त्वचा और बालों के लिए चाय: खूबसूरती बढ़ाने वाली 5 हर्बल टी
चाय सिर्फ थकान मिटाने या दिन की शुरुआत करने का जरिया नहीं है। त्वचा और बालों के लिए चाय भी आपकी डाइट का एक उपयोगी हिस्सा बन सकती है। ग्रीन टी , हिबिस्कस, रोजहिप, कैमोमाइल और पेपरमिंट जैसी हर्बल टी में एंटीऑक्सिडेंट और दूसरे पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर को ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इन्हें किसी त्वचा या बालों की बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
ग्रीन टी त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने और कोलाजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सपोर्ट करने में मदद कर सकती है। ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए भी यह एक दिलचस्प विकल्प है, क्योंकि इसमें मौजूद पौधों के यौगिक त्वचा के ऑयल और इंफ्लेमेशन से जुड़े कुछ पहलुओं को प्रभावित कर सकते हैं।
हिबिस्कस में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व भी शरीर के लिए जरूरी हैं। हालांकि, किसी पोषक तत्व की कमी होने पर केवल हिबिस्कस टी को उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
रोजहिप में विटामिन C के साथ कैरोटेनॉयड और पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभाते हैं। त्वचा की सामान्य सेहत और उसकी प्राकृतिक चमक को सपोर्ट करने के लिए रोजहिप टी को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
कैमोमाइल को अक्सर रिलैक्सेशन और नींद से जुड़े रूटीन में इस्तेमाल किया जाता है। बेहतर नींद आपकी ओवरऑल हेल्थ के साथ त्वचा और शरीर की रिकवरी के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसलिए इसे रात के समय अपने आरामदायक रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।
पेपरमिंट में मौजूद प्राकृतिक यौगिक इसे एक रिफ्रेशिंग हर्बल ड्रिंक बनाते हैं। अगर आपकी स्किन ऑयली रहती है, तो संतुलित डाइट और सही स्किनकेयर रूटीन के साथ इसे अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
साथ ही, चाय में जरूरत से ज्यादा शहद या चीनी मिलाने से बचें। पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक आहार लेना, अच्छी नींद और सही स्किन-हेयर केयर रूटीन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
हर्बल चाय त्वचा और बालों के लिए क्यों खास है?
हर्बल टी में मौजूद अलग-अलग प्राकृतिक यौगिक आपकी ओवरऑल हेल्थ के साथ त्वचा और बालों की सेहत को भी सपोर्ट कर सकते हैं। नियमित और संतुलित डाइट के साथ इनका सेवन करने से कुछ संभावित फायदे मिल सकते हैं, जैसे:- त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में मदद
- शरीर में हाइड्रेशन बढ़ाने में योगदान
- ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाव में सहायता
- त्वचा की इलास्टिसिटी को सपोर्ट करना
- स्कैल्प और बालों की सेहत को सपोर्ट करना
1. ग्रीन टी: एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर विकल्प
ग्रीन टी को हेल्थ और वेलनेस ड्रिंक्स में खास जगह मिली हुई है। इसमें कैटेचिन और EGCG जैसे एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से निपटने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि इसे त्वचा की हेल्थ के लिए भी उपयोगी माना जाता है।ग्रीन टी त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने और कोलाजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सपोर्ट करने में मदद कर सकती है। ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए भी यह एक दिलचस्प विकल्प है, क्योंकि इसमें मौजूद पौधों के यौगिक त्वचा के ऑयल और इंफ्लेमेशन से जुड़े कुछ पहलुओं को प्रभावित कर सकते हैं।
ग्रीन टी कैसे बनाएं?
एक कप पानी को उबालें और गैस बंद कर दें। पानी को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर उसमें लगभग एक चम्मच ग्रीन टी डालें। इसे कुछ मिनट ढककर रखें और छान लें। स्वाद के लिए थोड़ा नींबू या शहद मिला सकते हैं।2. हिबिस्कस टी : त्वचा की इलास्टिसिटी के लिए
चटक रंग वाले हिबिस्कस फूल से बनने वाली चाय स्वाद के साथ कई प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट भी प्रदान करती है। इसमें विटामिन C समेत कई पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं, जो त्वचा और बालों की सामान्य सेहत को सपोर्ट कर सकते हैं।हिबिस्कस में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व भी शरीर के लिए जरूरी हैं। हालांकि, किसी पोषक तत्व की कमी होने पर केवल हिबिस्कस टी को उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
हिबिस्कस टी कैसे बनाएं?
