घर पर सकुलेंट्स की देखभाल कैसे करें? जानें सही तरीका
छोटे और दिखने में बेहद खूबसूरत सकुलेंट्स आजकल हर घर और ऑफिस की बालकनी या स्टडी टेबल पर नजर आ जाते हैं। ये पौधे देखने में जितने आकर्षक लगते हैं, इन्हें संभालना भी उतना ही आसान माना जाता है। लेकिन कई बार लोग जानकारी के अभाव में एक ही गलती दोहराते हैं, और वह है जरूरत से ज्यादा पानी देना। सकुलेंट्स की पत्तियां पहले से ही मोटी और रसीली होती हैं, जिसका मतलब है कि वे अपने भीतर पानी जमा करके रखती हैं। ऐसे में थोड़ा सा भी ज्यादा पानी इनकी जड़ों को गला सकता है।
अगर आपके घर में रखे सकुलेंट्स की पत्तियां भी पीली पड़कर गलने लगी हैं या पौधा बेजान दिख रहा है, तो आपको तुरंत सतर्क हो जाने की जरूरत है। आइए जानते हैं कि अपने प्यारे सकुलेंट्स को खराब होने से कैसे बचाया जाए।
इन छोटी-छोटी सावधानियों को ध्यान में रखकर आप अपने सकुलेंट्स को लंबे समय तक हरा-भरा और खूबसूरत बनाए रख सकते हैं।
अगर आपके घर में रखे सकुलेंट्स की पत्तियां भी पीली पड़कर गलने लगी हैं या पौधा बेजान दिख रहा है, तो आपको तुरंत सतर्क हो जाने की जरूरत है। आइए जानते हैं कि अपने प्यारे सकुलेंट्स को खराब होने से कैसे बचाया जाए।
1. पानी देने का 'फिंगर टेस्ट' नियम अपनाएं
सकुलेंट्स में कभी भी नियम बनाकर या रोज पानी न डालें। पानी देने से पहले हमेशा मिट्टी की जांच करें। अपनी उंगली को मिट्टी में लगभग 1-2 इंच गहराई तक डालें। अगर मिट्टी पूरी तरह से सूखी और सूखी महसूस हो, तभी पानी दें। अगर मिट्टी में जरा सी भी नमी महसूस होती है, तो पानी देने के लिए कुछ दिन और रुक जाएं।You may also like
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2. सही गमला और वेल-ड्रेंड मिट्टी चुनें
सकुलेंट्स के लिए मिट्टी का सही होना सबसे जरूरी है। सामान्य बगीचे की मिट्टी पानी को रोककर रखती है, जिससे जड़ें सड़ने लगती हैं। इनके लिए ऐसी मिट्टी बनाएं जिसमें 50% रेतीली मिट्टी, बजरी या पर्लाइट मिला हो ताकि पानी डालते ही नीचे से निकल जाए। इसके अलावा, गमले के नीचे छेद (Drainage Hole) होना बेहद जरूरी है ताकि फालतू पानी आसानी से बाहर निकल सके।3. सूखी पत्तियों को तुरंत हटाएं
पौधे के निचले हिस्से में अगर कोई पत्ती पीली, काली या गल चुकी है, तो उसे तुरंत काटकर अलग कर दें। सड़ी हुई पत्तियां पूरे पौधे में फंगस फैला सकती हैं। अगर तना सड़ना शुरू हो गया है, तो पौधे के ऊपरी स्वस्थ हिस्से को काटकर नई मिट्टी में लगाकर नया पौधा तैयार किया जा सकता है।4. सही रोशनी और हवा का रखें ध्यान
हालाँकि सकुलेंट्स को इनडोर प्लांट माना जाता है, लेकिन इन्हें हर दिन 3 से 4 घंटे की अप्रत्यक्ष (Indirect) धूप की जरूरत होती है। इन्हें एकदम अंधेरे वाले कमरे में न रखें। जहां थोड़ी हवा का आना-जाना हो और हल्की धूप आती हो, वहां यह पौधे बहुत अच्छे से पनपते हैं।इन छोटी-छोटी सावधानियों को ध्यान में रखकर आप अपने सकुलेंट्स को लंबे समय तक हरा-भरा और खूबसूरत बनाए रख सकते हैं।





