हिमालय को 'यंग फोल्ड माउंटेन्स' क्यों कहते हैं? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी
दुनिया के सबसे शानदार कुदरती अजूबों में से एक हिमालय न केवल अपनी ऊंचाई बल्कि अपनी बनावट की वजह से भी खास है। भूगोल की दुनिया में इन्हें 'यंग फोल्ड माउंटेन्स' यानी नई वलित पर्वतमाला कहा जाता है। यह नाम उन पहाड़ों को दिया जाता है जो धरती के इतिहास में कुछ ही समय पहले टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने और मुड़ने से बने हैं।
हिमालय को यंग फोल्ड माउंटेन्स क्यों कहते हैं?
हिमालय को यंग फोल्ड माउंटेन्स इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनका निर्माण लगभग 5 करोड़ साल पहले हुआ था। धरती की उम्र के हिसाब से यह समय बहुत पुराना नहीं है। इनके नुकीले शिखर, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और खड़ी ढलानें बताती हैं कि हवा और पानी की वजह से अभी इनका ज्यादा कटाव नहीं हुआ है। इसकी तुलना में अरावली जैसी पुरानी पर्वतमालाएं करोड़ों साल पुरानी होने की वजह से अब घिसकर छोटी और गोल दिखने लगी हैं।
"फोल्ड माउंटेन्स" शब्द इन पहाड़ों के बनने के तरीके को बताता है। जब भारत की टेक्टोनिक प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकराई, तो चट्टानों की बड़ी-बड़ी परतें दबाव की वजह से ऊपर की ओर मुड़ गईं (फोल्ड हो गईं)। इसी वजह से ऊंचे हिमालय का जन्म हुआ। यह प्रक्रिया आज भी जारी है, इसीलिए इस क्षेत्र में भूकंप आते रहते हैं और पहाड़ ऊंचे होते जा रहे हैं।
हिमालय कैसे बने?
टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर
करीब 5 करोड़ साल पहले भारतीय प्लेट उत्तर की ओर बढ़ी और यूरेशियन प्लेट से जा टकराई। इस जबरदस्त टक्कर और दबाव की वजह से धरती की ऊपरी परत मुड़कर ऊपर उठने लगी और हिमालय पर्वत बन गए।
फोल्ड माउंटेन्स का बनना
दबाव पड़ने पर चट्टानें टूटने के बजाय आपस में मुड़ गईं। इन मोड़ों (फोल्ड्स) ने बड़ी-बड़ी चोटियों और पहाड़ियों को जन्म दिया जिन्हें हम आज देखते हैं।
आज भी बढ़ रहे हैं पहाड़
आज भी भारतीय प्लेट हर साल करीब 5 सेंटीमीटर खिसक रही है। इसकी वजह से हिमालय की ऊंचाई हर साल लगभग 1 से 2 सेंटीमीटर बढ़ जाती है। इसी कारण ये दुनिया के सबसे सक्रिय पहाड़ों में गिने जाते हैं।
ये भी पढ़ें: क्या आपने देखा है हिमालय का अनोखा 'पिरामिड'? एडवेंचर के शौकीनों की पहली पसंद है यह चोटी
हिमालय से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य
एवरेस्ट की बढ़ती ऊंचाई
वैज्ञानिकों ने पाया है कि टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने की वजह से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट हर साल कुछ मिलीमीटर ऊंची हो जाती है।
सबसे ऊंची चोटियों का घर
दुनिया की 10 सबसे ऊंची चोटियों में से 9 हिमालय में ही मौजूद हैं, जो इसकी विशालता को दर्शाता है।
बड़ी नदियों का जरिया
गंगा, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी बड़ी नदियां हिमालय से ही निकलती हैं और करीब 150 करोड़ लोगों का सहारा हैं।
भूकंप का इलाका
इस क्षेत्र में बार-बार आने वाले भूकंप बताते हैं कि हिमालय के नीचे आज भी हलचल जारी है।
हिमालय को यंग फोल्ड माउंटेन्स इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये टेक्टोनिक प्लेटों के मुड़ने से बने हैं और आज भी बढ़ रहे हैं। अपनी गगनचुंबी ऊंचाई और खास बनावट की वजह से ये धरती के सबसे रोमांचक पहाड़ हैं।
हिमालय को यंग फोल्ड माउंटेन्स क्यों कहते हैं?
हिमालय को यंग फोल्ड माउंटेन्स इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनका निर्माण लगभग 5 करोड़ साल पहले हुआ था। धरती की उम्र के हिसाब से यह समय बहुत पुराना नहीं है। इनके नुकीले शिखर, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और खड़ी ढलानें बताती हैं कि हवा और पानी की वजह से अभी इनका ज्यादा कटाव नहीं हुआ है। इसकी तुलना में अरावली जैसी पुरानी पर्वतमालाएं करोड़ों साल पुरानी होने की वजह से अब घिसकर छोटी और गोल दिखने लगी हैं। "फोल्ड माउंटेन्स" शब्द इन पहाड़ों के बनने के तरीके को बताता है। जब भारत की टेक्टोनिक प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकराई, तो चट्टानों की बड़ी-बड़ी परतें दबाव की वजह से ऊपर की ओर मुड़ गईं (फोल्ड हो गईं)। इसी वजह से ऊंचे हिमालय का जन्म हुआ। यह प्रक्रिया आज भी जारी है, इसीलिए इस क्षेत्र में भूकंप आते रहते हैं और पहाड़ ऊंचे होते जा रहे हैं।
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हिमालय कैसे बने?
टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर करीब 5 करोड़ साल पहले भारतीय प्लेट उत्तर की ओर बढ़ी और यूरेशियन प्लेट से जा टकराई। इस जबरदस्त टक्कर और दबाव की वजह से धरती की ऊपरी परत मुड़कर ऊपर उठने लगी और हिमालय पर्वत बन गए।
फोल्ड माउंटेन्स का बनना
दबाव पड़ने पर चट्टानें टूटने के बजाय आपस में मुड़ गईं। इन मोड़ों (फोल्ड्स) ने बड़ी-बड़ी चोटियों और पहाड़ियों को जन्म दिया जिन्हें हम आज देखते हैं।
आज भी बढ़ रहे हैं पहाड़
आज भी भारतीय प्लेट हर साल करीब 5 सेंटीमीटर खिसक रही है। इसकी वजह से हिमालय की ऊंचाई हर साल लगभग 1 से 2 सेंटीमीटर बढ़ जाती है। इसी कारण ये दुनिया के सबसे सक्रिय पहाड़ों में गिने जाते हैं।
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हिमालय से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य
एवरेस्ट की बढ़ती ऊंचाई वैज्ञानिकों ने पाया है कि टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने की वजह से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट हर साल कुछ मिलीमीटर ऊंची हो जाती है।
सबसे ऊंची चोटियों का घर
दुनिया की 10 सबसे ऊंची चोटियों में से 9 हिमालय में ही मौजूद हैं, जो इसकी विशालता को दर्शाता है।
बड़ी नदियों का जरिया
गंगा, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी बड़ी नदियां हिमालय से ही निकलती हैं और करीब 150 करोड़ लोगों का सहारा हैं।
भूकंप का इलाका
इस क्षेत्र में बार-बार आने वाले भूकंप बताते हैं कि हिमालय के नीचे आज भी हलचल जारी है।
हिमालय को यंग फोल्ड माउंटेन्स इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये टेक्टोनिक प्लेटों के मुड़ने से बने हैं और आज भी बढ़ रहे हैं। अपनी गगनचुंबी ऊंचाई और खास बनावट की वजह से ये धरती के सबसे रोमांचक पहाड़ हैं।









