बच्चों की झूठ बोलने की आदत छुड़ाना है? जानिए सबसे असरदार टिप्स
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अगर आपका बच्चा भी छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलने लगा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सही तरीके से समझाने पर बच्चे की ये आदत धीरे-धीरे सुधर सकती है। बच्चों की परवरिश में प्यार, धैर्य और समझदारी बहुत जरूरी होती है। डांट-फटकार से बच्चा सुधरने की बजाय और ज्यादा गलत रास्ते पर जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप सही तरीके से बच्चे को सच बोलने की आदत सिखाएं। आइए जानते हैं कुछ आसान और कारगर टिप्स जो आपके बच्चे को झूठ बोलने से रोक सकते हैं।
1. प्यार से समझाएं
जब भी बच्चा झूठ बोले, उसे डांटने या मारने की जगह प्यार से बात करें। उसे यह समझाएं कि सच बोलने से हमेशा भरोसा बनता है और झूठ बोलने से रिश्ते कमजोर हो जाते हैं। आप उसे कहानियों के जरिए भी सिखा सकते हैं कि कैसे सच बोलना जिंदगी में जरूरी है। प्यार से दी गई सीख बच्चे के मन में गहराई से बैठती है।
2. खुद बनें अच्छा उदाहरण
बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने आसपास देखते हैं। अगर पैरेंट्स खुद झूठ बोलते हैं, तो बच्चे भी वही आदतें अपनाते हैं। इसलिए पहले खुद ईमानदारी से पेश आएं। अगर आप छोटी-छोटी बातों में भी सच्चाई दिखाएंगे, तो बच्चा भी आपसे प्रेरणा लेकर सच बोलना सीखेगा।
3. सच बोलने पर दें तारीफ
अगर बच्चा अपनी गलती को स्वीकार कर लेता है या सच बोलता है, तो उसकी तारीफ करें। उसे एहसास कराएं कि सच बोलना बहादुरी का काम है। तारीफ सुनकर बच्चा अगली बार भी सच बोलने की कोशिश करेगा। अगर वह सच बोलने के बाद डांट खाने से डरता रहेगा, तो फिर झूठ बोलना उसकी मजबूरी बन सकती है।
4. घर का माहौल रखें पॉजिटिव
बच्चों को खुलकर बात करने का माहौल दें। अगर बच्चा आपसे किसी गलती या डर को शेयर कर सके, तो वह झूठ बोलने की जरूरत महसूस नहीं करेगा। जब पैरेंट्स बच्चों को हर हाल में सपोर्ट करते हैं, तो बच्चे भी सच बोलने में हिचकिचाते नहीं हैं।
5. धैर्य रखें और समय दें
बच्चों की आदतें एक दिन में नहीं बदलतीं। इसलिए अगर बच्चा अभी भी कभी-कभी झूठ बोलता है, तो उसे समय दें। प्यार, सही उदाहरण और लगातार सही सीख से बच्चे में धीरे-धीरे सुधार आने लगेगा।
बच्चों की झूठ बोलने की आदत को छुड़ाने के लिए समझदारी, धैर्य और सही दिशा-निर्देश की जरूरत होती है। यदि आप प्यार से उनसे बात करें, उन्हें सच्चाई की अहमियत समझाएं, और उदाहरण पेश करें, तो यह आदत धीरे-धीरे ठीक हो सकती है।
1. प्यार से समझाएं
जब भी बच्चा झूठ बोले, उसे डांटने या मारने की जगह प्यार से बात करें। उसे यह समझाएं कि सच बोलने से हमेशा भरोसा बनता है और झूठ बोलने से रिश्ते कमजोर हो जाते हैं। आप उसे कहानियों के जरिए भी सिखा सकते हैं कि कैसे सच बोलना जिंदगी में जरूरी है। प्यार से दी गई सीख बच्चे के मन में गहराई से बैठती है।
2. खुद बनें अच्छा उदाहरण
बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने आसपास देखते हैं। अगर पैरेंट्स खुद झूठ बोलते हैं, तो बच्चे भी वही आदतें अपनाते हैं। इसलिए पहले खुद ईमानदारी से पेश आएं। अगर आप छोटी-छोटी बातों में भी सच्चाई दिखाएंगे, तो बच्चा भी आपसे प्रेरणा लेकर सच बोलना सीखेगा।
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3. सच बोलने पर दें तारीफ
अगर बच्चा अपनी गलती को स्वीकार कर लेता है या सच बोलता है, तो उसकी तारीफ करें। उसे एहसास कराएं कि सच बोलना बहादुरी का काम है। तारीफ सुनकर बच्चा अगली बार भी सच बोलने की कोशिश करेगा। अगर वह सच बोलने के बाद डांट खाने से डरता रहेगा, तो फिर झूठ बोलना उसकी मजबूरी बन सकती है।
4. घर का माहौल रखें पॉजिटिव
बच्चों को खुलकर बात करने का माहौल दें। अगर बच्चा आपसे किसी गलती या डर को शेयर कर सके, तो वह झूठ बोलने की जरूरत महसूस नहीं करेगा। जब पैरेंट्स बच्चों को हर हाल में सपोर्ट करते हैं, तो बच्चे भी सच बोलने में हिचकिचाते नहीं हैं।
5. धैर्य रखें और समय दें
बच्चों की आदतें एक दिन में नहीं बदलतीं। इसलिए अगर बच्चा अभी भी कभी-कभी झूठ बोलता है, तो उसे समय दें। प्यार, सही उदाहरण और लगातार सही सीख से बच्चे में धीरे-धीरे सुधार आने लगेगा।
बच्चों की झूठ बोलने की आदत को छुड़ाने के लिए समझदारी, धैर्य और सही दिशा-निर्देश की जरूरत होती है। यदि आप प्यार से उनसे बात करें, उन्हें सच्चाई की अहमियत समझाएं, और उदाहरण पेश करें, तो यह आदत धीरे-धीरे ठीक हो सकती है।