है। यह इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाती है और शरीर की शर्करा को संतुलन में रखती है। हालांकि इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करना अधिक सुरक्षित होता है।


6. त्वचा रोगों में देती है राहत

हल्दी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को साफ रखने में मदद करते हैं। भुनी हुई हल्दी का सेवन रक्त को साफ करता है जिससे त्वचा पर होने वाले मुंहासे, रैशेज और एलर्जी जैसी समस्याओं में आराम मिलता है।


7. कैंसर विरोधी गुणों से भरपूर


भुनी हुई हल्दी में मौजूद करक्यूमिन में कैंसर विरोधी तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में मदद करते हैं। यह शरीर को डीएनए डैमेज से बचाता है और फ्री रेडिकल्स को निष्क्रिय करता है। हालांकि कैंसर जैसी बीमारियों में इसका उपयोग एक सहायक उपचार के रूप में किया जाना चाहिए।


8. भुनी हल्दी का सेवन करने का सही तरीका

  • एक चुटकी भुनी हल्दी को गर्म दूध, चाय या गुनगुने पानी में मिलाकर रोज़ाना सुबह या रात को पी सकते हैं।
  • दिन में एक बार सेवन करना पर्याप्त होता है।
  • अत्यधिक मात्रा में सेवन से पेट में जलन हो सकती है, इसलिए सीमित मात्रा में ही लें।
भुनी हुई हल्दी एक छोटा लेकिन बेहद असरदार उपाय है जो आपकी दिनचर्या में शामिल होकर कई बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ने में मदद कर सकती है। यह न केवल आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी लाभकारी मानी जाती है। अगर आप भी बिना दवा के फिट रहना चाहते हैं तो भुनी हुई हल्दी का सेवन आज से ही शुरू करें।

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