कच्चा और पका हुआ पनीर: जानिए आपको अपनी डाइट में कौन सा शामिल करना चाहिए?
शाकाहारी लोगों के लिए पनीर प्रोटीन के सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा स्रोतों में से एक है। इसे लगभग हर भारतीय घर में खूब खाया जाता है। चाहे इसे कच्चा खाएं, ग्रिल करके खाएं या फिर करी में डालकर, पनीर हाई-प्रोटीन डाइट का एक बेहद अहम हिस्सा है। लेकिन क्या पनीर को पकाने से उसका प्रोटीन कम हो जाता है, या फिर पकाने के बाद इससे ज्यादा प्रोटीन मिलता है?
इसका जवाब सीधे 'हाँ' या 'ना' में नहीं दिया जा सकता। पनीर बनाने और पकाने के तरीके से उसके वजन, कैलोरी और पोषक तत्वों की मात्रा पर असर जरूर पड़ता है, लेकिन कच्चा और पका हुआ दोनों ही तरह का पनीर सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
प्रोटीन के अलावा, पनीर में कैल्शियम, फास्फोरस और हेल्दी फैट्स भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और रोजमर्रा की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं।
ये भी पढ़ें: ढाबा स्टाइल मटर-पनीर की रेसिपी: घर पर ऐसे बनाएं गाढ़ी ग्रेवी वाली सब्जी
वजन के हिसाब से देखें तो पके हुए पनीर में प्रोटीन का घनत्व ज्यादा होता है। पकाने पर पानी उड़ जाता है, जिससे पनीर सूखा और गाढ़ा हो जाता है। इसलिए प्रति ग्राम के हिसाब से पके हुए पनीर में कच्चे के मुकाबले थोड़ा ज्यादा प्रोटीन होता है। लेकिन अगर आप कैलोरी के हिसाब से देखें, तो कच्चे पनीर में ज्यादा प्रोटीन होता है, क्योंकि पकाते समय इस्तेमाल होने वाला तेल या घी उसकी कैलोरी बढ़ा देता है।
आसान शब्दों में कहें तो, पनीर का कुल प्रोटीन लगभग एक समान ही रहता है। बस पकाने से पानी कम हो जाता है जिससे प्रोटीन प्रति ग्राम ज्यादा दिखता है। वहीं, अगर पकाते समय ज्यादा तेल या मक्खन का इस्तेमाल किया जाए तो उसमें कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है।
इसलिए पनीर को हल्का सा सौते (Sauté) करना या करी बनने के बाद आखिर में डालना एक बेहतर तरीका है। इससे इसका स्वाद भी बढ़ता है और पोषण भी बना रहता है।
बेहतर पोषण के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
चाहे आपको कच्चा पनीर पसंद हो या पका हुआ, दोनों ही सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं और आपकी दैनिक प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने में मदद करते हैं। पकाने से सिर्फ उसमें मौजूद पानी की मात्रा कम होती है, प्रोटीन खत्म नहीं होता। पकाने के सेहतमंद तरीके चुनकर और पनीर को बाकी पौष्टिक चीजों के साथ मिलाकर आप अपनी मसल्स और सेहत का बेहतरीन ध्यान रख सकते हैं।
इसका जवाब सीधे 'हाँ' या 'ना' में नहीं दिया जा सकता। पनीर बनाने और पकाने के तरीके से उसके वजन, कैलोरी और पोषक तत्वों की मात्रा पर असर जरूर पड़ता है, लेकिन कच्चा और पका हुआ दोनों ही तरह का पनीर सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
पनीर प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत क्यों है?
प्रति 100 ग्राम पनीर में लगभग 18 से 21 ग्राम प्रोटीन होता है, जो इसे शाकाहारियों के लिए एक शानदार विकल्प बनाता है। यह एक 'कंपलीट प्रोटीन' है, यानी इसमें वे सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड मौजूद होते हैं जो शरीर की ग्रोथ, मसल्स की मरम्मत और ओवरऑल फिटनेस के लिए चाहिए होते हैं।प्रोटीन के अलावा, पनीर में कैल्शियम, फास्फोरस और हेल्दी फैट्स भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और रोजमर्रा की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं।
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कच्चा बनाम पका हुआ पनीर: किसमें है ज्यादा प्रोटीन?
मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा के मुताबिक, पनीर को पकाने से उसका प्रोटीन खत्म नहीं होता, बल्कि सिर्फ उसकी नमी (पानी की मात्रा) बदलती है।वजन के हिसाब से देखें तो पके हुए पनीर में प्रोटीन का घनत्व ज्यादा होता है। पकाने पर पानी उड़ जाता है, जिससे पनीर सूखा और गाढ़ा हो जाता है। इसलिए प्रति ग्राम के हिसाब से पके हुए पनीर में कच्चे के मुकाबले थोड़ा ज्यादा प्रोटीन होता है। लेकिन अगर आप कैलोरी के हिसाब से देखें, तो कच्चे पनीर में ज्यादा प्रोटीन होता है, क्योंकि पकाते समय इस्तेमाल होने वाला तेल या घी उसकी कैलोरी बढ़ा देता है।
आसान शब्दों में कहें तो, पनीर का कुल प्रोटीन लगभग एक समान ही रहता है। बस पकाने से पानी कम हो जाता है जिससे प्रोटीन प्रति ग्राम ज्यादा दिखता है। वहीं, अगर पकाते समय ज्यादा तेल या मक्खन का इस्तेमाल किया जाए तो उसमें कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है।
क्या पकाने से पनीर के पोषण पर असर पड़ता है?
हल्का सा पकाने से प्रोटीन थोड़े टूट जाते हैं, जिससे शरीर के लिए इन्हें पचाना और अवशोषित (अब्जॉर्ब) करना ज्यादा आसान हो जाता है। हालांकि, बहुत ज्यादा तलने या बहुत देर तक पकाने से इसका स्वाद, बनावट और गर्मी से नष्ट होने वाले कुछ पोषक तत्व कम हो सकते हैं।इसलिए पनीर को हल्का सा सौते (Sauté) करना या करी बनने के बाद आखिर में डालना एक बेहतर तरीका है। इससे इसका स्वाद भी बढ़ता है और पोषण भी बना रहता है।
पनीर के प्रोटीन को बरकरार रखने के बेहतरीन तरीके
डाइटिशियन प्राची जैन की सलाह है कि सिर्फ पनीर पर निर्भर रहने के बजाय दिनभर में अलग-अलग हेल्दी प्रोटीन स्रोतों को डाइट में शामिल करना चाहिए।बेहतर पोषण के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- पनीर को डीप-फ्राई करने की बजाय नॉन-स्टिक पैन में हल्के जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) या देसी घी में हल्का सा रोस्ट कर लें।
- कच्चे पनीर को बिना ज्यादा पकाए सॉफ्ट करने के लिए 20 से 30 सेकंड के लिए माइक्रोवेव कर सकते हैं।
- उबलती हुई करी में पनीर को गैस बंद करने से ठीक पहले डालें ताकि वह बहुत देर तक न पके।
- पनीर को रोटी, क्विनोआ या ब्राउन राइस जैसे अनाज के साथ खाएं।
- एक बैलेंस्ड डाइट के लिए पनीर के साथ दालें, बीन्स और सब्जियां भी शामिल करें।
- वैरायटी के लिए पनीर को सलाद, रैप्स, सैंडविच या करी में मिला सकते हैं।
- कच्चे पनीर को फलों या ड्राई फ्रूट्स के साथ एक हेल्दी स्नैक के रूप में खाएं।
- अगर आप कैलोरी का ध्यान रख रहे हैं, तो लो-फैट पनीर का चुनाव करें।
चाहे आपको कच्चा पनीर पसंद हो या पका हुआ, दोनों ही सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं और आपकी दैनिक प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने में मदद करते हैं। पकाने से सिर्फ उसमें मौजूद पानी की मात्रा कम होती है, प्रोटीन खत्म नहीं होता। पकाने के सेहतमंद तरीके चुनकर और पनीर को बाकी पौष्टिक चीजों के साथ मिलाकर आप अपनी मसल्स और सेहत का बेहतरीन ध्यान रख सकते हैं।