2-3 सूखे या ताजे हिबिस्कस फूलों को एक कप गर्म पानी में डालकर कुछ मिनट उबालें। स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू की एक छोटी स्लाइस डाल सकते हैं। इसे गर्म या ठंडा, दोनों तरह से पिया जा सकता है।3. रोजहिप टी : विटामिन C का प्राकृतिक स्रोत
रोजहिप दरअसल गुलाब के पौधे पर फूल आने के बाद बनने वाला छोटा फल है। इसका रंग लाल या नारंगी हो सकता है और इससे बनने वाली चाय भी खूबसूरत रंग लेती है।रोजहिप में विटामिन C के साथ कैरोटेनॉयड और पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभाते हैं। त्वचा की सामान्य सेहत और उसकी प्राकृतिक चमक को सपोर्ट करने के लिए रोजहिप टी को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
रोजहिप टी कैसे बनाएं?
एक कप पानी में 1-2 चम्मच सूखे रोजहिप डालें और धीमी आंच पर करीब 5 मिनट पकाएं। गैस बंद करने के बाद इसे कुछ मिनट ढककर रखें। फिर छानकर इसमें थोड़ा नींबू या शहद मिलाकर पी सकते हैं।4. कैमोमाइल टी : रात के रूटीन के लिए बेहतर
अगर आप दिन खत्म होने के बाद एक शांत और हल्की चाय चाहते हैं, तो कैमोमाइल टी अच्छा विकल्प हो सकती है। कैमोमाइल में एपिजेनिन और फ्लेवोनॉइड जैसे पौधों के यौगिक पाए जाते हैं और इसमें एंटीऑक्सिडेंट गुण भी होते हैं।कैमोमाइल को अक्सर रिलैक्सेशन और नींद से जुड़े रूटीन में इस्तेमाल किया जाता है। बेहतर नींद आपकी ओवरऑल हेल्थ के साथ त्वचा और शरीर की रिकवरी के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसलिए इसे रात के समय अपने आरामदायक रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।
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कैमोमाइल टी कैसे बनाएं?
एक कप पानी गर्म करके गैस बंद करें। इसमें करीब 2 चम्मच सूखे कैमोमाइल फूल डालें और कप को ढक दें। लगभग 5 मिनट बाद इसे छान लें। जरूरत के अनुसार थोड़ा शहद मिलाकर इसका आनंद ले सकते हैं।5. पेपरमिंट टी : ऑयली स्किन वालों के लिए विकल्प
पेपरमिंट टी अपनी ताजगी और ठंडक वाले स्वाद के लिए लोकप्रिय है। कुछ शोधों में पेपरमिंट और हार्मोन से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया है, हालांकि मुंहासों या बाल झड़ने जैसी समस्याओं के इलाज के लिए इसे अकेले पर्याप्त नहीं माना जा सकता।पेपरमिंट में मौजूद प्राकृतिक यौगिक इसे एक रिफ्रेशिंग हर्बल ड्रिंक बनाते हैं। अगर आपकी स्किन ऑयली रहती है, तो संतुलित डाइट और सही स्किनकेयर रूटीन के साथ इसे अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
पेपरमिंट टी कैसे बनाएं?
एक कप पानी उबालें और उसमें 5-6 ताजी पेपरमिंट पत्तियां डालें। चाहें तो एक चम्मच सूखी पेपरमिंट टी भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे कुछ मिनट ढककर रखें और फिर छानकर पिएं।क्या हर्बल टी से बाल और त्वचा की समस्या दूर हो सकती है?
हर्बल टी को त्वचा और बालों की सेहत के लिए सपोर्टिव डाइट विकल्प की तरह देखा जाना चाहिए, न कि किसी बीमारी के इलाज के रूप में। मुंहासे, लगातार बाल झड़ना, स्कैल्प में सूजन या त्वचा संबंधी दूसरी परेशानियां लंबे समय तक बनी रहें तो डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।साथ ही, चाय में जरूरत से ज्यादा शहद या चीनी मिलाने से बचें। पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक आहार लेना, अच्छी नींद और सही स्किन-हेयर केयर रूटीन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।





