मोजों की बदबू नहीं जा रही? वॉशिंग मशीन में धोने से पहले अपनाएं ये आसान ट्रिक
मोजों की बदबू कई बार उन्हें अच्छी तरह धोने के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं होती। पूरे दिन जूते पहनने से मोजों में पसीना, नमी और गंदगी जमा हो जाती है, जो दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया के लिए अनुकूल माहौल बनाती है। यही वजह है कि सामान्य डिटर्जेंट से धोने के बाद भी कुछ मोजों में गंध बनी रह सकती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो वॉशिंग मशीन में डालने से पहले एक आसान घरेलू तरीका आजमाया जा सकता है।
इसके लिए आपको किसी महंगे लॉन्ड्री प्रोडक्ट की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद सफेद सिरका (White Vinegar) मोजों की जिद्दी गंध को कम करने में मदद कर सकता है। इसे सही तरीके से इस्तेमाल करने पर मोजों को धोने से पहले एक अतिरिक्त ट्रीटमेंट दिया जा सकता है।
सिर्फ पानी और डिटर्जेंट से धोने पर ज्यादातर गंदगी निकल जाती है, लेकिन कभी-कभी गंध से जुड़े अवशेष कपड़े के रेशों में रह जाते हैं। इसलिए साफ दिखने वाले मोजों से भी दुर्गंध आ सकती है।
जब सिरके का हल्का इस्तेमाल मोजों के उन हिस्सों पर किया जाता है जहां पसीना और नमी अधिक जमा होती है, तो यह सामान्य धुलाई से पहले एक अतिरिक्त सफाई कदम की तरह काम कर सकता है।
हालांकि, सिरका डिटर्जेंट का विकल्प नहीं है। मोजों को इसके बाद सामान्य तरीके से धोना जरूरी है।
इसके लिए एक टब में गुनगुना पानी लें और उसमें करीब 2 कप सफेद सिरका मिलाएं। अब मोजों को इस घोल में लगभग 20 से 30 मिनट तक रखें। इसके बाद उन्हें साफ पानी से धोकर सामान्य डिटर्जेंट के साथ वॉशिंग मशीन में धो लें।
ध्यान रखें कि यह भी नियमित डिटर्जेंट वॉश का विकल्प नहीं है। सिरके में भिगोने के बाद मोजों को अच्छी तरह धोना जरूरी है।
इसलिए अगर आप इस घरेलू ट्रिक को आजमा रहे हैं, तो सिरके को सीधे मोजों पर हल्के स्प्रे या प्री-सोकिंग के लिए इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
अगर पैरों से लगातार तेज दुर्गंध आती है और इसके साथ खुजली, लालिमा, त्वचा का छिलना या अन्य परेशानी भी हो, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
इसके लिए आपको किसी महंगे लॉन्ड्री प्रोडक्ट की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद सफेद सिरका (White Vinegar) मोजों की जिद्दी गंध को कम करने में मदद कर सकता है। इसे सही तरीके से इस्तेमाल करने पर मोजों को धोने से पहले एक अतिरिक्त ट्रीटमेंट दिया जा सकता है।
मोजों से बदबू क्यों आती है?
जूते और मोजे लंबे समय तक पहनने पर पैरों से निकलने वाला पसीना और नमी मोजों के रेशों में जमा हो जाती है। इसी नमी वाले वातावरण में बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं। बैक्टीरिया पसीने में मौजूद कुछ पदार्थों को तोड़ते हैं, जिससे अप्रिय गंध पैदा हो सकती है।सिर्फ पानी और डिटर्जेंट से धोने पर ज्यादातर गंदगी निकल जाती है, लेकिन कभी-कभी गंध से जुड़े अवशेष कपड़े के रेशों में रह जाते हैं। इसलिए साफ दिखने वाले मोजों से भी दुर्गंध आ सकती है।
सफेद सिरका मोजों की बदबू कम करने में कैसे मदद करता है?
व्हाइट विनेगर में एसिटिक एसिड होता है, जिसमें कुछ एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। यह ऐसे सूक्ष्मजीवों की मात्रा कम करने में मदद कर सकता है जो अप्रिय गंध से जुड़े होते हैं।जब सिरके का हल्का इस्तेमाल मोजों के उन हिस्सों पर किया जाता है जहां पसीना और नमी अधिक जमा होती है, तो यह सामान्य धुलाई से पहले एक अतिरिक्त सफाई कदम की तरह काम कर सकता है।
हालांकि, सिरका डिटर्जेंट का विकल्प नहीं है। मोजों को इसके बाद सामान्य तरीके से धोना जरूरी है।
मोजों की बदबू दूर करने के लिए कैसे करें सिरके का इस्तेमाल?
इस आसान ट्रिक को आजमाने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:- एक साफ स्प्रे बोतल लें और उसमें सफेद सिरका भरें।
- मोजों के तलवे और पैर की उंगलियों वाले हिस्से पर हल्का स्प्रे करें।
- मोजों को इतना ही नम करें कि सिरका कपड़े के संपर्क में आए; उन्हें पूरी तरह भिगोने की जरूरत नहीं है।
- अब मोजों को करीब 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें।
- इसके बाद उन्हें सामान्य डिटर्जेंट के साथ वॉशिंग मशीन में धो लें।
- धुलाई के बाद मोजों को अच्छी तरह सुखाएं, खासकर ऐसी जगह जहां पर्याप्त हवा और रोशनी हो।
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बहुत ज्यादा बदबू हो तो क्या करें?
अगर मोजों से गंध काफी तेज है, तो स्प्रे करने के बजाय उन्हें सिरके के घोल में थोड़ी देर भिगोया जा सकता है।इसके लिए एक टब में गुनगुना पानी लें और उसमें करीब 2 कप सफेद सिरका मिलाएं। अब मोजों को इस घोल में लगभग 20 से 30 मिनट तक रखें। इसके बाद उन्हें साफ पानी से धोकर सामान्य डिटर्जेंट के साथ वॉशिंग मशीन में धो लें।
ध्यान रखें कि यह भी नियमित डिटर्जेंट वॉश का विकल्प नहीं है। सिरके में भिगोने के बाद मोजों को अच्छी तरह धोना जरूरी है।
वॉशिंग मशीन में सीधे सिरका डालना सही है?
मोजों की बदबू दूर करने के लिए सिरके का इस्तेमाल करते समय इसकी मात्रा और जगह का ध्यान रखना जरूरी है। सिरके को लंबे समय तक बार-बार सीधे वॉशिंग मशीन के ड्रम या फैब्रिक सॉफ्टनर डिस्पेंसर में डालना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि इसकी अम्लीय प्रकृति कुछ रबर सील और मशीन के हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकती है।इसलिए अगर आप इस घरेलू ट्रिक को आजमा रहे हैं, तो सिरके को सीधे मोजों पर हल्के स्प्रे या प्री-सोकिंग के लिए इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
मोजों में दोबारा बदबू आने से कैसे रोकें?
सिर्फ धुलाई पर ध्यान देने के बजाय कुछ रोजमर्रा की आदतें भी मोजों की दुर्गंध कम रखने में मदद कर सकती हैं:- मोजों को लंबे समय तक पहनने के बजाय रोज बदलें।
- पसीने वाले मोजों को गीले या बंद स्थान पर न छोड़ें।
- इस्तेमाल के बाद मोजों को पहले हवा लगने दें।
- धोने के बाद उन्हें पूरी तरह सुखाएं।
- जूतों को भी समय-समय पर अच्छी तरह हवा लगने दें।
- बहुत ज्यादा पसीना आने पर पैरों को साफ और सूखा रखने पर ध्यान दें।
अगर पैरों से लगातार तेज दुर्गंध आती है और इसके साथ खुजली, लालिमा, त्वचा का छिलना या अन्य परेशानी भी हो, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।





